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फर्जी दस्तावेज लगाकर लिया लाखों का टेंडर, मामला दर्ज
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फरीदाबाद। फर्जी दस्तावेज लगाकर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से लाखों रुपये का टेंडर हथियाने का मामला सामने आया है। मामला 2011 का है। अब रेवाड़ी जोन के कार्यकारी अभियंता (निर्माण) बीके रंजन ने ठेकेदार वरुण श्योकंद के खिलाफ 77.02 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। मुजेसर थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
जांच अधिकारी एएसआई दुष्यंत कुमार ने बताया कि एक्सईएन बीके रंजन ने दी शिकायत में बताया है कि उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दक्षिण हरियाणा ने अपना विस्तार करने के लिए पाली क्षेत्र में बाजड़ी फीडर निर्माण का फैसला लिया था। इसके लिए 2011 में बिजली विभाग ने निविदा जारी की थी। इस निविदा में एमएस श्योकंद इलेक्ट्रीकल कंपनी ने भी भागीदारी की थी। कंपनी ने सबसे कम बोली लगाकर उक्त निविदा के काम को पा लिया। कंपनी को काम पूरा करने के लिए लक्ष्य के साथ ही प्राधिकार पत्र भी सौंप दिया गया। आरोप है कि इस काम के बाद वरुण श्योकंद ने अपनी कंपनी के लिए 11 और काम अपने नाम जारी करा लिए।
आरोप है कि इन टेंडर को लेने के लिए वरुण ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। इस कंपनी के स्वामी सेक्टर-नौ फरीदाबाद में रहने वाले वरुण श्योकंद हैं। आरोप है कि एमएस श्योकंद इलेक्ट्रीक को जारी किए गए काम के लिए दस्तावेज की जांच की गई तो वह फर्जी मिले। उनके द्वारा जमा कराए गए दस्तावेज में कई खामियां पाई गईं। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। वरुण आरटीआई कार्यकर्ता भी हैं। आरटीआई के माध्यम से वरुण कई विभागों में हो रहे गोरखधंधे को उजागर कर चुके हैं। साथ ही वह अपनी इलेक्ट्रीकल कंपनी भी चला रहे थे।
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जांच अधिकारी एएसआई दुष्यंत कुमार ने बताया कि एक्सईएन बीके रंजन ने दी शिकायत में बताया है कि उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दक्षिण हरियाणा ने अपना विस्तार करने के लिए पाली क्षेत्र में बाजड़ी फीडर निर्माण का फैसला लिया था। इसके लिए 2011 में बिजली विभाग ने निविदा जारी की थी। इस निविदा में एमएस श्योकंद इलेक्ट्रीकल कंपनी ने भी भागीदारी की थी। कंपनी ने सबसे कम बोली लगाकर उक्त निविदा के काम को पा लिया। कंपनी को काम पूरा करने के लिए लक्ष्य के साथ ही प्राधिकार पत्र भी सौंप दिया गया। आरोप है कि इस काम के बाद वरुण श्योकंद ने अपनी कंपनी के लिए 11 और काम अपने नाम जारी करा लिए।
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आरोप है कि इन टेंडर को लेने के लिए वरुण ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। इस कंपनी के स्वामी सेक्टर-नौ फरीदाबाद में रहने वाले वरुण श्योकंद हैं। आरोप है कि एमएस श्योकंद इलेक्ट्रीक को जारी किए गए काम के लिए दस्तावेज की जांच की गई तो वह फर्जी मिले। उनके द्वारा जमा कराए गए दस्तावेज में कई खामियां पाई गईं। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। वरुण आरटीआई कार्यकर्ता भी हैं। आरटीआई के माध्यम से वरुण कई विभागों में हो रहे गोरखधंधे को उजागर कर चुके हैं। साथ ही वह अपनी इलेक्ट्रीकल कंपनी भी चला रहे थे।
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