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दिल करता है कि पूरे परिवार के साथ जहर खा लूं!
ब्यूरो,अमर उजाला वैशाली
Updated Tue, 02 Aug 2016 01:09 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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बदमाशों ने जो किया, उससे ज्यादा खौफनाक कुछ हो ही नहीं सकता। अब दिल करता है कि पूरे परिवार के साथ जहर खा लूं। बुलंदशहर में एनएच-91 पर बदमाशों की दरिंदगी का शिकार हुईं बेटी और पत्नी के बारे में बताते हुए पीड़ित की आंखों से आंसू छलक आए।
उन्होंने कहा कि अगर तीन माह में दरिंदों को फांसी पर नहीं चढ़ाया गया तो उनके पास सुसाइड करने के आलावा कोई चारा नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके परिवार के साथ ऐसा करने वाले आजाद घूमें। सोमवार सुबह महिला आयोग के सदस्यों की खोड़ा में आने की चर्चा रही, हालांकि टीम यहां नहीं पहुंची।
रविवार देर रात गाजियाबाद पहुंचा परिवार खोड़ा कालोनी में अपने घर में नहीं ठहरा है। आसपास के लोगों का कहना है कि वह किसी दोस्त या रिश्तेदार के घर पर ठहरे हैं। किशोरी के पिता ने बताया कि मां की तेरहवीं के लिए वह शुक्रवार रात नौ बजे कार से पत्नी, बेटी, बड़े भाई, भाभी, उनके बेटे के साथ शाहजहांपुर के लिए रवाना हुए थे।
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बुलंदशहर से दो किलोमीटर पहले कार पर पत्थर आकर लगा, लेकिन ध्यान नहीं दिया। आगे बढ़ते ही फिर से पत्थर लगा, जिस पर कार से नीचे उतरकर देख ही रहे थे कि आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने उनकी कनपटी पर तमंचा लगा दिया।
कुछ बदमाशों ने तमंचा लगाकर उनके भाई और भतीजे को नीचे उतारा। कंधे पर रखे गम्छे से उनके हाथ बांधे और रस्सी से भाई-भतीजे के हाथ बांधकर पास के जंगल में ले गए। पीछे से महिलाओं को भी ले आए। उनकी भाभी को उनके साथ बैठा दिया जबकि बेटी और पत्नी के साथ कुछ दूरी पर एक के बाद एक बदमाशों ने दुष्कर्म किया।
इसके बाद बदमाश सभी को छोड़कर उनसे हजारों की नगदी, पत्नी की चेन, अंगूठी आदि लूटकर भाग गए, हालांकि सभी के मोबाइल छोड़ गए। पिता ने बताया कि बदमाश जब उनकी पत्नी और बेटी से जबरदस्ती का प्रयास कर रहे थे, तो उन्होंने विरोध किया।
जिस पर तीन बदमाशों ने उन्हें और उनके भतीजे को गिराकर सरियों से पीटा। पिता ने अपने शरीर पर बने चोटों के निशान भी दिखाए। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने बेटी की कनपटी पर तमंचा रख दिया। इस दौरान प्यास लगने पर पीड़ित पिता ने एक बदमाश से पानी मांगा, तो वह पानी देने लगा, इतने में दूसरे बदमाश ने गाली-गलौच करते हुए पानी देने से रोक दिया।
पौने घंटे तक मिलाते रहे 100 नंबर, नहीं आई पुलिस
पीड़ित के पिता ने बताया कि घटना के बाद उनके भतीजे ने दांत से उनके हाथ में बंधे गम्छे की गांठ खोली, जिसके बाद उन्होंने सभी को खोला। मोबाइल से 100 नंबर पर कॉल किया, मगर फोन नहीं उठा।
करीब पौने घंटे तक फोन नहीं उठने पर उन्होंने खोड़ा निवासी एक मीडियाकर्मी दोस्त को कॉल कर आपबीती सुनाई। दोस्त ने बुलंदशहर एसएसपी को कॉल किया, तो करीब सात मिनट पर एसएसपी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
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उन्होंने कहा कि अगर तीन माह में दरिंदों को फांसी पर नहीं चढ़ाया गया तो उनके पास सुसाइड करने के आलावा कोई चारा नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके परिवार के साथ ऐसा करने वाले आजाद घूमें। सोमवार सुबह महिला आयोग के सदस्यों की खोड़ा में आने की चर्चा रही, हालांकि टीम यहां नहीं पहुंची।
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रविवार देर रात गाजियाबाद पहुंचा परिवार खोड़ा कालोनी में अपने घर में नहीं ठहरा है। आसपास के लोगों का कहना है कि वह किसी दोस्त या रिश्तेदार के घर पर ठहरे हैं। किशोरी के पिता ने बताया कि मां की तेरहवीं के लिए वह शुक्रवार रात नौ बजे कार से पत्नी, बेटी, बड़े भाई, भाभी, उनके बेटे के साथ शाहजहांपुर के लिए रवाना हुए थे।
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बुलंदशहर से दो किलोमीटर पहले कार पर पत्थर आकर लगा, लेकिन ध्यान नहीं दिया। आगे बढ़ते ही फिर से पत्थर लगा, जिस पर कार से नीचे उतरकर देख ही रहे थे कि आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने उनकी कनपटी पर तमंचा लगा दिया।
कुछ बदमाशों ने तमंचा लगाकर उनके भाई और भतीजे को नीचे उतारा। कंधे पर रखे गम्छे से उनके हाथ बांधे और रस्सी से भाई-भतीजे के हाथ बांधकर पास के जंगल में ले गए। पीछे से महिलाओं को भी ले आए। उनकी भाभी को उनके साथ बैठा दिया जबकि बेटी और पत्नी के साथ कुछ दूरी पर एक के बाद एक बदमाशों ने दुष्कर्म किया।
इसके बाद बदमाश सभी को छोड़कर उनसे हजारों की नगदी, पत्नी की चेन, अंगूठी आदि लूटकर भाग गए, हालांकि सभी के मोबाइल छोड़ गए। पिता ने बताया कि बदमाश जब उनकी पत्नी और बेटी से जबरदस्ती का प्रयास कर रहे थे, तो उन्होंने विरोध किया।
जिस पर तीन बदमाशों ने उन्हें और उनके भतीजे को गिराकर सरियों से पीटा। पिता ने अपने शरीर पर बने चोटों के निशान भी दिखाए। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने बेटी की कनपटी पर तमंचा रख दिया। इस दौरान प्यास लगने पर पीड़ित पिता ने एक बदमाश से पानी मांगा, तो वह पानी देने लगा, इतने में दूसरे बदमाश ने गाली-गलौच करते हुए पानी देने से रोक दिया।
पौने घंटे तक मिलाते रहे 100 नंबर, नहीं आई पुलिस
पीड़ित के पिता ने बताया कि घटना के बाद उनके भतीजे ने दांत से उनके हाथ में बंधे गम्छे की गांठ खोली, जिसके बाद उन्होंने सभी को खोला। मोबाइल से 100 नंबर पर कॉल किया, मगर फोन नहीं उठा।
करीब पौने घंटे तक फोन नहीं उठने पर उन्होंने खोड़ा निवासी एक मीडियाकर्मी दोस्त को कॉल कर आपबीती सुनाई। दोस्त ने बुलंदशहर एसएसपी को कॉल किया, तो करीब सात मिनट पर एसएसपी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।