{"_id":"6aa45e1927de1bc9790df818","slug":"banking-operations-came-to-a-halt-transactions-worth-approximately-crore-were-affected-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-975066-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: बैंकों का कामकाज रहा ठप, करीब 500 करोड़ का लेनदेन रहा प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: बैंकों का कामकाज रहा ठप, करीब 500 करोड़ का लेनदेन रहा प्रभावित
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर पांच दिवसीय कार्य सप्ताह सहित अपनी लंबित मांगों को लेकर जिले के भी सभी सरकारी बैंक के अधिकारी कर्मचारी, राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल रहे। पूरे जिले में इसका व्यापक असर देखने को मिला, जहां लगभग सभी सरकारी बैंकों में दिनभर ताले लटके रहे। बड़ी संख्या में बैंक पहुंचे लोगों को मायूस लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी व्यापारी वर्ग को हुई। अनुमान के मुताबिक जिले में 500 करोड़ रुपये से अधिक का बैंकिंग कारोबार पूरी तरह ठप रहा।
हड़ताल के चलते नकदी निकासी, जमा, चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट, ऋण वितरण, पेंशन भुगतान और सरकारी योजनाओं से जुड़ा कामकाज पूरी तरह बाधित रहा। सुबह से ही बैंक शाखाओं के बाहर ग्राहक मायूस नजर आए। कई लोगों को जरूरी भुगतान और लेनदेन न हो पाने के कारण वापस लौटना पड़ा। बाजारों में भी इसका सीधा असर दिखा और लेनदेन सुस्त पड़ गया। यूएफबीयू के बैनर तले जिले में बैंक कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। नवयुग मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। कहा कि अधिकारियों को पीआईएल की सुविधा दी जा रही है। लेकिन इसको कर्मचारियों के लिए नहीं किया जा रहा है।
इस सुविधा को भी लागू करने की आवश्यकता है। सराफा एसोसिएशन के संरक्षक राजकिशोर गुप्ता ने बताया कि कारोबारी रोजाना बैंकों में जाकर अपनी रकम को रखते हैं। लेकिन इसकी वजह से आज कैश का कम लेनदेन किया गया है। अधिकतर लेनदेन ऑनलाइन माध्यम से ही किया गया है। वहीं, किराना मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि कारोबारियों को काफी परेशनियों का सामना करना पड़ा है। माल का रुपया आज नहीं ट्रांसफर हो सका है। बैंकों की हड़ताल से सब अस्त व्यस्त रहा है।
विज्ञापन
वर्जन-- -- -
बैंक अब मंगलवार को ही खुलेंगे। हड़ताल की वजह से सभी शाखाओं में कामकाज ठप रहे हैं। इससे करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन रोजाना वाला प्रभावित रहा है।
बुद्धराम, एलडीएम
-- -- -- -- --
रुपये जमा करने गए थे, कामकाज ही रहा ठप
बैंक में वह सुबह रुपये जमा करने के लिए गए थे। लेकिन बैंक बंद होने की वजह से रुपये जमा नहीं कर सके। अब उन्हें उन रुपयों को 15 सितंबर तक घर में रखना होगा।
कपिल गाेयल, राजनगर एक्सटेंशन
बैंक में एफडी कराने गए थे। लेकिन बैंकों में हड़ताल की वजह से एफडी ही नहीं हो पाई। 15 सितंबर के बाद ही जाएंगे।
मोहित कुमार,शास्त्री नगर
कच्चे माल का भुगतान करने के लिए अकाउंटेंट आज बैंक गया था। लेकिन बैंक में कामकाज ठप होने की वजह से वापस लौटना पड़ा। ऐसे में माल का भुगतान भी देरी से हो पाएगा।
संजीव सचदेवा,उद्यमी
बैंकों में हड़ताल की वजह से फैक्ट्री के माल का रुपया आपूर्तिकर्ता को नहीं पहुंच पाया है। इससे क्रेडिट खराब होता है। बैंक अब मूल सुविधाओं में आती है। इनमें हड़ताल से काफी परेशानियां हो जाती हैं।
प्रदीप गुप्ता,उद्यमी
हड़ताल के चलते नकदी निकासी, जमा, चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट, ऋण वितरण, पेंशन भुगतान और सरकारी योजनाओं से जुड़ा कामकाज पूरी तरह बाधित रहा। सुबह से ही बैंक शाखाओं के बाहर ग्राहक मायूस नजर आए। कई लोगों को जरूरी भुगतान और लेनदेन न हो पाने के कारण वापस लौटना पड़ा। बाजारों में भी इसका सीधा असर दिखा और लेनदेन सुस्त पड़ गया। यूएफबीयू के बैनर तले जिले में बैंक कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। नवयुग मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। कहा कि अधिकारियों को पीआईएल की सुविधा दी जा रही है। लेकिन इसको कर्मचारियों के लिए नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
इस सुविधा को भी लागू करने की आवश्यकता है। सराफा एसोसिएशन के संरक्षक राजकिशोर गुप्ता ने बताया कि कारोबारी रोजाना बैंकों में जाकर अपनी रकम को रखते हैं। लेकिन इसकी वजह से आज कैश का कम लेनदेन किया गया है। अधिकतर लेनदेन ऑनलाइन माध्यम से ही किया गया है। वहीं, किराना मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि कारोबारियों को काफी परेशनियों का सामना करना पड़ा है। माल का रुपया आज नहीं ट्रांसफर हो सका है। बैंकों की हड़ताल से सब अस्त व्यस्त रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
बैंक अब मंगलवार को ही खुलेंगे। हड़ताल की वजह से सभी शाखाओं में कामकाज ठप रहे हैं। इससे करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन रोजाना वाला प्रभावित रहा है।
बुद्धराम, एलडीएम
रुपये जमा करने गए थे, कामकाज ही रहा ठप
बैंक में वह सुबह रुपये जमा करने के लिए गए थे। लेकिन बैंक बंद होने की वजह से रुपये जमा नहीं कर सके। अब उन्हें उन रुपयों को 15 सितंबर तक घर में रखना होगा।
कपिल गाेयल, राजनगर एक्सटेंशन
बैंक में एफडी कराने गए थे। लेकिन बैंकों में हड़ताल की वजह से एफडी ही नहीं हो पाई। 15 सितंबर के बाद ही जाएंगे।
मोहित कुमार,शास्त्री नगर
कच्चे माल का भुगतान करने के लिए अकाउंटेंट आज बैंक गया था। लेकिन बैंक में कामकाज ठप होने की वजह से वापस लौटना पड़ा। ऐसे में माल का भुगतान भी देरी से हो पाएगा।
संजीव सचदेवा,उद्यमी
बैंकों में हड़ताल की वजह से फैक्ट्री के माल का रुपया आपूर्तिकर्ता को नहीं पहुंच पाया है। इससे क्रेडिट खराब होता है। बैंक अब मूल सुविधाओं में आती है। इनमें हड़ताल से काफी परेशानियां हो जाती हैं।
प्रदीप गुप्ता,उद्यमी