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चौधरी अजीत सिंह को सुनने के लिए उमड़ता था हुजूम, नुमाइश मैदान में हुई अंतिम रैली

Fri, 07 May 2021 12:04 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Fri, 07 May 2021 12:04 AM IST
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किसौना गांव में चौधरी चरण सिंह की ननिहाल होने की वजह से चौधरी अजित सिंह बुलंदशहर जिले में आकर अपनापन महसूस करते थे। जयंत चौधरी कोरोना पॉजिटिव हो गए तो सदर विधानसभा उपचुनाव के दौरान नुमाइश मैदान में हुई रैली में बिना किसी पूर्व कार्यक्रम के चौधरी अजित सिंह ने पहुंचकर सबको चौंका दिया था। रैली में उमड़ी भीड़ देखकर वह खुश हो गए और जोशीला भाषण देते हुए कहा कि अगर किसानों की नुमाइंदगी संसद में होती तो कृषि कानून किसी भी कीमत पर लागू नहीं हो पाते।
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राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह के निधन पर जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं, विभिन्न दलों के नेताओं और किसानोें ने दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी। जनपद से चौधरी अजित सिंह का पुराना नाता रहा है। यहां पर पर उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की ननिहाल है। जनपद में जब भी चौधरी अजित सिंह की सभा होती, उन्हें सुनने के लिए हुजूम उमड़ पड़ता था। चौधरी अजित सिंह के नजदीकी रहे पार्टी नेता व कार्यकर्ताओं ने बताया कि वह जब भी बुलंदशहर जिले में आते थे तो गांव किसौना के बारे में जरूर बात करते थे। वहीं, जनपद में जब भी चौधरी अजित सिंह की सभा होती थी तो उन्हें सुनने के लिए लोगों का हुजुम उमड़ पड़ता था। गत वर्ष जनपद की सदर विधान सभा की सीट तत्कालीन विधायक वीरेंद्र सिरोही के निधन के बाद खाली हो गई थी। उपचुनाव में रालोद औैर सपा के साझे उम्मीदवार मैदान में खड़े थे। इस दौरान हुई रैली में बड़ी संख्या में लोग उन्हें सुनने आए थे। चौधरी अजित सिंह के बेबाक अंदाज से ही लोग उन्हें पसंद करते थे। पूर्व मंत्री प्रो. किरनपाल सिंह ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि चौधरी अजित सिंह को हमेशा किसान-मजदूरों के मसीहा के नाम से जाना जाएगा। रालोद के कद्दावर नेता मीर सिंह ने कहा कि आज हमारे बीच किसान-मजदूरों का मसीहा नहीं रहा। उन्होंने बताया कि जिले में चौधरी अजित सिंह की सभा में हुजूम उमड़ पड़ता था। उनके आने की सूचना मिलते ही किसान और मजदूर जनसभा में शामिल होने पहुंच जाते थे। रालोद नेता और पूर्व विधायक दिलनवाज खान ने उन्हें किसान-मजदूरों का नेता बताते हुए उनके निधन पर शोक जताया। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों जब चौधरी अजित सिंह जनपद में आए थे तो उनकी बेटी ने अपने द्वारा बनाई गई उन्हें उनकी फोटो भेंट की थी, जिसे देखकर वह काफी खुश हुए।
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पार्टी कार्यकर्ताओं ने जताया शोक
रालोद के पूर्व जिला अध्यक्ष आसिफ गाजी ने अजित सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा किसान-मजदूरों के हित में लड़ाई लड़ी। वह केंद्रीय मंत्री के पद पर रहते हुए भी किसान और मजदूरों के हित की आवाज को उठाते रहे। भाकियू अंबावता के पदाधिकारियों ने भी अजित सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। प्रदेश प्रमुख महासचिव पवन तेवतिया ने कहा कि चौधरी अजित सिंह ने किसानों के हित में काफी कार्य किए हैं जो भुलाये नहीं जा सकते हैं। किसानों के दिल में वे ताउम्र जिंदा रहेंगे। उधर, रालोद कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने शोकसभा का आयोजन कर अजित सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनकी आत्मिक शांति के लिए प्रभु से प्रार्थना की। इस दौरान जिला अध्यक्ष अरुण चौधरी, पूर्व विधायक दिलनवाज खान, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह लोधी, दिनेश कुमार शर्मा, पवन कुमार चौधरी, नरेंद्र चौधरी और सतवीर सिंह दीवान आदि शामिल रहे। दूसरी ओर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग में प्रदेश महासचिव सैय्यद मुनीर अकबर के नेतृत्व में चौधरी अजित सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर रहमत खां, आरिफ कुरैशी, सैय्यद मोहतेशिम, बबलू कुमार, विश्वास सिंह, वकील अहमद, आदिल शाह और चांद खां आदि कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
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