फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziababad news

यूपी गेट पर छह माह से बैठे किसान बोले- हक लेकर ही उठेंगे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 26 May 2021 01:34 AM IST
विज्ञापन
ghaziababad news
यूपी गेट पर छह माह से बैठे किसान बोले- हक लेकर ही उठेंगे
विज्ञापन

साहिबाबाद। तीन कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलन को आज छह माह पूरे हो गए। यह आगे कब तक चलेगा, इसका थाह पाना मुश्किल है। किसानों का कहना है कि आंदोलन का अंजाम भविष्य के गर्भ में है। हालांकि उन्हें यह आशंका है कि सरकार कोरोना या किसी बहाने उन्हें यूपी बॉर्डर से हटा सकती है। भाकियू ने वेस्ट यूपी के कई जिलों के पांच हजार किसानों की सूची तैयार की है। जिन्हें एक कॉल पर दो से ढाई घंटे के अंदर बॉर्डर पहुंचने के लिए तैयार रखा गया है। फिलहाल छह माह पूरे होने पर 26 मई को किसानों ने काला दिवस मनाने का एलान किया है।
26 नवंबर से किसानों का आंदोलन शुरू हुआ था। इस छह माह में आंदोलन के कई रंग देखने को मिले। 26 जनवरी का दिन कभी नहीं भूला जा सकता। जब पूरी दिल्ली में किसानों के हजारों ट्रैक्टर दौड़े थे। इससे पहले भी दिसंबर और जनवरी में किसानों की भीड़ हजारों की संख्या में यूपी गेट पर जमी रही। इस बीच सरकार से आठ दौर की वार्ता हुई जो सारी विफल रहीं। 29 जनवरी को जब राकेश टिकैत के आंसू टपकने पर हजारों किसान फिर से यूपी गेट पर जुट गए थे तो वार्ता की उम्मीद जगी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने आंदोलनस्थल को एक कॉल की दूरी बताया था। गन्ना व गेहूं कटाई के चलते भीड़ घटती चली गई। फिर कोरोना के चलते तो संख्या हजार से भी नीचे चली गई। अब पांच किलोमीटर में फैले तंबुओं का दायरा काफी सिमट गया है। कोरोना के कारण आंदोलनस्थल के प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया गया है।
विज्ञापन

सरकार से अब भी वार्ता की उम्मीद : राकेश टिकैत
इस सिमटे हुए आंदोलन पर राकेश टिकैत का कहना है कि हमें कम न समझें। जिन पांच हजार किसानों को सूचीबद्ध किया गया है, वे हमारे कैडर हैं। उनके पीछे लाखों किसान हैं। उन्होंने कहा कि दरअसल सरकार ने यह सोच लिया कि एक दिन हम थककर अपने गांव लौट जाएंगे इसलिए हमने लंबी लड़ाई की रणनीति बनाई। एक कॉल पर यहां पांच हजार किसान दो ढाई घंटे में जुट जाएंगे, जबकि इनके पीछे भी हजारों किसान आएंगे। उन्होंने कहा कि कब तक आंदोलन चलेगा, यह तो नहीं कह सकते लेकिन हमें आज भी सरकार से वार्ता की उम्मीद है। 26 मई को किसान खेतों, गांव के चौराहों, वाहनों और आंदोलनस्थल पर काला झंडा लगाकर काला दिवस मनाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed