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दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास-Cordination
Updated Thu, 16 Nov 2017 01:14 AM IST
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दहेज के लिए पत्नी की हत्या पर उम्रकैद
गाजियाबाद। दहेज में तीन लाख रुपये नहीं देने पर 2014 में पत्नी की हत्या करने के आरोपी पति को ईसी कोर्ट में बुधवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। साथ ही न्यायाधीश रामकिशोर शुक्ला की अदालत ने 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता योगेंद्र त्यागी व लोकेश कुमार ने बताया कि मयूर विहार दिल्ली निवासी नरेश गुप्ता ने बेटी पूर्णिमा ( प्रित मोहन) की शादी नेहरू नगर निवासी वैभव मोहन से की थी। शादी के एक साल बाद बेटा पैदा हुआ, जिसके साथ ही पूर्णिमा से दहेज की मांग की जाने लगी। दहेज में तीन लाख रुपये नहीं देने पर हत्या की धमकी दी गई। एडीजीसी लोकेश ने बताया कि दंपती पंचवटी स्थित एक मकान में रह रहा था, जहां सात अगस्त 2014 को पति ने पूर्णिमा की गला दबाकर हत्या कर दी। पति वैभव, जेठ विशाल, नंदोई अजय बख्शी, सास शोभा और नंद वंदना के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मामला तीन साल से जिला न्यायालय में चल रहा था। पति को सजा देने के साथ ही अदालत ने सबूतों के अभाव में बाकी चार लोगों को बरी कर दिया।
गाजियाबाद। दहेज में तीन लाख रुपये नहीं देने पर 2014 में पत्नी की हत्या करने के आरोपी पति को ईसी कोर्ट में बुधवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। साथ ही न्यायाधीश रामकिशोर शुक्ला की अदालत ने 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता योगेंद्र त्यागी व लोकेश कुमार ने बताया कि मयूर विहार दिल्ली निवासी नरेश गुप्ता ने बेटी पूर्णिमा ( प्रित मोहन) की शादी नेहरू नगर निवासी वैभव मोहन से की थी। शादी के एक साल बाद बेटा पैदा हुआ, जिसके साथ ही पूर्णिमा से दहेज की मांग की जाने लगी। दहेज में तीन लाख रुपये नहीं देने पर हत्या की धमकी दी गई। एडीजीसी लोकेश ने बताया कि दंपती पंचवटी स्थित एक मकान में रह रहा था, जहां सात अगस्त 2014 को पति ने पूर्णिमा की गला दबाकर हत्या कर दी। पति वैभव, जेठ विशाल, नंदोई अजय बख्शी, सास शोभा और नंद वंदना के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मामला तीन साल से जिला न्यायालय में चल रहा था। पति को सजा देने के साथ ही अदालत ने सबूतों के अभाव में बाकी चार लोगों को बरी कर दिया।
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