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चार वर्ष में एम्स शाखा की आवासीय इमारत हुई जर्जर
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बल्लभगढ़। एम्स शाखा में डॉक्टरों और नर्सों के लिए बनाई गई आवासीय इमारत चार वर्ष में जर्जर होेने के कगार पर पहुंच चुकी है। हालात हैं कि आवासों की दीवारों में दरारें और छतों से सरिया दिखने लगे हैं। वहीं, कुछ दिनों पूर्व छतों से प्लास्टर गिरने लगा है।
बल्लभगढ़ में एम्स की ओपीडी का निर्माण 2007 में किया गया था। उसी समय अस्पताल में डॉक्टर और नर्स के लिए आवासीय परिसर इमारत बनाई गई, लेकिन अब धीरे-धीरे आवासीय परिसर की इमारत खस्ताहाल हो रही है। चार वर्ष के भीतर अब हॉस्टल की दीवारों से प्लास्टर गिरने लगा है, जबकि छतों के सरिये भी दिखने लगा हैं।
हॉस्टल में तकरीबन 40 कर्मचारी रह रहे हैं। कुछ दिनों पूर्व भी बारिश के मौसम में अचानक छतों से प्लास्टर नीचे गिर गया था। जिसके गिरने से अस्पतालकर्मी घायल होने से बच गए थे।
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वर्जन-
बिल्डिंग की मरम्मत के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कर दिया गया है। बहुत जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी। - हर्षल साल्वे, असिस्टेंट प्रोफेसर, एम्स शाखा बल्लभगढ़
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बल्लभगढ़ में एम्स की ओपीडी का निर्माण 2007 में किया गया था। उसी समय अस्पताल में डॉक्टर और नर्स के लिए आवासीय परिसर इमारत बनाई गई, लेकिन अब धीरे-धीरे आवासीय परिसर की इमारत खस्ताहाल हो रही है। चार वर्ष के भीतर अब हॉस्टल की दीवारों से प्लास्टर गिरने लगा है, जबकि छतों के सरिये भी दिखने लगा हैं।
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हॉस्टल में तकरीबन 40 कर्मचारी रह रहे हैं। कुछ दिनों पूर्व भी बारिश के मौसम में अचानक छतों से प्लास्टर नीचे गिर गया था। जिसके गिरने से अस्पतालकर्मी घायल होने से बच गए थे।
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वर्जन-
बिल्डिंग की मरम्मत के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कर दिया गया है। बहुत जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी। - हर्षल साल्वे, असिस्टेंट प्रोफेसर, एम्स शाखा बल्लभगढ़