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Faridabad News: खोरी वन क्षेत्र में नगर निगम ने 150 अवैध झुग्गियां ढहाईं
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-हल्के प्रतिरोध का हुआ सामना, फोर्स के साथ पहुंचे थे निगम अधिकारी और कर्मचारियों ने अवैध झुग्गियों पर चलााई जेसीबी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम ने खाेरी वन क्षेत्र में बनाए 150 अवैध झुग्गियों और मकानों पर बृहस्पतिवार को कार्रवाई करते हुए जेसीबी चलाकर ढहा दिया। इस दौरान अवैध रूप से बनाई झुग्गियों और मकानों में रह रहे लोगों ने कार्रवाई का विरोध भी किया। प्रतिरोध की परवाह न करते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ गए निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने सभी अवैध बनाए मकानों को गिरा दिया।
नगर निगम में तोड़फोड़ विभाग के ड्यूटी मजिस्ट्रेट नितिन कादियान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर करीबन तीन वर्ष पहले खोरी वन क्षेत्र को पूरी तरह से खाली कराया गया था। इसके बाद भी लोगों ने दोबारा अस्थायी मकान बना लिए थे। निगम बार-बार नोटिस देने के बाद कार्रवाई करता है लेकिन यहां लोग जबरन अस्थायी आश्रय बना लेते हैं। इसके पूर्व भी नगर निगम ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी। इसके बावजूद लोग कानून का उल्लंघन करते हुए दोबारा से निर्माण कर ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को निगम ने कार्रवाई करते हुए 150 झुग्गियों और अस्थायी मकानों को ढहा दिया।
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अब किया अवैध कब्जा तो मामला दर्ज किया जाएगा
खोरी वन क्षेत्र में अवैध रूप से अस्थायी मकान बनाने वाले लोगों को नगर निगम की ओर से चेतावनी भी गई थी। इसके बावजूद लोगों ने अस्थायी निवास बना लिया। एसडीओ सुरेंद्र हुड्डा ने बताया कि दोबारा से निर्माण करने वालों को मामला दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। यदि इसके बाद भी लोग नहीं माने तो मामला दर्ज किया जाएगा।
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तीन वर्ष पहले खोरी में चलाया था विशेष अभियान, उच्चतम न्यायालय के आदेश पर 10 हजार मकान तोड़े
सूरजकुुंड रोड स्थित अरावली की पहाड़ियों में यह वन क्षेत्र है। फरीदाबाद और दिल्ली में कार्य करने वाले बहुत से लोगों ने इस वन क्षेत्र में आकर धीरे-धीरे आशियाना बना लिया था। उस दौरान सरकारों की राजनीति के चलते पहले छोटी-छोटी झुग्गियां बनी थीं, इसके बाद एक मंजिला पक्के मकान बन गए और क्षेत्र का नाम खोरी गांव पड़ गया। कार्रवाई न होने पर यहां दो से तीन मंजिला भवन और सभी धर्मों के धार्मिक स्थल भी बन गए थे। धीरे-धीरे करीब 10 हजार मकान तक बन गए थे। बाद में उच्चतम न्यायालय के आदेश पर एक महीने तक बड़ी कार्रवाई चली और वन क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम ने खाेरी वन क्षेत्र में बनाए 150 अवैध झुग्गियों और मकानों पर बृहस्पतिवार को कार्रवाई करते हुए जेसीबी चलाकर ढहा दिया। इस दौरान अवैध रूप से बनाई झुग्गियों और मकानों में रह रहे लोगों ने कार्रवाई का विरोध भी किया। प्रतिरोध की परवाह न करते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ गए निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने सभी अवैध बनाए मकानों को गिरा दिया।
नगर निगम में तोड़फोड़ विभाग के ड्यूटी मजिस्ट्रेट नितिन कादियान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर करीबन तीन वर्ष पहले खोरी वन क्षेत्र को पूरी तरह से खाली कराया गया था। इसके बाद भी लोगों ने दोबारा अस्थायी मकान बना लिए थे। निगम बार-बार नोटिस देने के बाद कार्रवाई करता है लेकिन यहां लोग जबरन अस्थायी आश्रय बना लेते हैं। इसके पूर्व भी नगर निगम ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी। इसके बावजूद लोग कानून का उल्लंघन करते हुए दोबारा से निर्माण कर ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को निगम ने कार्रवाई करते हुए 150 झुग्गियों और अस्थायी मकानों को ढहा दिया।
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अब किया अवैध कब्जा तो मामला दर्ज किया जाएगा
खोरी वन क्षेत्र में अवैध रूप से अस्थायी मकान बनाने वाले लोगों को नगर निगम की ओर से चेतावनी भी गई थी। इसके बावजूद लोगों ने अस्थायी निवास बना लिया। एसडीओ सुरेंद्र हुड्डा ने बताया कि दोबारा से निर्माण करने वालों को मामला दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। यदि इसके बाद भी लोग नहीं माने तो मामला दर्ज किया जाएगा।
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तीन वर्ष पहले खोरी में चलाया था विशेष अभियान, उच्चतम न्यायालय के आदेश पर 10 हजार मकान तोड़े
सूरजकुुंड रोड स्थित अरावली की पहाड़ियों में यह वन क्षेत्र है। फरीदाबाद और दिल्ली में कार्य करने वाले बहुत से लोगों ने इस वन क्षेत्र में आकर धीरे-धीरे आशियाना बना लिया था। उस दौरान सरकारों की राजनीति के चलते पहले छोटी-छोटी झुग्गियां बनी थीं, इसके बाद एक मंजिला पक्के मकान बन गए और क्षेत्र का नाम खोरी गांव पड़ गया। कार्रवाई न होने पर यहां दो से तीन मंजिला भवन और सभी धर्मों के धार्मिक स्थल भी बन गए थे। धीरे-धीरे करीब 10 हजार मकान तक बन गए थे। बाद में उच्चतम न्यायालय के आदेश पर एक महीने तक बड़ी कार्रवाई चली और वन क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया गया।