{"_id":"657b4407d899f57cb30e3229","slug":"upto-four-years-will-be-enrolled-in-bal-vatika-faridabad-news-c-1-noi1080-1209273-2023-12-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: बाल वाटिका में अब चार वर्ष तक के बच्चों का होगा दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: बाल वाटिका में अब चार वर्ष तक के बच्चों का होगा दाखिला
विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। नई शिक्षा नीति में अब पूर्व प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य शिक्षण कर दिया गया है। जिले के 239 राजकीय स्कूलों में खुले बाल वाटिका में अगले सत्र से चार वर्ष तक के विद्यार्थियों का दाखिले होंगे। इनमें अभी तक साढ़े चार वर्ष तक के विद्यार्थियों का दाखिला होता था। वहीं, आंगनवाड़ी में पहली कक्षा से पहले की शिक्षा दी जा रही है। इसके बाद पहली कक्षा में दाखिल कर लिया जाएगा।
योजना के तहत जिले के राजकीय स्कूलों में 239 बालवाटिका खोली गई हैं। यहां दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को भोजन के साथ कॉपी, पेंसिल, बस्ता और वर्दी भी दिया जाएगा। बालवाटिका में साढ़े चार घंटे की पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को दो बार जलपान की भी व्यवस्था होगी। इसमें दाखिल लेने वाले विद्यार्थियों का रिकार्ड एमआईएस पोर्टल पर भी भरना होगा। नई शिक्षा नीति के तहत प्रथम कक्षा से पहले तीन वर्ष तक औपचारिक पूर्व प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था की गई है। वहीं, कक्षा पहली में दाखिले के लिए सरकार की ओर से पांच वर्ष न्यूनतम आयु निर्धारित की गई है। ऐसे में तीन से लेकर चार वर्ष तक के विद्यार्थियों का फाउंडेशन स्टेज के तहत बालवाटिका में दाखिला होगा।
00
25 छात्रों पर हाेंगे एक शिक्षक
पहली कक्षा को पढ़ाने वाले अध्यापक को ही बालवाटिका का दायित्व सौंपा गया है। ऐसे विद्यालय जहां पर छात्र संख्या अधिक है, वहां पर अतिरिक्त सेक्शन बनाए जाएंगे। बालवाटिका के लिए छात्र अध्यापक अनुपात 25:1 रखा। बालवाटिका जिले के पांच राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों में भी खोले गए है।
विज्ञापन
वर्जन
अगले सत्र से बालवाटिका में चार वर्ष तक के छात्रों का दाखिला हो सकेगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। बाल वाटिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद उसी स्कूल में पहली कक्षा में दाखिला होगा।
- डॉ. अविनाशा शर्मा, निपुण हरियाणा जिला कोऑर्डिनेटर
योजना के तहत जिले के राजकीय स्कूलों में 239 बालवाटिका खोली गई हैं। यहां दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को भोजन के साथ कॉपी, पेंसिल, बस्ता और वर्दी भी दिया जाएगा। बालवाटिका में साढ़े चार घंटे की पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को दो बार जलपान की भी व्यवस्था होगी। इसमें दाखिल लेने वाले विद्यार्थियों का रिकार्ड एमआईएस पोर्टल पर भी भरना होगा। नई शिक्षा नीति के तहत प्रथम कक्षा से पहले तीन वर्ष तक औपचारिक पूर्व प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था की गई है। वहीं, कक्षा पहली में दाखिले के लिए सरकार की ओर से पांच वर्ष न्यूनतम आयु निर्धारित की गई है। ऐसे में तीन से लेकर चार वर्ष तक के विद्यार्थियों का फाउंडेशन स्टेज के तहत बालवाटिका में दाखिला होगा।
विज्ञापन
00
25 छात्रों पर हाेंगे एक शिक्षक
पहली कक्षा को पढ़ाने वाले अध्यापक को ही बालवाटिका का दायित्व सौंपा गया है। ऐसे विद्यालय जहां पर छात्र संख्या अधिक है, वहां पर अतिरिक्त सेक्शन बनाए जाएंगे। बालवाटिका के लिए छात्र अध्यापक अनुपात 25:1 रखा। बालवाटिका जिले के पांच राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों में भी खोले गए है।
विज्ञापन
वर्जन
अगले सत्र से बालवाटिका में चार वर्ष तक के छात्रों का दाखिला हो सकेगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। बाल वाटिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद उसी स्कूल में पहली कक्षा में दाखिला होगा।
- डॉ. अविनाशा शर्मा, निपुण हरियाणा जिला कोऑर्डिनेटर