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परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की उपस्थिति जांचेंगे प्रधान
Updated Sun, 07 Jan 2018 10:30 PM IST
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परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की उपस्थिति जांचेंगे ग्राम प्रधान
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में उपस्थिति को लेकर शिक्षकों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए एक और पहल की जा रही है। शासन ने शिक्षकों की विद्यालयों में समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने व उनकी मनमानी पर नकेल कसने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया हैं। अब शासन ने शिक्षकों की उपस्थिति देखने व जांचने के लिए ग्राम प्रधानों को जिम्मेदारी दी है। ग्राम प्रधान अब शिक्षकों की पूरे माह की उपस्थिति जांचेंगे और इसकी रिपोर्ट विभाग को प्रेषित करेंगे।
शासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को महत्व देने व शिक्षकों की उपस्थिति को सुधारने के लिए यह पहल की है। अभी तक तमाम प्रयासों के बाद भी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर कोई सुधार संभव नहीं हो पा रहा है। जिले में अभी भी अधिकतर विद्यालय ऐसे हैं जिनमें शिक्षक मनमाने तौर पर ही आने-जाने का काम करते हैं। शिक्षक खंड शिक्षा अधिकारियों से मिलीभगत कर पूरे माह में कभी-कभार ही स्कूल में पहुंचते हैं और वेतन नियमित रूप से पाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के हालात कुछ अधिक ही हैं। मगर, शासन ने अब शिक्षकों की स्थिति में सुधार लाने के लिए यह निर्णय लिए हैं। इसके तहत ग्राम प्रधान अपने ग्राम पंचायत स्थित परिषदीय स्कूलों में प्रतिदिन समय से शिक्षकों की उपस्थिति को देखेंगे और महीने में इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर विभागीय अधिकारी को सौंपेंगे। ऐसे में फरमान आने के बाद विभाग भी इसके कवायद में जुट गया है।
कोट
शासन की इस पहल से निश्चित तौर पर शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार होगा। यदि ग्राम प्रधान इस दायित्व का सही ढंग से निर्वहन करेंगे तो काफी बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। फिलवक्त इस आदेश के अनुपालन की कवायद शुरू कर दी गई है।
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- अजीत कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में उपस्थिति को लेकर शिक्षकों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए एक और पहल की जा रही है। शासन ने शिक्षकों की विद्यालयों में समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने व उनकी मनमानी पर नकेल कसने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया हैं। अब शासन ने शिक्षकों की उपस्थिति देखने व जांचने के लिए ग्राम प्रधानों को जिम्मेदारी दी है। ग्राम प्रधान अब शिक्षकों की पूरे माह की उपस्थिति जांचेंगे और इसकी रिपोर्ट विभाग को प्रेषित करेंगे।
शासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को महत्व देने व शिक्षकों की उपस्थिति को सुधारने के लिए यह पहल की है। अभी तक तमाम प्रयासों के बाद भी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर कोई सुधार संभव नहीं हो पा रहा है। जिले में अभी भी अधिकतर विद्यालय ऐसे हैं जिनमें शिक्षक मनमाने तौर पर ही आने-जाने का काम करते हैं। शिक्षक खंड शिक्षा अधिकारियों से मिलीभगत कर पूरे माह में कभी-कभार ही स्कूल में पहुंचते हैं और वेतन नियमित रूप से पाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के हालात कुछ अधिक ही हैं। मगर, शासन ने अब शिक्षकों की स्थिति में सुधार लाने के लिए यह निर्णय लिए हैं। इसके तहत ग्राम प्रधान अपने ग्राम पंचायत स्थित परिषदीय स्कूलों में प्रतिदिन समय से शिक्षकों की उपस्थिति को देखेंगे और महीने में इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर विभागीय अधिकारी को सौंपेंगे। ऐसे में फरमान आने के बाद विभाग भी इसके कवायद में जुट गया है।
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कोट
शासन की इस पहल से निश्चित तौर पर शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार होगा। यदि ग्राम प्रधान इस दायित्व का सही ढंग से निर्वहन करेंगे तो काफी बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। फिलवक्त इस आदेश के अनुपालन की कवायद शुरू कर दी गई है।
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- अजीत कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी