फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Five storey building collapsed in delhi, Administration removed debris, police in search of accused

मौत का मकान: प्रशासन ने हटाया मलबा, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

Fri, 28 Sep 2018 05:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 28 Sep 2018 05:50 AM IST
विज्ञापन
Five storey building collapsed in delhi, Administration removed debris, police in search of accused
बाबू जगजीवन राम अस्पताल में शोकाकुल परिजन

उत्तर-पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार फेज-3 स्थित सावन पार्क में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में आरोपी बिल्डर धर्मेंद्र, सचिन व सचिन का पिता अभी भी फरार हैं। पुलिस की आधा दर्जन टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उधर, गुरुवार दोपहर दो बजे तक मौके से मलबा हटा दिया गया। मलबे में कोई और शव बरामद नहीं हुआ है।

विज्ञापन


वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि जांच में पता चला है कि करीब दो दशक पूर्व प्लॉट पर एक दुकान व एक मंजिल बनी हुई थी। बिल्डिंग की बुनियाद कमजोर थी। बाद में धर्मेंद्र व सचिन ने विनोद नामक शख्स से छत खरीदकर सात साल पूर्व दो मंजिल का निर्माण कर दिया। पिछले साल एक और मंजिल जबरन बना ली, जिससे इमारत झुककर शीशम के पेड़ से टिक गई। एमसीडी ने कोई कार्रवाई नहीं की और बुधवार को हादसा हो गया।
विज्ञापन


मामले की छानबीन कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धर्मेंद्र व सचिन के घरों के आसपास सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि धर्मेंद्र की इलाके में कई अन्य प्रॉपर्टी है, जिसे उसने किराए पर दिया हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद ही पता चल पाएगा धर्मेंद्र की कितनी और कहां-कहां प्रॉपर्टी है। पुलिस आरोपियों के रिश्तेदारों की सूची बनाकर उनके घरों पर भी छापेमारी कर रही है। इसके अलावा तीनों की गिरफ्तारी के लिए टेक्नीकल सर्विलांस की मदद ली जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

उत्तरी दिल्ली में फिर होगा मकानों का सर्वे 

Five storey building collapsed in delhi, Administration removed debris, police in search of accused
बाबू जगजीवन राम अस्पताल के शवगृह के बाहर परिजनों की भीड़

सावन पार्क में मकान गिरने से मलबे में दबकर सात लोगों की मौत के बाद उत्तरी दिल्ली नगर निगम की नींद खुली है। अब निगम फिर क्षेत्र में मकानों का सर्वे कराएगा। इस मामले की रिपोर्ट सात दिन में आएगी। साथ ही रिपोर्ट में लापरवाही बरतने पर निगम ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। 

गुरुवार को निगम के प्रमुख अभियंता ने आदेश जारी कर अधिशासी अभियंताओं (रख-रखाव) को कहा है कि क्षेत्र में खतरनाक भवनों का सर्वे कर सात दिनों में रिपोर्ट पेश करें। साथ ही पहले से चिन्हित खतरनाक भवनों को निगम अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई का नोटिस जारी करें। यदि कोई भवन रहने लायक नहीं है तो उसे खाली करने का नोटिस देकर सील कर दें। 

‘भगवान ने हमारे परिवार को किस बात की दी सजा’

अशोक विहार के सावन पार्क में इमारत के मलबे में दबकर उमेश के भाई लक्ष्मण, पत्नी सीमा और दो मासूम बच्चों आशी व शौर्य की मौत हो चुकी है। मासूमों का पोस्टमार्टम के बाद जब शव बाहर लाया गया तो उमेश उनसे लिपटकर रोने लगा। इस दौरान वह बस यही रट लगा रहा था कि ‘भगवान ने हमारे परिवार को किस पाप की सजा दी है’। वहीं, उमेश की पत्नी और भाई का एलएनजेपी अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ। परिवार चारों शवों को लेकर दोपहर करीब 2.00 बजे अपने पैतृक गांव बहपुर पट्टी-असलतपुर, बहजोई, संभल रवाना हो गया। वहीं, विमलेश के दोनों बच्चे रजनीश और सुमनेश के अलावा राज बहादुर की पत्नी मुन्नी देवी के शवों का पोस्टमार्टम बीजेआरएम अस्पताल में हुआ। उनके शव भी परिजन गांव गनौरा, संडीला, हरदोई लेकर चले गए हैं।

जहांगीरपुर स्थित बाबू जगजीवन राम अस्पताल में हादसे का शिकार पांच लोग शौर्य (2) आशी (3), रजनीश (4), सुमनेश (12) व मुन्नी देवी (40) के शवों का पोस्टमार्टम किया गया। उमेश के परिवार में सात साल की बच्ची रिशिका बची है। वह भी पिता को रोता देखकर बार-बार अपनी मां व भाई-बहन के बारे में पूछ रही थी। उधर, एलएनजेपी अस्पताल में उमेश के जीजा व अन्य रिश्तेदारों ने शवों का पोस्टमार्टम करवाया।

इधर, बीजेआरएम अस्पताल में विमलेश ने बताया कि परिवार रोजगार की तलाश में कुछ सालों पूर्व हरदोई से दिल्ली आया था। पत्नी व दो बच्चियां काम करने चले जाते थे। घर में मासूम अकेले रहते थे। दोनों ही मासूम हादसे का शिकार हो गए। इधर, एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती नरोत्तम की पत्नी निशा की हालत नाजुक बनी हुई है। बाकी घायल मंजू, कमला शंकर, विजय और राज बहादुर का अस्पताल में इलाज जारी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed