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Ghaziabad News: स्कूल के दोस्तों ने व्हाट्सएप पर की बुलिंग, 12वीं की छात्रा ने फंदा लगाकर दी जान
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कौशांबी। कौशांबी थाना क्षेत्र में 24 अगस्त को 12वीं कक्षा की छात्रा ने अपने स्कूल के साथियों की ओर से व्हाट्सएप पर की गई बुलिंग से परेशान होकर फंदा लगाकर जान दे दी है। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की लगातार बुलिंग की जा रही थी, जिससे वह काफी परेशान थी। साथ ही उसे ये कहा जाता है कि अगर उसने दोबारा आरोपी के बारे में कुछ बोला तो तेरी जिंदगी तहस-नहस कर दूंगा और तेरे मां बाप को भी पिटूंगा। छात्रा के पिता ने शुक्रवार को दिल्ली के विवेकानंद स्कूल में पढ़ने वाले उसकी कक्षा के छात्र व उसके तीन परिजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच में जुट गई है। पुलिस के अनुसार, पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि पहले उन्हें लगा कि उनकी बेटी ने आत्महत्या की है, लेकिन जब उन्होंने छात्रा की मौत के बाद उसके मोबाइल फोन की जांच करने पर सहपाठी से संबंधित कई वीडियो, ऑडियो और व्हाट्सएप चैट देखे तो सामने आया कि उनकी बेटी के साथ स्कूल में कथित बुलिंग और धमकाने से संबंधित सामग्री मिली। घटना वाले दिन आरोपी सहपाठी ने छात्रा को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल की थी। आरोप है कि कॉल के दौरान छात्रा पर आरोपी अपने माता-पिता से माफी मांगने का दबाव बनाता है, जिसमें वह उसके मिमिक्री करती है। साथ ही उसे डराने व धमकाने का आरोप है। इसके बाद छात्रा ने घर में फंदा लगाकर जान दी। वहीं, मामले की जांच के दौरान स्कूल की प्रिंसिपल ने छात्रा के पिता को एक पेन ड्राइव भी उपलब्ध कराई है। इसमें घटना से संबंधित वीडियो सामग्री बताई गई है। एक वीडियो में आरोपी छात्र और उसके माता-पिता के साथ हुई बातचीत भी शामिल है। परिजनों ने यह सामग्री पुलिस को सौंप दी है।
तीन दिन पहले ही छात्रा ने छोड़ दिया था स्कूल जाना
पुलिस के अनुसार, पिता ने उन्हें बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी आनंद विहार स्थित विवेकानंद स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। 24 अगस्त को वैशाली स्थित घर में उसने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर छात्रा को नीचे उतारकर पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसे मृत घोषित किया गया। वहीं, व्हाट्सएप ग्रुप पर दोस्तों के बीच हुई बुलिंग से छात्रा सबसे अधिक आहत हो गई थी। इस घटना के तीन दिन पहले ही उसने स्कूल जाना छोड़ दिया था।
आरोपी से बनाकर दूरी, दूसरे छात्रों के ग्रुप में भी शामिल हो गई थी छात्रा एसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि कुछ समय पहले छात्रा ने आरोपी छात्र से दूरी बना ली थी और दूसरे दोस्तों के समूह में शामिल हो गई थी। इसके बाद आरोपी ने कक्षा के अन्य विद्यार्थियों के सामने उसे अपमानित करता था। मामले की शिकायत स्कूल की प्रिंसिपल से भी की गई थी। प्रिंसिपल ने आरोपी छात्र को बुलाकर फटकार लगाई थी, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी उसका व्यवहार छात्रा के प्रति नहीं बदला।
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जांच में करने में पुलिस ने बिता दिए आठ दिन
पीड़ित पिता ने इस मामले में पुलिस को चार सितंबर को मोबाइल में सबूत मिलने के बाद पहली बार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दिया, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले जांच की बात कही और उसके बाद ही रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही गई। इस बीच पुलिस ने आठ दिन में ऐसी कौनसी जांच की, जिसमें उन्हें रिपोर्ट दर्ज करने में आठ दिन का समय लग गया, यह सब सवाल पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न खड़े करते हैं।
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य का कहना है कि पीड़ित पिता की शिकायत पर नाबालिग छात्र समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जांच में मामला बुलिंग से जुड़ा है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। स्कूल प्रबंधक से भी इस मामले में पूछताछ की जाएगी।
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तीन दिन पहले ही छात्रा ने छोड़ दिया था स्कूल जाना
पुलिस के अनुसार, पिता ने उन्हें बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी आनंद विहार स्थित विवेकानंद स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। 24 अगस्त को वैशाली स्थित घर में उसने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर छात्रा को नीचे उतारकर पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसे मृत घोषित किया गया। वहीं, व्हाट्सएप ग्रुप पर दोस्तों के बीच हुई बुलिंग से छात्रा सबसे अधिक आहत हो गई थी। इस घटना के तीन दिन पहले ही उसने स्कूल जाना छोड़ दिया था।
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आरोपी से बनाकर दूरी, दूसरे छात्रों के ग्रुप में भी शामिल हो गई थी छात्रा एसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि कुछ समय पहले छात्रा ने आरोपी छात्र से दूरी बना ली थी और दूसरे दोस्तों के समूह में शामिल हो गई थी। इसके बाद आरोपी ने कक्षा के अन्य विद्यार्थियों के सामने उसे अपमानित करता था। मामले की शिकायत स्कूल की प्रिंसिपल से भी की गई थी। प्रिंसिपल ने आरोपी छात्र को बुलाकर फटकार लगाई थी, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी उसका व्यवहार छात्रा के प्रति नहीं बदला।
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जांच में करने में पुलिस ने बिता दिए आठ दिन
पीड़ित पिता ने इस मामले में पुलिस को चार सितंबर को मोबाइल में सबूत मिलने के बाद पहली बार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दिया, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले जांच की बात कही और उसके बाद ही रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही गई। इस बीच पुलिस ने आठ दिन में ऐसी कौनसी जांच की, जिसमें उन्हें रिपोर्ट दर्ज करने में आठ दिन का समय लग गया, यह सब सवाल पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न खड़े करते हैं।
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य का कहना है कि पीड़ित पिता की शिकायत पर नाबालिग छात्र समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जांच में मामला बुलिंग से जुड़ा है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। स्कूल प्रबंधक से भी इस मामले में पूछताछ की जाएगी।