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आकाश नगर हादसा: सभी पक्षों ने दर्ज कराए बयान
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:11 AM IST
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आकाश नगर हादसा :
मजिस्ट्रेट के सामने सभी पक्षों ने दर्ज कराए बयान
गाजियाबाद। करीब पांच महीने के बाद मिशलगढ़ी हादसे की मजिस्ट्रेट जांच पूरी होने जा रही है। सभी पक्षों की तरफ से मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। मामले की जांच कर रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व एक सप्ताह के अंदर अंतिम जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। माना जा रहा है कि मामले में जीडीए के कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। हालांकि इनमें से चार इंजीनियरों पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। इसलिए अब मजिस्ट्रेट जांच में कुछ दूसरे नाम भी सामने आ सकते हैं।
22 जुलाई को थाना मसूरी क्षेत्र के आकाशनगर से सटे मिशलगढ़ी में पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई थी। हादसा इतना भयंकर था कि एनडीआरएफ को करीब 28 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा था। इस हादसे में एक बच्चे समेत दो लोगों की जान चली गई थी, जबकि नौ लोग घायल हुए थे। घटना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त मेरठ की अध्यक्षता में जांच बैठी दी थी। वहीं, डीएम रितु माहेश्वरी ने मामले की पहले प्रशासनिक जांच कराई, जिसमें 14 लोगों को दोषी मानते हुए शासन से कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसमें से शासन से चार इंजीनियरों पर कार्रवाई हुई। इसी मामले पर डीएम ने मजिस्ट्रेट जांच भी बैठाई थी जो लंबी प्रक्रिया के बाद पूरी हो गई है। हादसे के वक्त रह रहे मजदूर परिवार के साथ जीडीए इंजीनियरों समेत 17 लोगों के बयान दर्ज कराए गए हैं। इसमें 10 जीडीए के अधिकारी व कर्मचारी हैं जबकि शेष सात मजदूर परिवार से हैं। पुलिस की तरफ से कराई गई एसआईटी जांच से जुड़े तथ्यों को भी देखा जा रहा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील कुमार सिंह ने बताया है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अधिकतम सात दिन के अंदर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।
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मजिस्ट्रेट के सामने सभी पक्षों ने दर्ज कराए बयान
गाजियाबाद। करीब पांच महीने के बाद मिशलगढ़ी हादसे की मजिस्ट्रेट जांच पूरी होने जा रही है। सभी पक्षों की तरफ से मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। मामले की जांच कर रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व एक सप्ताह के अंदर अंतिम जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। माना जा रहा है कि मामले में जीडीए के कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। हालांकि इनमें से चार इंजीनियरों पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। इसलिए अब मजिस्ट्रेट जांच में कुछ दूसरे नाम भी सामने आ सकते हैं।
22 जुलाई को थाना मसूरी क्षेत्र के आकाशनगर से सटे मिशलगढ़ी में पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई थी। हादसा इतना भयंकर था कि एनडीआरएफ को करीब 28 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा था। इस हादसे में एक बच्चे समेत दो लोगों की जान चली गई थी, जबकि नौ लोग घायल हुए थे। घटना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त मेरठ की अध्यक्षता में जांच बैठी दी थी। वहीं, डीएम रितु माहेश्वरी ने मामले की पहले प्रशासनिक जांच कराई, जिसमें 14 लोगों को दोषी मानते हुए शासन से कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसमें से शासन से चार इंजीनियरों पर कार्रवाई हुई। इसी मामले पर डीएम ने मजिस्ट्रेट जांच भी बैठाई थी जो लंबी प्रक्रिया के बाद पूरी हो गई है। हादसे के वक्त रह रहे मजदूर परिवार के साथ जीडीए इंजीनियरों समेत 17 लोगों के बयान दर्ज कराए गए हैं। इसमें 10 जीडीए के अधिकारी व कर्मचारी हैं जबकि शेष सात मजदूर परिवार से हैं। पुलिस की तरफ से कराई गई एसआईटी जांच से जुड़े तथ्यों को भी देखा जा रहा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील कुमार सिंह ने बताया है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अधिकतम सात दिन के अंदर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।
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