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एफएसएसएआईः खाद्य पदार्थों के 1.06 लाख सैंपलों में से 3.7 फीसदी सैंपल खाने योग्य नहीं
Tue, 26 Nov 2019 05:30 PM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 26 Nov 2019 05:30 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने पिछले वित्तीय वर्ष में देश भर से करीब 1.06 लाख खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच की है जिनमें से 3.7 फीसदी खाने योग्य नहीं पाए गए।
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वहीं 15.8 फीसदी शुद्धता मानक से नीचे पाये गए। एफएसएसएआई ने एक बयान में कहा, खाद्य से जुड़े फौजदारी मामले 36 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 2813 हो गए, वहीं आपराधिक मामले 86 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 18550 हो गए।
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एफएसएसएआई ने बताया कि जुर्माने के मामले 67 फीसदी बढ़ोतरी के 12727 मामले सामने आए जिनमें कुल 32.58 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। यह पिछली साल की तुलना में 23 फीसदी अधिक है। वहीं आपराधिक मामलों में 701 लोगों को सजा हुई है। एफएसएसआई ने देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित राज्यों का डाटा जारी किया है।
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आंकड़ों के मुताबिक खाद्य सुरक्षा को लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु, बिहार, जम्मू कश्मीर और चंडीगढ़ में हालात अच्छे हैं। जबकि हिमाचल, कर्नाटक, असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा का हाल बहुत बुरा है। यहां सुरक्षा जांच के लिए स्थायी अधिकारी नहीं हैं और न ही यहां पर जांच के लिए लैब स्थापित हैं।
मिलावट को लेकर लोगों का विश्वास घटा
एफएसएसआई ने बताया कि मौजूदा समय में फर्जी खबरों और देशभर में बड़े स्तर पर मिलावट खोरी की धारणा बनने से लोगों का विश्वास घटा है। इस सिलसिले में एफएसएसएआई संबंधित राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। ताकि स्थितियों को सुधारा जा सके और लोगों का विश्वास वापस जीता जा सके।