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दिन निकलते ही ‘सिकुड़’ जाती हैं मालीवाड़ा-कुरैशी मार्केट की सड़कें
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Thu, 02 Mar 2017 12:14 AM IST
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कुरैशी मार्केट के बाहर खड़ी कार
- फोटो : अमर उजाला
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अतिक्रमण का दंश शहर का प्रमुख बाजार मालीवाड़ा और कुरैशी मार्केट भी झेल रहा है। हालात यह है कि इन दोनों बाजारों की चौड़ी सड़कें दिन निकलते ही अतिक्रमण की वजह से ‘सिकुड़’ जाती हैं। रात को बाजार बंद होने के बाद यहां वाहन फर्राटा भरने लगते हैं। दोनों ही बाजार अतिक्रमण की वजह से ट्रैफिक के लिए ‘खलनायक’ बन गए हैं।
चार गेटों के बीच बसे चौपला बाजार के बाद मालीवाड़ा का बाजार ऐसा है जहां किराना सामान से लेकर ज्वैलरी तक सब सामान मिलता है। कूलर बाजार के रूप में इसकी अलग पहचान है। गाजियाबाद ही नहीं देश के कई हिस्सों में यहां से कूलर सप्लाई किए जाते हैं।
कुरैशी मार्केट में कूलर के अलावा अन्य इलेक्ट्रिक सामान भी मिलता है। दुकानदारों की मनमानी की वजह से अब इन बाजारों से लोग बचने लगे हैं। सुबह होते ही दुकानों का आधा सामान बाहर सड़क किनारे लगा दिया जाता है और वाहन पार्किंग तक के लिए जगह नहीं बचती। दुकानों के बाहर अतिक्रमण और सड़क पर वाहन खड़े होने से यहां रोजाना ट्रैफिक जाम रहता है।
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अतिक्रमण-जाम की वजह से घट रहा कारोबार
रमते राम रोड की तरह ही मालीवाड़ा में भी अतिक्रमण और जाम दुकानदारों के कारोबार पर भारी पड़ रहा है। सड़क किनारे वाहन पार्क करने के लिए जगह न मिलने की वजह से इस बाजार के अधिकांश ग्राहक दूसरे बाजारों में ट्रांसफर होने लगे हैं। खुद यहां के दुकानदार मानते हैं कि अब यहां पहले जैसा कारोबार नहीं रहा।
अतिक्रमण के लिए पुलिस-निगम की जिम्मेदारी
शहर के लोग बाजारों में अतिक्रमण बढ़ने की वजह पुलिस और नगर निगम अफसरों की लापरवाही को मानते हैं। मालीवाड़ा और कुरैशी मार्केट में अतिक्रमण की वजह से होने वाली परेशानी यहां के रेजिडेंट्स को भी झेलनी पड़ रही है।
उनके वाहनों का आवागमन दूभर हो जाता है। रेजिडेंट्स का कहना है कि अगर पुलिस और निगम अफसरों की जवाबदेही तय कर दी जाए तो अतिक्रमण की समस्या खत्म हो सकती है।
दुकानों के आगे से अगर अतिक्रमण हटा दिया जाए तो मालीवाड़ा में जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। इससे बाजार में ग्राहकों की संख्या भी बढ़ेगी। दोपहर के समय वाहनों की संख्या ज्यादा होती है और प्रतिदिन जाम लगता है। - नीरज शर्मा, रेजिडेंट, मालीवाड़ा
लोगों ने नालों को पक्का कर कब्जा कर लिया है। दुकानें आगे बढ़ा दी है। नगर आयुक्त और महापौर भी यहां का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं कराई। ट्रैफिक जाम होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। - डॉ. अविनाश शर्मा, मालीवाड़ा निवासी
अतिक्रमण की वजह से जाम लगता है। इसके कारण बिजनेस घटने लगा है। लोग जाम की वजह से दूसरे बाजारों में चले जाते हैं। चंद दुकानदारों के अतिक्रमण की वजह से पूरे बाजार के कारोबार पर असर पड़ रहा है। - अनुज गुप्ता, तिरुपति ज्वैलर्स
