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कोरोना का डर: हाजिरी के लिए मशीन में डॉक्टर नहीं लगाएंगे अंगूठा
Sun, 16 Feb 2020 03:42 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sun, 16 Feb 2020 03:42 AM IST
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coronavirus
- फोटो : ANI
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कोरोना वायरस के खौफ के चलते दिल्ली के एक बड़े सरकारी अस्पताल में डॉक्टर बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर हाजिरी नहीं देंगे। यहां काम करने वाले चिकित्सक अगले कुछ दिनों तक रजिस्टर पर साइन करने के बाद ड्यूटी पर जाएंगे। दिल्ली सरकार के महर्षि वाल्मीकि अस्पताल प्रबंधन ने लिखित आदेश भी जारी कर दिया है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार कोरोना वायरस के चलते डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ खौफ में हैं। इस वजह से डॉक्टर हाजिरी के लिए अपने अंगूठे को मशीन पर लगाने से कतरा रहे हैं। इनका मानना है कि वायरस हाथों से होता हुआ मुंह और नाक के संपर्क में आने के बाद व्यक्ति को बीमार बनाता है। इसलिए वे अंगूठा मशीन में नहीं लगाएंगे।
पुठ खुर्द स्थित महर्षि वाल्मीकि अस्पताल के चिकित्सीय अधीक्षक डॉ. राजीव सागर ने बताया कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कुछ डाक्टरों ने शिकायत की कि अस्पताल में आने वाले स्टाफ से इंफेक्शन होने का खतरा है। सभी स्टाफ एक मशीन पर अटेेंडेंस लगाते हैं, ऐसे में यदि किसी में कोरोना के लक्षण हुए तो दूसरों में भी यह वायरस फैल सकता है।
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अस्पताल प्रबंधन के अनुसार कोरोना वायरस के चलते डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ खौफ में हैं। इस वजह से डॉक्टर हाजिरी के लिए अपने अंगूठे को मशीन पर लगाने से कतरा रहे हैं। इनका मानना है कि वायरस हाथों से होता हुआ मुंह और नाक के संपर्क में आने के बाद व्यक्ति को बीमार बनाता है। इसलिए वे अंगूठा मशीन में नहीं लगाएंगे।
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पुठ खुर्द स्थित महर्षि वाल्मीकि अस्पताल के चिकित्सीय अधीक्षक डॉ. राजीव सागर ने बताया कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कुछ डाक्टरों ने शिकायत की कि अस्पताल में आने वाले स्टाफ से इंफेक्शन होने का खतरा है। सभी स्टाफ एक मशीन पर अटेेंडेंस लगाते हैं, ऐसे में यदि किसी में कोरोना के लक्षण हुए तो दूसरों में भी यह वायरस फैल सकता है।
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ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस को रोका जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सलाह पर अगले कुछ दिनों तक चिकित्सक सहित अन्य स्टाफ मैन्युअल अटेंडेंस लगा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सभी डाक्टर समय पर आए इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
हालांकि अभी तक दिल्ली में एक भी कोरोना वायरस का पॉजीटिव केस अब तक नहीं मिला है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के ही अनुसार 13 फरवरी तक 5,700 से अधिक यात्रियों को दिल्ली हवाई अड्डे के अधिकारियों द्वारा सूचित किए जाने के बाद संपर्क किया था। अधिकारियों ने कहा कि 17 लोग चीन से दिल्ली और अन्य कोरोनो वायरस प्रभावित देशों से बड़ी संख्या में आए थे। उनमें जनवरी के मध्य में हवाई अड्डे पर शुरू हुई सक्रीनिंग की प्रक्रिया में संक्रमण जैसे लक्षण पाए गए।
दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सत्रह रोगियों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया था। इसके अलावा 4,707 यात्रियों को संभावित लक्षणों वाला पाए जाने के बाद उन्हें होम आइसोलशन की सलाह दी गई। इसके अलावा 817 यात्री ऐसे हैं, जिनकी अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। जबकि 68 यात्रियों की सर्विलांस अभी लंबित है।दिल्ली सरकार ने पहले ही मुख्यालय में एक केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है और ऐसे केंद्र 11 जिलों में भी हैं।
हालांकि अभी तक दिल्ली में एक भी कोरोना वायरस का पॉजीटिव केस अब तक नहीं मिला है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के ही अनुसार 13 फरवरी तक 5,700 से अधिक यात्रियों को दिल्ली हवाई अड्डे के अधिकारियों द्वारा सूचित किए जाने के बाद संपर्क किया था। अधिकारियों ने कहा कि 17 लोग चीन से दिल्ली और अन्य कोरोनो वायरस प्रभावित देशों से बड़ी संख्या में आए थे। उनमें जनवरी के मध्य में हवाई अड्डे पर शुरू हुई सक्रीनिंग की प्रक्रिया में संक्रमण जैसे लक्षण पाए गए।
दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सत्रह रोगियों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया था। इसके अलावा 4,707 यात्रियों को संभावित लक्षणों वाला पाए जाने के बाद उन्हें होम आइसोलशन की सलाह दी गई। इसके अलावा 817 यात्री ऐसे हैं, जिनकी अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। जबकि 68 यात्रियों की सर्विलांस अभी लंबित है।दिल्ली सरकार ने पहले ही मुख्यालय में एक केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है और ऐसे केंद्र 11 जिलों में भी हैं।