फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   The house was turned into a gas chamber due to leakage, a massive explosion occurred due to the cylinder burst.

Faridabad News: रिसाव से गैस चेंबर में तब्दील हो गया था घर, सिलिंडर फटने से हुआ भीषण धमाका

Sat, 19 Oct 2024 12:47 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2024 12:47 AM IST
विज्ञापन
The house was turned into a gas chamber due to leakage, a massive explosion occurred due to the cylinder burst.
परिवार के लोगों को नहीं थी गैस रिसाव की जानकारी
विज्ञापन




गांव भाखड़ी में शुक्रवार तड़के ढाई बजे गैस रिसाव के बाद सिलिंडर फटने से एक मंजिला मकान पूरी तरह ढह गया। जिसमें चार दंपती सहित चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस की प्राथमिक जांच में अनुमान है कि रात से ही सिलिंडर से गैस रिसाव हो रहा होगा। इस बारे में परिवार के लोगों को कोई जानकारी नहीं थी। आस-पड़ोस के लोगों ने बताया कि गांव में करीब एक बजे बिजली चली गई। करीब डेढ़ घंटे के बाद ढाई बजे जब बिजली आई तब तक नीचे दुकान में गैस भर चुकी थी। इस दौरान पूरा कमरा एक गैस चेंबर में तब्दील हो गया था। वहीं, नीचे गैस लीक होने की जानकारी ऊपर सो रहे सरजीत या अन्य परिवार के सदस्यों को नहीं हुई। बिजली आने पर संभावना है कि कुछ शॉर्ट सर्किट होने से एकाएक धमाके के साथ विस्फोट हुआ। गैस के साथ सिलिंडर भी फट गया। इससे ग्राउंड फ्लोर की छत और पहली मंजिल की छत दोनों भरभरा कर गिर गईं। पहली मंजिल पर सो रहे सरजीत, बबीता और नकुल पर छत का मलबा गिरने से तीनों उसमें दब गए।



हादसे में मकान के पीछे सटकर बने सरजीत के भतीजे की पत्नी लक्ष्मी और उनका बेटा पुनीत गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया जहां डॉक्टरों ने लक्ष्मी को भी मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन




---



आसपास के मकानों की खिड़कियां और दरवाजे तक टूट गए



विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास के मकानों की खिड़कियां और दरवाजे भी उखड़ गए। आसपास के मकानों के शीशे भी टूट गए। इस दौरान पूरे मकान और आसपास मलबा गिरा पड़ा था। यहां तक कि सिलिंडर के टुकड़े भी 20 मीटर दूर तक मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन




---



एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाले शव



पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची। करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद तीन हाइड्रा-क्रेन की मदद से छत और मलबे को हटाकर शवों को बाहर निकाला। हादसे में एक भैंस भी मर गई।




पोती की बची जान



सुरजीत के साथ कमरे में हर रोज उनका पोता नकुल (15) और पोती रीतिका उर्फ यूवी (9) भी सोती थी। दूसरा पोता भविष्य उर्फ पार्थ और पोती प्रीतिका उर्फ ऋष्टि अपने माता-पिता के साथ सोते थे। बृहस्पतिवार की रात को पोती यूवी अपने दादा दादी की बजाय माता पिता के साथ पीछे बने मकान में सो रही थी। इसी लिए उसकी जान बच सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed