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दिल्ली से अगवा हुआ था कौशांबी में मिला चार वर्षीय बच्चा
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दिल्ली से अगवा हुआ था कौशांबी में मिला चार वर्षीय बच्चा
साहिबाबाद। कौशांबी स्थित नर्सरी में 15 मई की शाम को घायल हालत में मिले चार वर्षीय बच्चे का अपहरण दिल्ली से करके यहां फेंका गया था। पुलिस करीब चार दिन बाद बच्चे के परिजनों तक पहुंची। पुलिस जांच में पता चला है कि बुधवार दोपहर बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, जहां से उसकी सौतेली मां बहला-फुसलाकर साथ ले आई थी। बच्चे के परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दिल्ली पुलिस ने सौतेली मां को हिरासत में लेकर बच्चे की शिनाख्त कराकर जांच शुरू कर दी है। बच्चे का अभी यशोदा अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के पुराना मुस्तफाबाद स्थित गली नंबर छह में दिलशाना परिवार के साथ रहती हैं। 10 साल पूर्व दिलशाद से शादी हुई थी। दिलशाद फर्नीचर का काम करते हैं। उनके एक बेटा आहद (4) और छह साल की एक बेटी है। दिलशाना का आरोप है कि पति चार साल से एक महिला के साथ फरार है। आरोप है कि 12 मई को उक्त महिला उनके घर पहुंची और पति के बारे में जानकारी की। पति की जानकारी नहीं देने पर महिला ने धमकी दी थी कि जिस तरह हमारे बच्चे पिता के लिए तड़प रहे हैं, उस तरह तुम अपने बच्चों के लिए तड़पोगी। इसके बाद 15 मई की दोपहर आहद घर के बाहर से खेलता हुआ लापता हो गया था। आरोपी है कि महिला ने 15 मई की दोपहर मुस्तफाबाद पहुंची और आहद को बहलाफुसला कर साथ ले गई। उसी ने घायल कर आहद को नर्सरी में फेंका था। परिजनों ने दयालपुर थाने में बेटे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गाजियाबाद पुलिस ने संपर्क कर बच्चे के परिजनों की तलाश की।
दिल्ली एनसीआर से 86 थाने खंगाले
चौकी इंचार्ज शरदकांत शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम ने चार दिन में दिल्ली एनसीआर के 86 थानों में जाकर साथ ही मोबाइल व व्हाट्सएप से बच्चे के अपहरण या गुमशुदगी संबंधित जानकारी की थी। दिल्ली के अन्य थानों के साथ मुस्लिम आबादी वाले थानों में बच्चे संबंधित जानकारी की गई तो दिल्ली की करावल थाना क्षेत्र में बच्चे का अपहरण का मुकदमा दर्ज मिला। इसके बाद परिजन यशोदा अस्पताल पहुंचे।
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परिजनों ने जताया आभार
आहद के चाचा सिकंदर ने बताया कि वह जैसे ही बच्चे के पास पहुंचे तभी आहद उनको पहचान कर गोद में चढ़ गया और जोर जोर से रोने लगा। सिकंदर ने बताया कि डाक्टर ने उनको पूरी जानकारी दी कि कौन बच्चे को अस्पताल लाया और कैसे बच्चे की देखभाल की। सिकंदर ने कांस्टेबल विपिन यादव और चौकी प्रभारी शरदकांत शर्मा का दिल से शुक्रिया किया। उनका कहना था कि वह समय से अस्पताल नहीं पहुंचाते और इलाज के खर्च के फेरे में सरकारी अस्पताल में छोड़ देते तो बच्चा हमारे बीच न होता।
क्या कहते हैं एसपी सिटी
एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि बच्चा दिल्ली के करावल नगर थाने से अगवा किया गया था। गाजियाबाद पुलिस ने परिजनों की तलाश कर बच्चा सुपुर्द कर दिया है। पूरे मामले की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है। दिल्ली पुलिस की मामले में मदद की जा रही है।
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साहिबाबाद। कौशांबी स्थित नर्सरी में 15 मई की शाम को घायल हालत में मिले चार वर्षीय बच्चे का अपहरण दिल्ली से करके यहां फेंका गया था। पुलिस करीब चार दिन बाद बच्चे के परिजनों तक पहुंची। पुलिस जांच में पता चला है कि बुधवार दोपहर बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, जहां से उसकी सौतेली मां बहला-फुसलाकर साथ ले आई थी। बच्चे के परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दिल्ली पुलिस ने सौतेली मां को हिरासत में लेकर बच्चे की शिनाख्त कराकर जांच शुरू कर दी है। बच्चे का अभी यशोदा अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के पुराना मुस्तफाबाद स्थित गली नंबर छह में दिलशाना परिवार के साथ रहती हैं। 10 साल पूर्व दिलशाद से शादी हुई थी। दिलशाद फर्नीचर का काम करते हैं। उनके एक बेटा आहद (4) और छह साल की एक बेटी है। दिलशाना का आरोप है कि पति चार साल से एक महिला के साथ फरार है। आरोप है कि 12 मई को उक्त महिला उनके घर पहुंची और पति के बारे में जानकारी की। पति की जानकारी नहीं देने पर महिला ने धमकी दी थी कि जिस तरह हमारे बच्चे पिता के लिए तड़प रहे हैं, उस तरह तुम अपने बच्चों के लिए तड़पोगी। इसके बाद 15 मई की दोपहर आहद घर के बाहर से खेलता हुआ लापता हो गया था। आरोपी है कि महिला ने 15 मई की दोपहर मुस्तफाबाद पहुंची और आहद को बहलाफुसला कर साथ ले गई। उसी ने घायल कर आहद को नर्सरी में फेंका था। परिजनों ने दयालपुर थाने में बेटे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गाजियाबाद पुलिस ने संपर्क कर बच्चे के परिजनों की तलाश की।
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दिल्ली एनसीआर से 86 थाने खंगाले
चौकी इंचार्ज शरदकांत शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम ने चार दिन में दिल्ली एनसीआर के 86 थानों में जाकर साथ ही मोबाइल व व्हाट्सएप से बच्चे के अपहरण या गुमशुदगी संबंधित जानकारी की थी। दिल्ली के अन्य थानों के साथ मुस्लिम आबादी वाले थानों में बच्चे संबंधित जानकारी की गई तो दिल्ली की करावल थाना क्षेत्र में बच्चे का अपहरण का मुकदमा दर्ज मिला। इसके बाद परिजन यशोदा अस्पताल पहुंचे।
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परिजनों ने जताया आभार
आहद के चाचा सिकंदर ने बताया कि वह जैसे ही बच्चे के पास पहुंचे तभी आहद उनको पहचान कर गोद में चढ़ गया और जोर जोर से रोने लगा। सिकंदर ने बताया कि डाक्टर ने उनको पूरी जानकारी दी कि कौन बच्चे को अस्पताल लाया और कैसे बच्चे की देखभाल की। सिकंदर ने कांस्टेबल विपिन यादव और चौकी प्रभारी शरदकांत शर्मा का दिल से शुक्रिया किया। उनका कहना था कि वह समय से अस्पताल नहीं पहुंचाते और इलाज के खर्च के फेरे में सरकारी अस्पताल में छोड़ देते तो बच्चा हमारे बीच न होता।
क्या कहते हैं एसपी सिटी
एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि बच्चा दिल्ली के करावल नगर थाने से अगवा किया गया था। गाजियाबाद पुलिस ने परिजनों की तलाश कर बच्चा सुपुर्द कर दिया है। पूरे मामले की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है। दिल्ली पुलिस की मामले में मदद की जा रही है।