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Faridabad News: बारिश के बीच सफाई कर्मचारियों ने मंत्री के कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
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सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और एस्मा कानून के आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम कर्मचारियों ने हड़ताल के 31वें दिन शनिवार को भारी बारिश के बीच शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय के बाहर झाड़ू प्रदर्शन किया। सेक्टर-16 स्थित मोती महल से कर्मचारी जुलूस के रूप में सागर सिनेमा स्थित मंत्री के कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और एस्मा कानून के आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने घोषणा की है कि छह सितंबर को केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के निवास पर प्रदर्शन कर उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस दौरान सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह मंत्री के काफिले में शामिल एस्कॉर्ट वाहन पर चढ़ गए और माइक से ‘हल्ला बोल’ के नारे लगाने लगे। उनके समर्थन में अन्य कर्मचारियों ने झाड़ू लहराकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को कार्यालय में प्रवेश करने से रोका। बाद में पुलिसकर्मियों ने समझाकर बलबीर सिंह को वाहन से नीचे उतारा।
बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार एस्मा लगाने की बात कर रही है, लेकिन आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांग ठेका प्रथा खत्म कर निगम के पे-रोल पर भर्ती करना है। ठेकेदार कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार 13 मई को हरियाणा भवन में मंत्री विपुल गोयल, अधिकारियों और कर्मचारी नेताओं के बीच करीब छह घंटे बैठक हुई थी। इसमें करीब 13 हजार कच्चे सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों को पक्का करने समेत मांगों पर सहमति और 20 जून तक आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आदेश नहीं हुए। 22 अगस्त को कुरुक्षेत्र में सरकार और यूनियन के बीच दो दौर की वार्ता हुई। 14 में से 13 मांगों पर सहमति बनी, लेकिन कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर कानूनी राय लेने के कारण मामला अटक गया।
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कूड़ा उठाने से रोका, सफाई कर्मचारियों पर केस दर्ज
बल्लभगढ़। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच वार्ड नंबर-14 की कृष्णा कॉलोनी में कूड़ा उठाने पहुंचे नगर निगम के ठेका कर्मचारियों को कथित तौर पर कुछ हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी हुई और मामला मारपीट तक पहुंचने की बात सामने आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3-4 अज्ञात सफाई कर्मचारियों के खिलाफ मामला प्राथमिकी दर्ज की है।
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एएसआई विशाल ने दी शिकायत में बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कृष्णा कॉलोनी में कई दिनों से काफी मात्रा में कूड़ा जमा था। इससे क्षेत्र में गंदगी बढ़ने के साथ बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ था। स्थिति को देखते हुए नगर निगम की ओर से कूड़ा उठाने के लिए एक ट्रैक्टर और दो ठेका सफाई कर्मचारियों को भेजा गया था। आरोप है कि कर्मचारी कूड़ा उठाने का काम शुरू करते, इससे पहले ही 3-4 लोगों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर बहसबाजी हुई। मामला बढ़ने पर मारपीट की नौबत आने की बात भी सामने आई है।
एएसआई विशाल ने बताया कि सूचना मिलने पर जब वह मौके पर पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। हालांकि, घटना से संबंधित एक वीडियो सामने आया है। वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
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बॉक्स आइटम
बारिश में कूड़े के पहाड़ बने मुसीबत, जलभराव से संक्रमण का खतरा
पिछले दो दिन से हो रही लगातार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी है। बारिश के बीच जगह-जगह लगे कूड़े के पहाड़ अब लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। जलभराव के कारण कूड़े के ढेर बारिश के पानी में डूब गए हैं। कचरा सड़ने से कई इलाकों में दुर्गंध फैल रही है। वहीं, बारिश और जलभराव के कारण कूड़ा नालियों में अटक गया है, जिससे पानी की निकासी भी प्रभावित हो रही है। बाटा चौक, डबुआ मंडी, एनआईटी-5, एनआईटी-2, नीलम बाटा रोड, लेबर चौक, प्याली चौक और हार्डवेयर चौक समेत कई प्रमुख स्थानों पर सड़क किनारे और खाली जगहों पर कूड़े के ढेर नजर आए। बारिश के पानी में कूड़ा बहकर नालियों तक पहुंच गया, जिससे जलभराव की समस्या और बढ़ गई। गीले कचरे