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Faridabad News: पांच लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा से परिवार अनजान
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बोरवेल में गिरने से बच्ची की मौत का मामला
मां बोली-कुछ मदद मिलेगी तो बड़ी बेटी को पढ़ाना चाहती हैं
हेमलता
बल्लभगढ़। गांव सिही में बोरवेल में गिरने से बच्ची नेहा की मौत के बाद सरकार की ओर से परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है, लेकिन मृतका के परिवार को इस सहायता के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है। मां रचना का कहना है कि हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारी कई घंटे मौके पर मौजूद रहे, लेकिन बेटी को बाहर निकालने के बाद किसी अधिकारी या पुलिसकर्मी ने परिवार से संपर्क नहीं किया। अगर उनको कोई मदद मिल जाती है तो वह बड़ी बेटी नंदनी को पढ़ाना चाहती हैं। वह 10 साल की है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह उसकी पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पा रही हैं।
मां रचना ने बताया कि उनके पति रामदीन अब ज्यादा काम नहीं कर पाते। शादी से पहले हुए सड़क हादसे में घायल होने के बाद उनके हाथों व शरीर में अक्सर दर्द रहता है। सर्दियों में दर्द बढ़ने के कारण वह कई-कई दिन तक काम पर नहीं जा पाते। मां रचना ने बताया कि उनकी पहले चार बेटियां थी। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान ने उनसे एक बेटी छीन ली।
किसकी गलती, परिवार को जानकारी नहीं
मां रचना ने कहा कि बोरवेल हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। पुलिस ने उनके पति से कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करवाए और शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य जरूरी दस्तावेज भी परिवार के पास नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि आगे की कार्रवाई क्या होगी।
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एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी ने लिए दस्तावेज
मंगलवार दोपहर को एसडीएम बल्लभगढ़ कार्यालय से एक कर्मचारी परिवार से मिलने पहुंचा। उसने माता-पिता के आधार कार्ड, नेहा का जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और बैंक खाते की प्रति मांगी। परिवार ने सभी दस्तावेजों की फोटो कॉपी उपलब्ध करा दी। कर्मचारी ने बताया कि कार्यालय के रजिस्टर में एंट्री के लिए दस्तावेज जरूरी हैं। हालांकि परिवार को यह जानकारी नहीं दी गई कि इन दस्तावेजों के आधार पर कौन सी सरकारी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वहीं एसडीएम मयंक भारद्वाज ने बताया कि सरकार की ओर से उनको पांच लाख रुपये की राशि दी जा रही है, जिसके लिए उनके कार्यालय से कर्मचारी दस्तावेज को लेने के लिए पहुंचा था। दो से तीन दिन के अंदर सहायता राशि आने की उम्मीद है। उनकी ओर से सभी कागजात उच्च अधिकारियों के पास भेज दिए गए है।
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मां बोली-कुछ मदद मिलेगी तो बड़ी बेटी को पढ़ाना चाहती हैं
हेमलता
बल्लभगढ़। गांव सिही में बोरवेल में गिरने से बच्ची नेहा की मौत के बाद सरकार की ओर से परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है, लेकिन मृतका के परिवार को इस सहायता के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है। मां रचना का कहना है कि हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारी कई घंटे मौके पर मौजूद रहे, लेकिन बेटी को बाहर निकालने के बाद किसी अधिकारी या पुलिसकर्मी ने परिवार से संपर्क नहीं किया। अगर उनको कोई मदद मिल जाती है तो वह बड़ी बेटी नंदनी को पढ़ाना चाहती हैं। वह 10 साल की है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह उसकी पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पा रही हैं।
मां रचना ने बताया कि उनके पति रामदीन अब ज्यादा काम नहीं कर पाते। शादी से पहले हुए सड़क हादसे में घायल होने के बाद उनके हाथों व शरीर में अक्सर दर्द रहता है। सर्दियों में दर्द बढ़ने के कारण वह कई-कई दिन तक काम पर नहीं जा पाते। मां रचना ने बताया कि उनकी पहले चार बेटियां थी। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान ने उनसे एक बेटी छीन ली।
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किसकी गलती, परिवार को जानकारी नहीं
मां रचना ने कहा कि बोरवेल हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। पुलिस ने उनके पति से कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करवाए और शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य जरूरी दस्तावेज भी परिवार के पास नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि आगे की कार्रवाई क्या होगी।
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एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी ने लिए दस्तावेज
मंगलवार दोपहर को एसडीएम बल्लभगढ़ कार्यालय से एक कर्मचारी परिवार से मिलने पहुंचा। उसने माता-पिता के आधार कार्ड, नेहा का जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और बैंक खाते की प्रति मांगी। परिवार ने सभी दस्तावेजों की फोटो कॉपी उपलब्ध करा दी। कर्मचारी ने बताया कि कार्यालय के रजिस्टर में एंट्री के लिए दस्तावेज जरूरी हैं। हालांकि परिवार को यह जानकारी नहीं दी गई कि इन दस्तावेजों के आधार पर कौन सी सरकारी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वहीं एसडीएम मयंक भारद्वाज ने बताया कि सरकार की ओर से उनको पांच लाख रुपये की राशि दी जा रही है, जिसके लिए उनके कार्यालय से कर्मचारी दस्तावेज को लेने के लिए पहुंचा था। दो से तीन दिन के अंदर सहायता राशि आने की उम्मीद है। उनकी ओर से सभी कागजात उच्च अधिकारियों के पास भेज दिए गए है।