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एलिवेटेड रोड के बोर्ड पर लिखा दावा झूठा है...खुद ही रहें अलर्ट
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आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं! एलिवेटेड रोड लिखे यह झूठे दावे सुरक्षा के प्रति पुलिस-प्रशासन के नजरिए पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं। गाजियाबाद की अति महत्वाकंाक्षी योजना की सुरक्षा पर कई बार बातें हुईं पर काम नहीं हुआ। बड़े हादसे और लूट की वारदातें होने के बावजूद सिस्टम की नींद नहीं टूटी।
शहर में 10.3 किमी लंबी एलिवेटेड रोड यूपी गेट को राजनगर एक्सटेंशन से जोडने वाली है। यह देश में सिंगल पिलर पर बनने वाली पहली एलिवेटेड रोड है जो करीब 1147 करोड़ रुपये की लागत से मार्च 2018 में तैयार हुई थी। दिल्ली से गाजियाबाद, मेरठ की तरफ जाने के लिए यह महत्वपूर्ण रोड है। अधिकांश वीवीआईपी और वीआईपी इसी एलिवेटेड रोड से दिल्ली आते-जाते हैं। यहां सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के दावे किए गए पर बोर्ड लगाकर ही औपचिारकता पूरी कर ली गई। इस रोड पर कहीं पर भी सीसीटीवी नहीं होना सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। यहां कुछ वाहन चालक निर्धारित गति से अधिक गति से वाहन चलाते हैं तो कई लोग स्टंट करते हुए रांग साइड भी जाते हैं। कई लोग चलती कारों में शराब भी पीते हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई न होने से सड़क हादसा होने का खतरा लगातार बना हुआ है। कुछ समय पूर्व इंदिरापुरम निवासी यूट्यूबर अपने दोस्तों के साथ वीडियो बनाकर सुबह घर लौट रहे थे। रास्ते में पुलिस की वर्दी पहने आए बदमाशों ने चेकिंग के लिए कार रोकी इसके बाद गोली मारने की धमकी देकर कार और चेन लूट कर फरार हो गए। वहीं राजनगर एक्सटेंशन से दिल्ली जाने वाले एलिवेटेड रोड की लेन बंद है। इस पर भी रोडवेज बस और एक ट्राला रांग साइड फर्राटा भरते हुए देखा गया।
आईटीएमएस के तहत यहां सीसीटीवी कैमरे लगने हैं। सर्वे का काम हो गया है। फिलहाल एलिवेटेड रोड की एक लेन बंद है और एक लेन पर ही ट्रैफिक चल रहा है। ओवर स्पीड खतरनाक ड्राइविंग की शिकायत मिलने पर चेकिंग कर कार्रवाई की जाती है। -रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक
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आईटीएमएस को अब नगर निगम की ओर से पूरा कराया जा रहा है। निगम ने अपने आईटीएमएस के प्लान में एलिवेटेड समेत प्रमुख चौराहों और तिराहों को शामिल किया है। निगम की ओर से आगे की कार्र्रवाई के बाद अगला कदम उठाया जाएगा। - विवेकानंद सिंह, मुख्य अभियंता, जीडीए
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शहर में 10.3 किमी लंबी एलिवेटेड रोड यूपी गेट को राजनगर एक्सटेंशन से जोडने वाली है। यह देश में सिंगल पिलर पर बनने वाली पहली एलिवेटेड रोड है जो करीब 1147 करोड़ रुपये की लागत से मार्च 2018 में तैयार हुई थी। दिल्ली से गाजियाबाद, मेरठ की तरफ जाने के लिए यह महत्वपूर्ण रोड है। अधिकांश वीवीआईपी और वीआईपी इसी एलिवेटेड रोड से दिल्ली आते-जाते हैं। यहां सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के दावे किए गए पर बोर्ड लगाकर ही औपचिारकता पूरी कर ली गई। इस रोड पर कहीं पर भी सीसीटीवी नहीं होना सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। यहां कुछ वाहन चालक निर्धारित गति से अधिक गति से वाहन चलाते हैं तो कई लोग स्टंट करते हुए रांग साइड भी जाते हैं। कई लोग चलती कारों में शराब भी पीते हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई न होने से सड़क हादसा होने का खतरा लगातार बना हुआ है। कुछ समय पूर्व इंदिरापुरम निवासी यूट्यूबर अपने दोस्तों के साथ वीडियो बनाकर सुबह घर लौट रहे थे। रास्ते में पुलिस की वर्दी पहने आए बदमाशों ने चेकिंग के लिए कार रोकी इसके बाद गोली मारने की धमकी देकर कार और चेन लूट कर फरार हो गए। वहीं राजनगर एक्सटेंशन से दिल्ली जाने वाले एलिवेटेड रोड की लेन बंद है। इस पर भी रोडवेज बस और एक ट्राला रांग साइड फर्राटा भरते हुए देखा गया।
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आईटीएमएस के तहत यहां सीसीटीवी कैमरे लगने हैं। सर्वे का काम हो गया है। फिलहाल एलिवेटेड रोड की एक लेन बंद है और एक लेन पर ही ट्रैफिक चल रहा है। ओवर स्पीड खतरनाक ड्राइविंग की शिकायत मिलने पर चेकिंग कर कार्रवाई की जाती है। -रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक
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आईटीएमएस को अब नगर निगम की ओर से पूरा कराया जा रहा है। निगम ने अपने आईटीएमएस के प्लान में एलिवेटेड समेत प्रमुख चौराहों और तिराहों को शामिल किया है। निगम की ओर से आगे की कार्र्रवाई के बाद अगला कदम उठाया जाएगा। - विवेकानंद सिंह, मुख्य अभियंता, जीडीए