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ऑटो चालकों की मनमानी: लोगों से दो से तीन गुना तक वसूला किराया
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साहिबाबाद। दिल्ली में शनिवार को प्रदर्शन के चलते मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी और रेल सेवाएं प्रभावित होने का असर यात्रियों पर भी पड़ा। ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा की मांग बढ़ने पर यात्रियों से दो से तीन गुना तक अधिक किराया वसूला। जबकि कुछ यात्रियों से गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 50 से 100 रुपये अतिरिक्त किराया वसूला गया। नौकरीपेशा लोगों से लेकर दिहाड़ी मजदूरों तक को परेशानी झेलनी पड़ी।
टीएचए से बड़ी संख्या में लोग पढ़ाई, नौकरी, कारोबार, खरीदारी और अन्य कामों के लिए दिल्ली जाते हैं। शनिवार को सेवाएं प्रभावित होने के कारण यात्रियों को दूसरे रास्तों और परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ा। गंतव्य तक पहुंचने की मजबूरी में लोगों ने ऑटो और ई-रिक्शा बुक को 50 से 100 रुपये तक अधिक देने पड़े। साहिबाबाद रेलवे स्टेशन से ई-रिक्शा लेने वाले महेश चौधरी ने बताया कि उनकी पुरानी दिल्ली में दुकान है। ट्रेन सेवा प्रभावित होने के कारण उन्होंने दिल्ली जाने के लिए 400 रुपये में कैब बुक की है। जबकि रोज 50 रुपये में ही दुकान तक पहुंच जाते हैं। वहीं, कड़कड़ मॉडल निवासी नरेश सिंह दिल्ली के निर्माण विहार में एक निर्माणाधीन इमारत में एक महीने से काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह रोजाना मेट्रो से काम पर जाते हैं, लेकिन शनिवार को स्टेशन बंद होने के कारण उन्हें ऑटो से जाना पड़ा। दिहाड़ी का बड़ा हिस्सा आने-जाने में ही खर्च हो गया।
मेट्रो स्टेशन बंद होने से खाली दिखे परिसर, वैकल्पिक रास्तों की तलाश में भटके यात्री
दिल्ली जाने वाले यात्री बड़ी संख्या में कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर लाइन बदलकर आगे का सफर करते हैं। शनिवार को कश्मीरी गेट स्टेशन बंद होने से यात्रियों को अधिक परेशानी हुई। उनको गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे मार्ग तलाशने पड़े। इससे सफर का समय और खर्च दोनों बढ़ने की स्थिति बनी। सामान्य दिनों में यात्रियों की आवाजाही से व्यस्त रहने वाले मेट्रो स्टेशन पर भी अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखाई दी। दिल्ली जाने के लिए मेट्रो पर निर्भर रहने वाले कई यात्रियों ने ऑटो और ई-रिक्शा का सहारा लिया।
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टीएचए से बड़ी संख्या में लोग पढ़ाई, नौकरी, कारोबार, खरीदारी और अन्य कामों के लिए दिल्ली जाते हैं। शनिवार को सेवाएं प्रभावित होने के कारण यात्रियों को दूसरे रास्तों और परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ा। गंतव्य तक पहुंचने की मजबूरी में लोगों ने ऑटो और ई-रिक्शा बुक को 50 से 100 रुपये तक अधिक देने पड़े। साहिबाबाद रेलवे स्टेशन से ई-रिक्शा लेने वाले महेश चौधरी ने बताया कि उनकी पुरानी दिल्ली में दुकान है। ट्रेन सेवा प्रभावित होने के कारण उन्होंने दिल्ली जाने के लिए 400 रुपये में कैब बुक की है। जबकि रोज 50 रुपये में ही दुकान तक पहुंच जाते हैं। वहीं, कड़कड़ मॉडल निवासी नरेश सिंह दिल्ली के निर्माण विहार में एक निर्माणाधीन इमारत में एक महीने से काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह रोजाना मेट्रो से काम पर जाते हैं, लेकिन शनिवार को स्टेशन बंद होने के कारण उन्हें ऑटो से जाना पड़ा। दिहाड़ी का बड़ा हिस्सा आने-जाने में ही खर्च हो गया।
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मेट्रो स्टेशन बंद होने से खाली दिखे परिसर, वैकल्पिक रास्तों की तलाश में भटके यात्री
दिल्ली जाने वाले यात्री बड़ी संख्या में कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर लाइन बदलकर आगे का सफर करते हैं। शनिवार को कश्मीरी गेट स्टेशन बंद होने से यात्रियों को अधिक परेशानी हुई। उनको गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे मार्ग तलाशने पड़े। इससे सफर का समय और खर्च दोनों बढ़ने की स्थिति बनी। सामान्य दिनों में यात्रियों की आवाजाही से व्यस्त रहने वाले मेट्रो स्टेशन पर भी अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखाई दी। दिल्ली जाने के लिए मेट्रो पर निर्भर रहने वाले कई यात्रियों ने ऑटो और ई-रिक्शा का सहारा लिया।
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