क्षेत्र के कोतवाल की जिम्मेदारी तय कर दी जाए तो अतिक्रमण की समस्या से निपटा जा सकता है। पुलिस चाहे तो कोई दुकानदार अतिक्रमण नहीं कर पाएगा। हम खुद पुलिस के साथ चलने के लिए तैयार हैं। - गोपीचंद, महानगर अध्यक्ष, उप्र उद्योग प्रतिनिधि मंडल
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चार गेटों के बीच बसे चौपला बाजार के बाद मालीवाड़ा का बाजार ऐसा है जहां किराना सामान से लेकर ज्वैलरी तक सब सामान मिलता है। कूलर बाजार के रूप में इसकी अलग पहचान है। गाजियाबाद ही नहीं देश के कई हिस्सों में यहां से कूलर सप्लाई किए जाते हैं।
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कुरैशी मार्केट में कूलर के अलावा अन्य इलेक्ट्रिक सामान भी मिलता है। दुकानदारों की मनमानी की वजह से अब इन बाजारों से लोग बचने लगे हैं। सुबह होते ही दुकानों का आधा सामान बाहर सड़क किनारे लगा दिया जाता है और वाहन पार्किंग तक के लिए जगह नहीं बचती। दुकानों के बाहर अतिक्रमण और सड़क पर वाहन खड़े होने से यहां रोजाना ट्रैफिक जाम रहता है।
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अतिक्रमण-जाम की वजह से घट रहा कारोबार
रमते राम रोड की तरह ही मालीवाड़ा में भी अतिक्रमण और जाम दुकानदारों के कारोबार पर भारी पड़ रहा है। सड़क किनारे वाहन पार्क करने के लिए जगह न मिलने की वजह से इस बाजार के अधिकांश ग्राहक दूसरे बाजारों में ट्रांसफर होने लगे हैं। खुद यहां के दुकानदार मानते हैं कि अब यहां पहले जैसा कारोबार नहीं रहा।
अतिक्रमण के लिए पुलिस-निगम की जिम्मेदारी
शहर के लोग बाजारों में अतिक्रमण बढ़ने की वजह पुलिस और नगर निगम अफसरों की लापरवाही को मानते हैं। मालीवाड़ा और कुरैशी मार्केट में अतिक्रमण की वजह से होने वाली परेशानी यहां के रेजिडेंट्स को भी झेलनी पड़ रही है।
उनके वाहनों का आवागमन दूभर हो जाता है। रेजिडेंट्स का कहना है कि अगर पुलिस और निगम अफसरों की जवाबदेही तय कर दी जाए तो अतिक्रमण की समस्या खत्म हो सकती है।
दुकानों के आगे से अगर अतिक्रमण हटा दिया जाए तो मालीवाड़ा में जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। इससे बाजार में ग्राहकों की संख्या भी बढ़ेगी। दोपहर के समय वाहनों की संख्या ज्यादा होती है और प्रतिदिन जाम लगता है। - नीरज शर्मा, रेजिडेंट, मालीवाड़ा
लोगों ने नालों को पक्का कर कब्जा कर लिया है। दुकानें आगे बढ़ा दी है। नगर आयुक्त और महापौर भी यहां का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं कराई। ट्रैफिक जाम होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। - डॉ. अविनाश शर्मा, मालीवाड़ा निवासी
अतिक्रमण की वजह से जाम लगता है। इसके कारण बिजनेस घटने लगा है। लोग जाम की वजह से दूसरे बाजारों में चले जाते हैं। चंद दुकानदारों के अतिक्रमण की वजह से पूरे बाजार के कारोबार पर असर पड़ रहा है। - अनुज गुप्ता, तिरुपति ज्वैलर्स
क्षेत्र के कोतवाल की जिम्मेदारी तय कर दी जाए तो अतिक्रमण की समस्या से निपटा जा सकता है। पुलिस चाहे तो कोई दुकानदार अतिक्रमण नहीं कर पाएगा। हम खुद पुलिस के साथ चलने के लिए तैयार हैं। - गोपीचंद, महानगर अध्यक्ष, उप्र उद्योग प्रतिनिधि मंडल