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Ghaziabad News: 10 करोड़ लेकर भागी कंपनी के सात कर्मियों पर केस दर्ज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 21 Mar 2024 01:30 AM IST
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Case registered against seven employees of the company who ran away with Rs 10 crore
मोदीनगर फर्जी बैंक कर्मी लोगो से ठगी करने के बाद थाने पर प्रदर्शन करते पीड़ित।संवाद
गाजिायाबाद। रॉयल फाइन इंडिया निधि लिमिटेड नामक कंपनी खोलकर लोगों से रुपये निवेश कराकर 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाली कंपनी के सात लोगों के खिलाफ तीन दिन बाद बुधवार को विजयनगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। जिसमें करीब एक हजार लोगों से धोखाधड़ी की बात कही गई है। पुलिस मुख्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस को जांच में पता चला कि कंपनी 2019 से संचालित की जा रही थी। दो महीने से कंपनी में गबन करने की हलचल शुरू हो गई थी।
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पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि कंपनी में 30 लोग सेल्स टीम में काम करते थे। इनके अलावा चार टीम लीडर भी थे। मोदीनगर के रहने वाले कंपनी के प्रबंधक विशाल उपाध्याय का पिता ओमपाल उपाध्याय भी कंपनी में कार्यरत था। इसने मोदीनगर के भी सैकड़ों लोगों को कंपनी से जोड़कर उनकी मेहनत की कमाई निवेश कराकर धोखाधड़ी की है। एसीपी कोतवाली प्रियाश्री पाल ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कंपनी से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। मुख्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनके पकड़े जाने पर ही इसका खुलासा होगा।
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इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
नसरतपुरा के रहने वाले आकाश यादव की ओर से पुलिस ने कंपनी मालिक सैय्यद मोहम्मद जफीर मलिक, उसके भाई सैय्यद मोहम्मद अहसान मलिक, प्रबंधक विशाल उपाध्याय, अकाउंट हेड पूजा, समीर सैफी, ललित चौधरी और एएसएम साहिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पीड़ित थाने-चौकी के काट रहे चक्कर

कंपनी में निवेश करने वाले हजारों लोग हैं। जैसे-जैसे उन्हें कंपनी द्वारा धोखाधड़ी करने का पता चल रहा है वे थाने-चौकी और अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। सभी रुपये वापस कराने के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। कंपनी के लोगों ने रोजाना कमाकर परिवार को पालन पोषण करने वालों को निशाना बनाया है। अब वे अपनी मेहनत की कमाई को वापस लेने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।

मोदीनगर के भी 200 लोगों से
करोड़ों की ठगी, किया हंगामा
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीनगर। नियमित निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली रॉयल फाइन इंडिया निधि लिमिटेड के खिलाफ बुधवार को निवेशकों ने मोदीनगर थाने पर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कंपनी ने मोदीनगर के 200 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी है। अधिकांश निवेशकों की समयावधि मार्च में पूरी हो रही थी। इससे पहले ही कंपनी लोगों की गाढ़ी कमाई लेकर भाग गई। थाने घंटों तक हंगामा प्रदर्शन चलता रहा।
थाने पहुंचे लोगों ने बताया कि निवाड़ी रोड की देवेंद्रपुरी कॉलोनी निवासी ओमपाल उपाध्याय ने खुद को गाजियाबाद की प्रताप विहार कॉलोनी स्थित रॉयल फाइन इंडिया निधि लिमिटेड कंपनी का अधिकारी बताया और उनके दैनिक निवेश (आरडी) के खाते खोल दिए। आरोपी ने एक-एक कर लगभग 200 से अधिक लोगों के खाते खोल दिए। खाता खोलने वाले ग्राहकों को पासबुक सहित अन्य सामग्री भी दी गई। रकम जमा होने के बाद मोबाइल पर मैसेज भी आता था। कुछ निवेशकों की समयावधि मार्च में पूरी हो रही थी। मगर इससे पहले ही कंपनी भाग गई। कंपनी बंद होने की जानकारी के बाद लोग ओमपाल उपाध्याय के घर पहुंचे तो वहां पर ताला लगा मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि ओमपाल दो दिन पूर्व अपने परिवार सहित घर का ताला लगाकर फरार हो गया। वहीं, एसीपी ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
ओमपाल उपाध्याय का पूरा परिवार करता था वसूली
फरीदनगर निवासी शाहरूख कुरैशी ने बताया कि ओमपाल उपाध्याय ने खुद को और अपने पुत्र को कंपनी का अधिकारी बताकर लोगों पर विश्वास जमाया था। इसके अलावा विश्वास मजबूत करने के लिए ओमपाल अपनी संपत्ति का ब्योरा भी निवेशकों को देता था। शाहरूख ने बताया कि ओमपाल के अलावा उसका पुत्र व परिवार के अन्य सदस्य भी लोगों से दैनिक किस्त वसूली करते थे।

किसी ने कारोबार तो किसी ने घर बनाने के लिए जोड़ी थी रकम
कारोबार बढ़ाने के लिए रकम जमा करनी शुरू की थी। दो खाते एक पांच 500 और दूसरा 200 रुपये प्रतिदिन का खुलवाया था। लगभग डेढ़ लाख रुपये खाते में जमा हो चुके है। कुछ दिन बाद रकम मिलनी थी। इससे पहले ही कंपनी भाग गई। - शाहरूख कुरैशी, आढ़ती, मोदीनगर सब्जी मंडी
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घर बनाने के लिए कंपनी में 500 रुपये रोज का खाता खोला था। पैसे जमा करने पर नियमित रूप से मोबाइल पर मैसेज आता था। समयावधि पूरी हो गई थी। कुल 2.80 लाख रुपये जमा किए थे। धोखेबाज रकम के साथ-साथ मकान बनाने का सपना भी तोड़ गए। - अमन, व्यापारी, निवाड़ी
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ठेली लगा परिवार का गुजारा करता हूं। कर्जा बहुत हो रहा था। थोड़ा थोड़ा लौटाने पर कर्जदार परेशान करते थे। एक साथ कर्जे की रकम लौटाने के लिए 200 रुपये प्रतिदिन का खाता खोला था। कंपनी रकम लेकर भाग गई। - मोबीन, सौंदा रोड मोदीनगर
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सब्जी का ठेला लगाता हूं। बच्चों की पढाई के लिए पैसा जमा कर रहा था। 500 रुपये प्रतिदिन का खाता खोला था। स्कीम पूरी हो गई थी। लगभग 2.80 लाख रुपये जमा कर चुका था। कपंनी के रकम लेकर भागने से बच्चाें की पढाई संकट में पड़ गई है। - सुफियान, निवाड़ी रोड
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