से उठ रही दुर्गंध के कारण दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े के ढेर पर मच्छर और मक्खियां मंडराने से बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम कर्मचारियों ने हड़ताल के 31वें दिन शनिवार को भारी बारिश के बीच शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय के बाहर झाड़ू प्रदर्शन किया। सेक्टर-16 स्थित मोती महल से कर्मचारी जुलूस के रूप में सागर सिनेमा स्थित मंत्री के कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और एस्मा कानून के आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने घोषणा की है कि छह सितंबर को केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के निवास पर प्रदर्शन कर उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस दौरान सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह मंत्री के काफिले में शामिल एस्कॉर्ट वाहन पर चढ़ गए और माइक से ‘हल्ला बोल’ के नारे लगाने लगे। उनके समर्थन में अन्य कर्मचारियों ने झाड़ू लहराकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को कार्यालय में प्रवेश करने से रोका। बाद में पुलिसकर्मियों ने समझाकर बलबीर सिंह को वाहन से नीचे उतारा।
बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार एस्मा लगाने की बात कर रही है, लेकिन आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांग ठेका प्रथा खत्म कर निगम के पे-रोल पर भर्ती करना है। ठेकेदार कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार 13 मई को हरियाणा भवन में मंत्री विपुल गोयल, अधिकारियों और कर्मचारी नेताओं के बीच करीब छह घंटे बैठक हुई थी। इसमें करीब 13 हजार कच्चे सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों को पक्का करने समेत मांगों पर सहमति और 20 जून तक आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आदेश नहीं हुए। 22 अगस्त को कुरुक्षेत्र में सरकार और यूनियन के बीच दो दौर की वार्ता हुई। 14 में से 13 मांगों पर सहमति बनी, लेकिन कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर कानूनी राय लेने के कारण मामला अटक गया।
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कूड़ा उठाने से रोका, सफाई कर्मचारियों पर केस दर्ज
बल्लभगढ़। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच वार्ड नंबर-14 की कृष्णा कॉलोनी में कूड़ा उठाने पहुंचे नगर निगम के ठेका कर्मचारियों को कथित तौर पर कुछ हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी हुई और मामला मारपीट तक पहुंचने की बात सामने आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3-4 अज्ञात सफाई कर्मचारियों के खिलाफ मामला प्राथमिकी दर्ज की है।
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एएसआई विशाल ने दी शिकायत में बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कृष्णा कॉलोनी में कई दिनों से काफी मात्रा में कूड़ा जमा था। इससे क्षेत्र में गंदगी बढ़ने के साथ बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ था। स्थिति को देखते हुए नगर निगम की ओर से कूड़ा उठाने के लिए एक ट्रैक्टर और दो ठेका सफाई कर्मचारियों को भेजा गया था। आरोप है कि कर्मचारी कूड़ा उठाने का काम शुरू करते, इससे पहले ही 3-4 लोगों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर बहसबाजी हुई। मामला बढ़ने पर मारपीट की नौबत आने की बात भी सामने आई है।
एएसआई विशाल ने बताया कि सूचना मिलने पर जब वह मौके पर पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। हालांकि, घटना से संबंधित एक वीडियो सामने आया है। वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
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बारिश में कूड़े के पहाड़ बने मुसीबत, जलभराव से संक्रमण का खतरा
पिछले दो दिन से हो रही लगातार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी है। बारिश के बीच जगह-जगह लगे कूड़े के पहाड़ अब लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। जलभराव के कारण कूड़े के ढेर बारिश के पानी में डूब गए हैं। कचरा सड़ने से कई इलाकों में दुर्गंध फैल रही है। वहीं, बारिश और जलभराव के कारण कूड़ा नालियों में अटक गया है, जिससे पानी की निकासी भी प्रभावित हो रही है। बाटा चौक, डबुआ मंडी, एनआईटी-5, एनआईटी-2, नीलम बाटा रोड, लेबर चौक, प्याली चौक और हार्डवेयर चौक समेत कई प्रमुख स्थानों पर सड़क किनारे और खाली जगहों पर कूड़े के ढेर नजर आए। बारिश के पानी में कूड़ा बहकर नालियों तक पहुंच गया, जिससे जलभराव की समस्या और बढ़ गई। गीले कचरे से उठ रही दुर्गंध के कारण दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े के ढेर पर मच्छर और मक्खियां मंडराने से बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है।