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27 सड़क हादसों समेत हिट एंड रन मामलों की जांच करेगी ट्रैफिक पुलिस
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फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। बीते दिनों पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने ट्रैफिक पुलिस का पावर बढ़ाते हुए उन्हें दुर्घटना व हिट एंड रन मामलों की जांच करने का अधिकार दिया था। मौजूदा वर्ष में अभी तक दर्ज मामलों में से 27 लंबित हैं। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और शिकायतकर्ता ने इसमें गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी अब इन मामलों की जांच करेंगे।
पिछले आठ महीनों में दर्ज हुए मामलों में से बाकी मामले थाना पुलिस ने सुलझा दिए हैं। लंबित 27 मामलों की जांच के लिए अलग-अलग थानों से केसों की फाइल ट्रैफिक थाने में भेज दी गई है। अब इन केसों के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किये जाएंगे। इन मामलों को सुलझाने के लिए करीब दो माह का वक्त दिया गया है। जांच के दौरान इसमें आरोपी की गिरफ्तारी, वाहन को जब्त करने के साथ हादसे का कारण भी बताना होगा। पुलिस आयुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों में साफ है कि हादसों के मामलों को सुलझाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उसका कारण क्या रहा ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
इससे पहले अलग-अलग थाना स्तर के जांच अधिकारियों से इन केसों में की गई जांच के बारे में जानकारी एकत्रित की जा रही है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि जिन स्थानों पर हादसे में ज्यादातर इलाकों में लाइट की व्यवस्था नहीं थी। कई जगहों पर के डिजाइन में गड़बड़ी कारण भी हादसे हुए हैं। केसों की जांच के बाद नए स्तर पर हादसा संभावित क्षेत्रों की लिस्ट भी बनाई जा सकती है। (संवाद)
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पिछले आठ महीनों में दर्ज हुए मामलों में से बाकी मामले थाना पुलिस ने सुलझा दिए हैं। लंबित 27 मामलों की जांच के लिए अलग-अलग थानों से केसों की फाइल ट्रैफिक थाने में भेज दी गई है। अब इन केसों के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किये जाएंगे। इन मामलों को सुलझाने के लिए करीब दो माह का वक्त दिया गया है। जांच के दौरान इसमें आरोपी की गिरफ्तारी, वाहन को जब्त करने के साथ हादसे का कारण भी बताना होगा। पुलिस आयुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों में साफ है कि हादसों के मामलों को सुलझाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उसका कारण क्या रहा ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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इससे पहले अलग-अलग थाना स्तर के जांच अधिकारियों से इन केसों में की गई जांच के बारे में जानकारी एकत्रित की जा रही है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि जिन स्थानों पर हादसे में ज्यादातर इलाकों में लाइट की व्यवस्था नहीं थी। कई जगहों पर के डिजाइन में गड़बड़ी कारण भी हादसे हुए हैं। केसों की जांच के बाद नए स्तर पर हादसा संभावित क्षेत्रों की लिस्ट भी बनाई जा सकती है। (संवाद)
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