{"_id":"6a12ee288fce0d31950a362d","slug":"teachers-protest-against-summer-camps-raise-questions-about-childrens-safety-in-the-summer-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-70759-2026-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: समर कैंप के विरोध में उतरे अध्यापक, गर्मी में बच्चों की सुरक्षा पर उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: समर कैंप के विरोध में उतरे अध्यापक, गर्मी में बच्चों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
विज्ञापन
- विद्यालय अवकाश के दौरान कैंप लगाने के फैसले को बताया अनुचित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान 25 से 31 मई तक आयोजित किए जा रहे समर कैंप का विरोध जताया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच छात्रों और शिक्षकों को स्कूल बुलाना उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। इस संबंध में जिला प्रधान मुकेश गर्ग, महासचिव योगेंद्र नागर, अमित सिंह सहित अन्य सदस्यों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नाराजगी व्यक्त की। संघ का कहना है कि सरकार ने गर्मी को देखते हुए 25 मई से 30 जून तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया है, लेकिन दूसरी ओर समर कैंप आयोजित कर अपने ही आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है। अध्यापकों ने कहा कि भाषा शिक्षा के नाम पर आयोजित किया जा रहा यह कैंप छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
संघ के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि शिक्षकों को अन्य विभागों की तुलना में काफी कम अवकाश मिलते हैं। उनका आरोप है कि सीमित छुट्टियों में भी प्रशिक्षण और कैंप थोपे जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि शिक्षा विभाग बच्चों और शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए समर कैंप के निर्णय पर पुनर्विचार करे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान 25 से 31 मई तक आयोजित किए जा रहे समर कैंप का विरोध जताया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच छात्रों और शिक्षकों को स्कूल बुलाना उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। इस संबंध में जिला प्रधान मुकेश गर्ग, महासचिव योगेंद्र नागर, अमित सिंह सहित अन्य सदस्यों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नाराजगी व्यक्त की। संघ का कहना है कि सरकार ने गर्मी को देखते हुए 25 मई से 30 जून तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया है, लेकिन दूसरी ओर समर कैंप आयोजित कर अपने ही आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है। अध्यापकों ने कहा कि भाषा शिक्षा के नाम पर आयोजित किया जा रहा यह कैंप छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
संघ के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि शिक्षकों को अन्य विभागों की तुलना में काफी कम अवकाश मिलते हैं। उनका आरोप है कि सीमित छुट्टियों में भी प्रशिक्षण और कैंप थोपे जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि शिक्षा विभाग बच्चों और शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए समर कैंप के निर्णय पर पुनर्विचार करे।
विज्ञापन