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Ghaziabad News: नौकरी और रुपयों का लालच दे कराया 100 लोगों का धर्मांतरण
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गाजियाबाद। धर्मांतरण कराने के मामले में फरार चल रहे पादरी महेंद्र को मोदीनगर पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि उसने पूछताछ में 100 लोगों का धर्मांतरण कराया जाना कुबूल किया है। इसके लिए उसे हर महीने एक लाख रुपये मिलते थे। वह लोगों को नौकरी और रुपये दिलाने का लालच देकर धर्मांतरण कराता था। उसे विदेश से भी फंड मिल रहा है।
पुलिस ने बताया कि महेंद्र के निशाने पर अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोग रहते थे। पहले उन्हें प्रार्थना सभा में बुलाया जाता था। पहली बार में प्रार्थना कराने के साथ उनकी समस्याएं सुनीं जाती थीं। जो लोग खुद को बेहद जरूरतमंद बताते, उनकी आर्थिक मदद की जाती। इसके बाद उन्हें लालच दिया जाता कि अगर ईसाई धर्म अपना लेंगे तो और मदद मिलेगी।
वह इस मिशन में लंबे समय से लगा है लेकिन दो साल पहले ही उसने ईसाई धर्म अपनाया। वह लोगों का खुद का उदाहरण देकर कहता था कि धर्म बदलने के बाद उसकी जिंदगी संवर गई।
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एसीपी मोदीनगर ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी हापुड़ के पीरनगर सूदना निवासी महेंद्र है। पूछताछ में उसने बताया कि वह पत्नी सीमा के साथ मिलकर धर्मांतरण कराता था। चार दिन पहले अपने साथियों के साथ उसने मोदीनगर के शाहजहांपुर गांव में रोहित के मकान पर आया था। जहां लोगों को रुपये व नौकरी का लालच देकर धर्मांतरण कराने के लिए प्रार्थना कराई जा रही थी।
पादरी की पत्नी की भी तलाश
महेंद्र की पत्नी की तलाश की जा रही है। पूछताछ में सामने आया कि उसकी ट्रस्ट की ओर से हापुड़ के लोदीपुर गांव के पास एक दो मंजिला इमारत में धर्म परिवर्तन के लिए राजी हुए लोगों को रखता था। यहां लोगों को ईसाई धर्म के रीति-रिवाजों की जानकारी दी जाती थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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पुलिस ने बताया कि महेंद्र के निशाने पर अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोग रहते थे। पहले उन्हें प्रार्थना सभा में बुलाया जाता था। पहली बार में प्रार्थना कराने के साथ उनकी समस्याएं सुनीं जाती थीं। जो लोग खुद को बेहद जरूरतमंद बताते, उनकी आर्थिक मदद की जाती। इसके बाद उन्हें लालच दिया जाता कि अगर ईसाई धर्म अपना लेंगे तो और मदद मिलेगी।
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वह इस मिशन में लंबे समय से लगा है लेकिन दो साल पहले ही उसने ईसाई धर्म अपनाया। वह लोगों का खुद का उदाहरण देकर कहता था कि धर्म बदलने के बाद उसकी जिंदगी संवर गई।
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एसीपी मोदीनगर ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी हापुड़ के पीरनगर सूदना निवासी महेंद्र है। पूछताछ में उसने बताया कि वह पत्नी सीमा के साथ मिलकर धर्मांतरण कराता था। चार दिन पहले अपने साथियों के साथ उसने मोदीनगर के शाहजहांपुर गांव में रोहित के मकान पर आया था। जहां लोगों को रुपये व नौकरी का लालच देकर धर्मांतरण कराने के लिए प्रार्थना कराई जा रही थी।
पादरी की पत्नी की भी तलाश
महेंद्र की पत्नी की तलाश की जा रही है। पूछताछ में सामने आया कि उसकी ट्रस्ट की ओर से हापुड़ के लोदीपुर गांव के पास एक दो मंजिला इमारत में धर्म परिवर्तन के लिए राजी हुए लोगों को रखता था। यहां लोगों को ईसाई धर्म के रीति-रिवाजों की जानकारी दी जाती थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।