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Faridabad News: गर्भवती महिला को खराब पोषण सामग्री, मूंगफली में फंगस-सोयाबीन में कीड़े
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अनंगपुर गांव के युवक ने वीडियो सोशल मीडिया पर किया साझा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण के लिए सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। अनंगपुर गांव में एक गर्भवती महिला को दी गई पोषण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। गांव निवासी राजीव ने सामग्री का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उसकी पत्नी को आंगनबाड़ी केंद्र से मिली कुछ सामग्री खराब है।
राजीव का आरोप है कि पैकेट में दी गई प्रोटीन बार और चीनी की अवधि 25 दिनों में समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा मूंगफली के दानों में फंगस लगा हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होंने सोयाबीन और गेहूं में कीड़े पड़े होने का भी दावा किया है। उनका कहना है कि गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली पोषण सामग्री की गुणवत्ता में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसका असर गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर भी पड़ने की आशंका है। उन्होंने मांग की कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित होने वाली पोषण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। इसको लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण के लिए सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। अनंगपुर गांव में एक गर्भवती महिला को दी गई पोषण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। गांव निवासी राजीव ने सामग्री का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उसकी पत्नी को आंगनबाड़ी केंद्र से मिली कुछ सामग्री खराब है।
राजीव का आरोप है कि पैकेट में दी गई प्रोटीन बार और चीनी की अवधि 25 दिनों में समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा मूंगफली के दानों में फंगस लगा हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होंने सोयाबीन और गेहूं में कीड़े पड़े होने का भी दावा किया है। उनका कहना है कि गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली पोषण सामग्री की गुणवत्ता में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसका असर गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर भी पड़ने की आशंका है। उन्होंने मांग की कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित होने वाली पोषण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। इसको लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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