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Ghaziabad News: मिलावटखोर बेखौफ, त्योहार में जनता की सेहत से खिलवाड़

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2026 11:40 PM IST
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Adulterators act with impunity; public health put at risk during the festive season.
सुदामा पुरी की फैक्ट्री में पकड़े गए ब्लीच के साथ तैयार किए गए 250 किलो रसगुल्ला। स्रोत खाद्य व
गाजियाबाद। त्योहारी सीजन में मिठाई और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ते ही मिलावटखोरों का दुस्साहस सामने आने लगा है। मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले कारोबारी खाद्य पदार्थों में ऐसे केमिकल तक इस्तेमाल करने से नहीं हिचक रहे हैं, जिनका उपयोग खाने के लिए होता ही नहीं। सुदामापुरी में कपड़े रंगने में इस्तेमाल होने वाले सेफोलाइट केमिकल से रसगुल्ले सफेद करने वाली बिना लाइसेंस की फैक्टरी पकड़ी गई है। यहां गंदगी के बीच तैयार हो रहे करीब 250 किलो रसगुल्लों को नष्ट कराया गया और फैक्टरी बंद करा दी गई। दूसरी तरफ सिहानी गेट क्षेत्र में नकली मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) यानी अजीनोमोटो का बड़ा जखीरा पकड़ा गया है। पुलिस ने 21 हजार से अधिक पैकेट जब्त किए हैं।
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दिल्ली-नोएडा तक हो रही थी केमिकल वाले रसगुल्लों की आपूर्ति
गाजियाबाद। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय ने बताया कि बुधवार देर रात खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सुदामापुरी में कार्रवाई की। यहां कमल किशोर बिना लाइसेंस रसगुल्ले तैयार कर रहा था। फैक्टरी में अत्यधिक गंदगी और तैयार रसगुल्लों में कीड़े मिले। टीम ने चार नमूने लिए और फैक्टरी बंद करा दी।
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जांच के दौरान टीम को सेफोलाइट केमिकल भी मिला। यह ब्लीचिंग एजेंट के रूप में इस्तेमाल होता है। इसका प्रमुख उपयोग कपड़ों की रंगाई में किया जाता है। आरोप है कि रसगुल्लों को ज्यादा सफेद और आकर्षक दिखाने के लिए यह केमिकल मिलाया जा रहा था।
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पूछताछ में फैक्टरी संचालक ने बताया कि रोजाना 400 से 500 किलो रसगुल्ले तैयार किए जाते थे। इनकी आपूर्ति गाजियाबाद के अलावा नोएडा और दिल्ली की दुकानों में की जा रही थी। बाजार में इन्हें करीब 150 से 250 रुपये किलो तक बेचा जा रहा था। सुदामापुरी क्षेत्र में इससे पहले भी खाद्य सुरक्षा विभाग रसगुल्ले तैयार करने वाली फैक्टरी पर कार्रवाई कर चुका है।
सेहत के लिए अत्यंत घातक
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा के अनुसार, सेफोलाइट के सेवन से किडनी और लिवर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके अलावा आंतों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
दिल्ली की कंपनी के नाम से बेच रहे थे अजीनोमोटो
गाजियाबाद। एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि दिल्ली स्थित लैंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के सहायक महाप्रबंधक विक्रांत भाटिया ने शिकायत दी थी। आरोप है कि एम/एस श्री एंटरप्राइजेज उनकी कंपनी के पंजीकृत ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, लेबल और पैकेजिंग की नकल कर रही थी। कंपनी की शिकायत पर सिहानी गेट पुलिस ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ पटेल मार्ग स्थित एम/एस श्री एंटरप्राइजेज के परिसर पर छापा मारा। टीम को वहां पैक और खुला एमएसजी बड़ी मात्रा में मिला। पुलिस के मुताबिक बरामद माल 421 कट्टों में रखा था। प्रत्येक कट्टे में 500 ग्राम के 50 पैकेट थे। इस तरह कुल 21,050 पैकेट जब्त किए गए। परिसर में सिर्फ मनोज नामक कर्मचारी मिला। खाद्य विभाग के निरीक्षक शैलेंद्र रावत ने नमूने लिए। पुलिस ने कॉपीराइट अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

यह होता है अजीनोमोटो
एमएसजी यानी अजीनोमोटो ग्लूटामिक एसिड का सोडियम लवण है। इसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह सफेद, गंधहीन और क्रिस्टलीय पाउडर होता है, जो पानी में आसानी से घुल जाता है। टमाटर, मशरूम, पनीर और मांस समेत कई प्राकृतिक खाद्य पदार्थों में भी ग्लूटामेट पाया जाता है।
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