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Faridabad News: आईएएस का परिचित बताकर बिजली मीटर की फाइल पास करने के लिए कर्मचारियों को धमकाया
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बिजली विभाग की पाली डिविजन के एसडीओ ने दी पुलिस को शिकायत, एफआईआर दर्ज
जांच में सामने आया कि आवेदन फाइल में गलत फोटो, नाम व मोबाइल नंबर डाले गए थे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बिजली मीटर आवेदन की फाइल पास करने के लिए एक व्यक्ति विभाग के ऑफिस जाकर स्टॉफ को धमकाता है। खुद को आईएएस अधिकारी का परिचित बताकर स्टॉफ को ट्रांसफर कराने की धमकी देकर दबाव बना फाइल पास कराने का प्रयास करता है। बिजली विभाग की फर्जी फाइल व धमकी की शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि फाइल पर आरोपी ने फोटो किसी के, मोबाइल नंबर किसी का व नाम किसी अन्य का दिया हुआ था। पाली गांव के रहने वाले आरोपी के खिलाफ अब सारन थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस को ये शिकायत बिजली विभाग की पाली डिविजन के एसडीओ अमित देसवाल ने दी है। इनका कहना है कि दिनेश भड़ाना नामक आरोपी अक्सर ऑफिस में आकर स्टॉफ को धमकाता है और बदसलूकी करता है। एलडीसी संदीप के साथ भी उसने ऐसा ही व्यवहार किया। बिजली मीटर आवेदन की दो फाइलें पास कराने को लेकर वो स्टॉफ पर दबाव बना रहा है और ये फाइल गौरव व नितिन सूद नामक दो लोगों के नाम पर हैं। लेकिन दोनों फाइल में अलग-अलग नाम से आवेदन के बावजूद फोटो एक ही व्यक्ति की लगी है। 27 अक्टूबर को आई शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने जांच करते हुए बिजली विभाग के कर्मचारियों के बयान लिए। दिनेश भड़ाना की ओर से दी गई दो फाइल की पुलिस ने जांच की। एक फाइल एनआईटी निवासी गौरव सूद के नाम पर थी और दूसरी नितिन सूद के नाम पर। नितिन सूद की फाइल में लगे आधार कार्ड में किसी बुजुर्ग की फोटो लगी मिली जबकि आधार कार्ड के अनुसार उसका जन्म 1990 का है।
नितिन सूद के पते पर जाकर पुलिस टीम ने जांच की तो पाया कि गौरव व नितिन सूद तो वहां रहते ही नहीं है। वहां कोई महेश नामक व्यक्ति 10-12 साल से रहते हैं। आवेदन फाइल में दिए नंबर पर कॉल की तो ये नंबर पाली गांव के प्रिंस का था और उसने बयान दिया कि मैंने बिजली मीटर के लिए कोई आवेदन नहीं किया। दूसरी फाइल में दिए नंबर पर कॉल की गई तो वो अजीत भड़ाना का था और उसने भी कहा कि मैंने मीटर के लिए आवेदन नहीं दिया है। दिनेश को जांच में शामिल करने का प्रयास किया और उसके नंबर पर नोटिस भी मैसेज किया लेकिन वो जांच में शामिल नहीं हुआ। ऐसे में अब सारन थाना पुलिस ने उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर बिजली मीटर लगवाने, सरकारी कर्मचारियों पर दबाव बनाने, धमकाने, गाली-गलौज करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि थाना पुलिस की टीम मामले में कार्रवाई कर रही है।
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जांच में सामने आया कि आवेदन फाइल में गलत फोटो, नाम व मोबाइल नंबर डाले गए थे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बिजली मीटर आवेदन की फाइल पास करने के लिए एक व्यक्ति विभाग के ऑफिस जाकर स्टॉफ को धमकाता है। खुद को आईएएस अधिकारी का परिचित बताकर स्टॉफ को ट्रांसफर कराने की धमकी देकर दबाव बना फाइल पास कराने का प्रयास करता है। बिजली विभाग की फर्जी फाइल व धमकी की शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि फाइल पर आरोपी ने फोटो किसी के, मोबाइल नंबर किसी का व नाम किसी अन्य का दिया हुआ था। पाली गांव के रहने वाले आरोपी के खिलाफ अब सारन थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस को ये शिकायत बिजली विभाग की पाली डिविजन के एसडीओ अमित देसवाल ने दी है। इनका कहना है कि दिनेश भड़ाना नामक आरोपी अक्सर ऑफिस में आकर स्टॉफ को धमकाता है और बदसलूकी करता है। एलडीसी संदीप के साथ भी उसने ऐसा ही व्यवहार किया। बिजली मीटर आवेदन की दो फाइलें पास कराने को लेकर वो स्टॉफ पर दबाव बना रहा है और ये फाइल गौरव व नितिन सूद नामक दो लोगों के नाम पर हैं। लेकिन दोनों फाइल में अलग-अलग नाम से आवेदन के बावजूद फोटो एक ही व्यक्ति की लगी है। 27 अक्टूबर को आई शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने जांच करते हुए बिजली विभाग के कर्मचारियों के बयान लिए। दिनेश भड़ाना की ओर से दी गई दो फाइल की पुलिस ने जांच की। एक फाइल एनआईटी निवासी गौरव सूद के नाम पर थी और दूसरी नितिन सूद के नाम पर। नितिन सूद की फाइल में लगे आधार कार्ड में किसी बुजुर्ग की फोटो लगी मिली जबकि आधार कार्ड के अनुसार उसका जन्म 1990 का है।
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नितिन सूद के पते पर जाकर पुलिस टीम ने जांच की तो पाया कि गौरव व नितिन सूद तो वहां रहते ही नहीं है। वहां कोई महेश नामक व्यक्ति 10-12 साल से रहते हैं। आवेदन फाइल में दिए नंबर पर कॉल की तो ये नंबर पाली गांव के प्रिंस का था और उसने बयान दिया कि मैंने बिजली मीटर के लिए कोई आवेदन नहीं किया। दूसरी फाइल में दिए नंबर पर कॉल की गई तो वो अजीत भड़ाना का था और उसने भी कहा कि मैंने मीटर के लिए आवेदन नहीं दिया है। दिनेश को जांच में शामिल करने का प्रयास किया और उसके नंबर पर नोटिस भी मैसेज किया लेकिन वो जांच में शामिल नहीं हुआ। ऐसे में अब सारन थाना पुलिस ने उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर बिजली मीटर लगवाने, सरकारी कर्मचारियों पर दबाव बनाने, धमकाने, गाली-गलौज करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि थाना पुलिस की टीम मामले में कार्रवाई कर रही है।

भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura
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