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महिला आयोग की टीम ने बालिका गृह का किया निरीक्षण
Updated Sun, 23 Sep 2018 05:56 PM IST
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बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था बालिका गृह, मिलीं खामियां
साहिबाबाद। शहीद नगर स्थित आशादीप बालिका फाउंडेशन में शनिवार को राज्य महिला महिला आयोग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। टीम को यहां कई खामियां मिली। साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हॉस्टल में 30 बालिकाएं मिलीं। हॉस्टल के बारे में जिला प्रोबेशन अधिकारी को कोई जानकारी नहीं दी गई थी। सभी धर्म की बालिकाओं को एक ही धर्म के बारे में पढ़ाया जा रहा था। प्रबंधन को सभी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह, सीओ सेकेंड आतिश कुमार, सीडब्ल्यूसी, महिला थाना पुलिस और जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ सुबह 11 बजे शहीदनगर स्थित आशादीप फाउंडेशन का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं। आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने बताया कि यहां रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। रजिस्टर में किसी भी आगंतुकों के आने-जाने का विवरण नहीं मिला। कौन सा पदाधिकारी ड्यूटी पर है कौन छुट्टी पर है इसकी जानकारी नहीं मिली। चौकीदार भी गेट पर नहीं मिला। यहां कई अतिरिक्त बालिकाएं भी मिलीं। आयोग की उपाध्यक्ष की मानें तो आगामी 15 दिसंबर को आशादीप बालिका फाउंडेशन की रजिस्ट्रेशन डेट खत्म हो जाएगी। प्रार्थना कक्ष में एक ही धर्म के बारे में बताए जाने और उनकी तस्वीरें लगी मिलने पर उपाध्यक्ष ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी धर्मों के बारे में बालिकाओं को प्रार्थना करने और जानकारी देने की बात कही।
तीन मंजिला बिल्डिंग में चलता मिला हास्टल
जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्रा ने बताया कि आशादीप फाउंडेंशन की तीन मंजिला बिल्डिंग में एक फ्लोर पर हॉस्टल में 30 बालिकाएं रहती मिलीं। प्रबोशन अधिकारी का कहना था कि पहले ही नोटिस जारी किया गया था। उसका अभी तक जवाब नहीं मिला है। दोबारा से रिमाइंडर जारी किया जाएगा। जवाब ना मिलने पर डीएम को रजिस्ट्रेशन कैंसल के लिए मांग की जाएगी।
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फाउंडेशन के पदाधिकारी का वर्जन
फाउंडेशन द्वारा यहां पर स्कूल चलाया जाता है। इसका हॉस्टल यहां बनाया गया है। जिसमें यह 30 बालिकाएं रहती हैं। दो साल से हॉस्टल चल रहा है। इसकी जानकारी प्रशासन, शिक्षा विभाग और डीपीओ को है। महिला आयोग की टीम आई थी, निरीक्षण के दौरान दूसरी बिल्डिंग में दस्तावेज रखे थे। इसीलिए उन्हें कागजात नहीं दिखा सके। अब सभी अधिकारियों को कागजात व्हाट्सएप पर भेज दिए गए हैं। जल्द जो भी खामियां मिली हैं। उन्हें दूर कर दिया जाएगा।
ज्योति चेट्टी-चीफ एग्जीक्यूटिव आशादीप फाउंडेशन
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साहिबाबाद। शहीद नगर स्थित आशादीप बालिका फाउंडेशन में शनिवार को राज्य महिला महिला आयोग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। टीम को यहां कई खामियां मिली। साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हॉस्टल में 30 बालिकाएं मिलीं। हॉस्टल के बारे में जिला प्रोबेशन अधिकारी को कोई जानकारी नहीं दी गई थी। सभी धर्म की बालिकाओं को एक ही धर्म के बारे में पढ़ाया जा रहा था। प्रबंधन को सभी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह, सीओ सेकेंड आतिश कुमार, सीडब्ल्यूसी, महिला थाना पुलिस और जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ सुबह 11 बजे शहीदनगर स्थित आशादीप फाउंडेशन का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं। आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने बताया कि यहां रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। रजिस्टर में किसी भी आगंतुकों के आने-जाने का विवरण नहीं मिला। कौन सा पदाधिकारी ड्यूटी पर है कौन छुट्टी पर है इसकी जानकारी नहीं मिली। चौकीदार भी गेट पर नहीं मिला। यहां कई अतिरिक्त बालिकाएं भी मिलीं। आयोग की उपाध्यक्ष की मानें तो आगामी 15 दिसंबर को आशादीप बालिका फाउंडेशन की रजिस्ट्रेशन डेट खत्म हो जाएगी। प्रार्थना कक्ष में एक ही धर्म के बारे में बताए जाने और उनकी तस्वीरें लगी मिलने पर उपाध्यक्ष ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी धर्मों के बारे में बालिकाओं को प्रार्थना करने और जानकारी देने की बात कही।
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तीन मंजिला बिल्डिंग में चलता मिला हास्टल
जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्रा ने बताया कि आशादीप फाउंडेंशन की तीन मंजिला बिल्डिंग में एक फ्लोर पर हॉस्टल में 30 बालिकाएं रहती मिलीं। प्रबोशन अधिकारी का कहना था कि पहले ही नोटिस जारी किया गया था। उसका अभी तक जवाब नहीं मिला है। दोबारा से रिमाइंडर जारी किया जाएगा। जवाब ना मिलने पर डीएम को रजिस्ट्रेशन कैंसल के लिए मांग की जाएगी।
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फाउंडेशन के पदाधिकारी का वर्जन
फाउंडेशन द्वारा यहां पर स्कूल चलाया जाता है। इसका हॉस्टल यहां बनाया गया है। जिसमें यह 30 बालिकाएं रहती हैं। दो साल से हॉस्टल चल रहा है। इसकी जानकारी प्रशासन, शिक्षा विभाग और डीपीओ को है। महिला आयोग की टीम आई थी, निरीक्षण के दौरान दूसरी बिल्डिंग में दस्तावेज रखे थे। इसीलिए उन्हें कागजात नहीं दिखा सके। अब सभी अधिकारियों को कागजात व्हाट्सएप पर भेज दिए गए हैं। जल्द जो भी खामियां मिली हैं। उन्हें दूर कर दिया जाएगा।
ज्योति चेट्टी-चीफ एग्जीक्यूटिव आशादीप फाउंडेशन