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Faridabad News: लीड- 72 घंटे बाद सुपुर्द ए खाक हुआ शोएब का शव
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-पांच फरवरी को रहपुआ गांव के जंगलों में पेड़ से लटका मिला था शव
-हत्या का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने थाना घेर कर किया था प्रदर्शन
-मामले में हुई पंचायत के बाद शव लेने के लिए राजी हुए परिवार के लोग
-आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को दिया चार दिन का अल्टीमेटम
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां । थाना क्षेत्र के रहपुआ गांव निवासी 20 वर्षीय युवक शोएब की संदिग्ध मौत के मामले में करीब 72 घंटे बाद पुलिस के आश्वासन पर परिजनों ने शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिए जाने के बाद शनिवार को यह निर्णय लिया गया। हालांकि अब भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में रोष बना हुआ है।
गौरतलब है कि 5 फरवरी को शोएब का शव पापड़ा गांव के जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला था। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया, लेकिन घटना के दो दिन बीत जाने के बावजूद किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था। शुक्रवार देर रात परिजन और ग्रामीण पैदल मार्च निकालते हुए पिनगवां थाने पहुंचे, जहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया। कई घंटों तक चले प्रदर्शन के दौरान परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें जांच में तेजी व जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर शांत कराया। जिसके बाद रात के करीब दस बजे ग्रामीणों ने थाने से अपने धरने का समाप्त किया। शनिवार सुबह रहपुआ गांव में ग्रामीणों की एक पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में पुलिस के आश्वासन पर सहमति जताते हुए शव लेने और अंतिम संस्कार का निर्णय लिया गया। बताया गया कि शोएब का शव पिछले करीब 48 घंटे से मांडीखेड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ था।इसके बाद परिजन शव को गांव लेकर पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में उसे सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। गांव में शोक की लहर है और हर आंख नम नजर आई।
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परिजनों ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने उन्हें चार दिन का समय दिया है। यदि चार दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे दोबारा आंदोलन और प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अब सभी की नजरें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है मामला
मामला सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं और न्याय की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई पर न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं। वहीं इस मामले को लेकर पुन्हाना डीएसपी जितेंद्र राणा ने कहा कि शोएब की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाए गए हैं और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। जल्द ही आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
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शव पहुंचते ही दौड़ी शोक की लहर
शव गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां की चीख-पुकार ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। शाम होते-होते गांव के कब्रिस्तान में नम आंखों से शोएब को अंतिम विदाई दी गई।
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धरने में जिला प्रमुख पर भी लगे आरोप
थाना परिसर में धरने के दौरान मृतक परिवार की महिलाओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर जिला प्रमुख पर भी कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप लगाए। इस पर जिला प्रमुख ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह सब राजनीति से प्रेरित आरोप हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और उनकी संवेदनाएं मृतक परिवार के साथ हैं।
पंचायत में भी दिखा मतभेद
शनिवार को शव गांव लाने से पहले पंचायत की गई। पंचायत में कई ग्रामीण शव लाने के खिलाफ थे, लेकिन जिम्मेदार लोगों के समझाने पर सहमति बनी। इस फैसले से गांव के कुछ लोगों ने नाराजगी भी जताई।
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फ्रिजर में न रखने से शव खराब होने का आरोप
परिजनों ने विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि शव को फ्रिजर में नहीं रखा गया, जिसके कारण शव सड़ने लगा था। इससे परिवार की पीड़ा और बढ़ गई।
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-हत्या का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने थाना घेर कर किया था प्रदर्शन
-मामले में हुई पंचायत के बाद शव लेने के लिए राजी हुए परिवार के लोग
-आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को दिया चार दिन का अल्टीमेटम
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां । थाना क्षेत्र के रहपुआ गांव निवासी 20 वर्षीय युवक शोएब की संदिग्ध मौत के मामले में करीब 72 घंटे बाद पुलिस के आश्वासन पर परिजनों ने शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिए जाने के बाद शनिवार को यह निर्णय लिया गया। हालांकि अब भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में रोष बना हुआ है।
गौरतलब है कि 5 फरवरी को शोएब का शव पापड़ा गांव के जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला था। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया, लेकिन घटना के दो दिन बीत जाने के बावजूद किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था। शुक्रवार देर रात परिजन और ग्रामीण पैदल मार्च निकालते हुए पिनगवां थाने पहुंचे, जहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया। कई घंटों तक चले प्रदर्शन के दौरान परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
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काफी मशक्कत के बाद पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें जांच में तेजी व जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर शांत कराया। जिसके बाद रात के करीब दस बजे ग्रामीणों ने थाने से अपने धरने का समाप्त किया। शनिवार सुबह रहपुआ गांव में ग्रामीणों की एक पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में पुलिस के आश्वासन पर सहमति जताते हुए शव लेने और अंतिम संस्कार का निर्णय लिया गया। बताया गया कि शोएब का शव पिछले करीब 48 घंटे से मांडीखेड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ था।इसके बाद परिजन शव को गांव लेकर पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में उसे सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। गांव में शोक की लहर है और हर आंख नम नजर आई।
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परिजनों ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने उन्हें चार दिन का समय दिया है। यदि चार दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे दोबारा आंदोलन और प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अब सभी की नजरें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है मामला
मामला सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं और न्याय की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई पर न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं। वहीं इस मामले को लेकर पुन्हाना डीएसपी जितेंद्र राणा ने कहा कि शोएब की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाए गए हैं और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। जल्द ही आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
शव पहुंचते ही दौड़ी शोक की लहर
शव गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां की चीख-पुकार ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। शाम होते-होते गांव के कब्रिस्तान में नम आंखों से शोएब को अंतिम विदाई दी गई।
धरने में जिला प्रमुख पर भी लगे आरोप
थाना परिसर में धरने के दौरान मृतक परिवार की महिलाओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर जिला प्रमुख पर भी कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप लगाए। इस पर जिला प्रमुख ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह सब राजनीति से प्रेरित आरोप हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और उनकी संवेदनाएं मृतक परिवार के साथ हैं।
पंचायत में भी दिखा मतभेद
शनिवार को शव गांव लाने से पहले पंचायत की गई। पंचायत में कई ग्रामीण शव लाने के खिलाफ थे, लेकिन जिम्मेदार लोगों के समझाने पर सहमति बनी। इस फैसले से गांव के कुछ लोगों ने नाराजगी भी जताई।
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फ्रिजर में न रखने से शव खराब होने का आरोप
परिजनों ने विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि शव को फ्रिजर में नहीं रखा गया, जिसके कारण शव सड़ने लगा था। इससे परिवार की पीड़ा और बढ़ गई।