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Faridabad News: पात्रता परीक्षा के विरोध में शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
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आदेश वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में मंगलवार को हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन ने लघु सचिवालय सेक्टर-12 के सामने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष चतर सिंह ने किया।
चतर सिंह ने कहा कि 2010 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए टीईटी पहले से अनिवार्य थी, इसलिए उन्होंने परीक्षा पास करने के बाद नियुक्ति पाई। वहीं, 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों की भर्ती के समय टीईटी की योग्यता निर्धारित नहीं थी। इन शिक्षकों को उस समय सरकार के तय नियमों के अनुसार नियुक्त किया गया था।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने 14 सितंबर को पत्र जारी कर 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए दो साल के भीतर टीईटी पास करना अनिवार्य किया है। परीक्षा पास नहीं करने पर जबरन सेवानिवृत्ति का प्रावधान बताया गया है। संगठन ने इस आदेश को वापस लेने की मांग की।
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जिला सचिव रामेश्वर यादव ने कहा कि सेवारत शिक्षकों पर यह निर्णय नहीं थोपा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश वापस नहीं लिया गया तो संगठन बड़े आंदोलन का फैसला ले सकता है। धरने को महेंद्र सिंह अधाना, टेक चंद, महाबीर भड़ाना, धर्मदत्त, नीलम सांगवान, गजेंद्र पाराशर और अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में मंगलवार को हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन ने लघु सचिवालय सेक्टर-12 के सामने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष चतर सिंह ने किया।
चतर सिंह ने कहा कि 2010 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए टीईटी पहले से अनिवार्य थी, इसलिए उन्होंने परीक्षा पास करने के बाद नियुक्ति पाई। वहीं, 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों की भर्ती के समय टीईटी की योग्यता निर्धारित नहीं थी। इन शिक्षकों को उस समय सरकार के तय नियमों के अनुसार नियुक्त किया गया था।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने 14 सितंबर को पत्र जारी कर 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए दो साल के भीतर टीईटी पास करना अनिवार्य किया है। परीक्षा पास नहीं करने पर जबरन सेवानिवृत्ति का प्रावधान बताया गया है। संगठन ने इस आदेश को वापस लेने की मांग की।
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जिला सचिव रामेश्वर यादव ने कहा कि सेवारत शिक्षकों पर यह निर्णय नहीं थोपा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश वापस नहीं लिया गया तो संगठन बड़े आंदोलन का फैसला ले सकता है। धरने को महेंद्र सिंह अधाना, टेक चंद, महाबीर भड़ाना, धर्मदत्त, नीलम सांगवान, गजेंद्र पाराशर और अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।