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रावण दहन से प्रदूषण हुआ दोगना
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रावण दहन से प्रदूषण हुआ दोगना
फरीदबाद। बुराई पर अच्छाई के जीत के प्रतीक दशहरा के उपलक्ष्य में रावण, विभीषण व मेघनाद के पुतले के दहन से निकलने वाले धुएं के कारण शहर की हवा प्रदूषित हो गई। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को जिले में प्रदूषण का स्तर दोगुना हो गया। हालांकि वह मॉडरेट (नियंत्रित) श्रेणी में ही रहा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के अनुसार इसका स्वास्थ्य पर कोई खास असर नहीं पड़ता है।
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी जय भगवान शर्मा ने बताया कि दशहरे से पहले शहर की हवा साफ थी। प्रमुख प्रदूषक तत्व पीएम-2.5 की मात्रा 76 तक थी, जो सर्वोत्तम से थोड़ी खराब थी। हालांकि बुधवार शाम को जारी एक्यूआई के लेवल में बढ़ोतरी देखने को मिली। यह आंकड़ा मॉडरेट श्रेणी के इंडैक्स वैल्यू में 150 पर पहुंच कर गया। यह संतोषजनक श्रेणी से एक श्रेणी ऊपर नियंत्रित में आता है। इसका स्वास्थ्य पर कुछ खास असर नहीं पड़ता है। इसके बावजूद लोगों को दिनभर आंखों में जलन की शिकायत रही। धूल से भी बढ़ रहा प्रदूषण शहर में बढ़ रहे प्रदूूषण का एक कारण धूल भी है। फरीदाबाद में प्रमुख सड़कों के किनारे व डिवाइडर के साथ भारी मात्रा में धूल जमा है। जब वाहन तेज गती से चलते हैं तो ये धूल उड़ कर हवा में प्रदूषण के स्तर को बढ़ाती है। धूल से पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ जाती है। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने सभी एजेंसियों को आदेश देकर कहा है कि वह धूल से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करें। इसको देखते हुए नगर निगम ने किराए पर सड़क साफ करने की दो मशीन ली हैं, जो रात के समय सड़कों से धूल हटाने का काम करती है। ईपीसीए के नियमों की पालना करते हुए निगम के अतिरिक्त आयुक्त विक्रम ने अधीक्षण अभियंता को आदेश दिए थे कि वे सड़कों से धूल हटवा कर हर हफ्ते रिपोर्ट दें। मगर धूल कागजों में ही हट रही है।
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फरीदबाद। बुराई पर अच्छाई के जीत के प्रतीक दशहरा के उपलक्ष्य में रावण, विभीषण व मेघनाद के पुतले के दहन से निकलने वाले धुएं के कारण शहर की हवा प्रदूषित हो गई। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को जिले में प्रदूषण का स्तर दोगुना हो गया। हालांकि वह मॉडरेट (नियंत्रित) श्रेणी में ही रहा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के अनुसार इसका स्वास्थ्य पर कोई खास असर नहीं पड़ता है।
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी जय भगवान शर्मा ने बताया कि दशहरे से पहले शहर की हवा साफ थी। प्रमुख प्रदूषक तत्व पीएम-2.5 की मात्रा 76 तक थी, जो सर्वोत्तम से थोड़ी खराब थी। हालांकि बुधवार शाम को जारी एक्यूआई के लेवल में बढ़ोतरी देखने को मिली। यह आंकड़ा मॉडरेट श्रेणी के इंडैक्स वैल्यू में 150 पर पहुंच कर गया। यह संतोषजनक श्रेणी से एक श्रेणी ऊपर नियंत्रित में आता है। इसका स्वास्थ्य पर कुछ खास असर नहीं पड़ता है। इसके बावजूद लोगों को दिनभर आंखों में जलन की शिकायत रही। धूल से भी बढ़ रहा प्रदूषण शहर में बढ़ रहे प्रदूूषण का एक कारण धूल भी है। फरीदाबाद में प्रमुख सड़कों के किनारे व डिवाइडर के साथ भारी मात्रा में धूल जमा है। जब वाहन तेज गती से चलते हैं तो ये धूल उड़ कर हवा में प्रदूषण के स्तर को बढ़ाती है। धूल से पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ जाती है। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने सभी एजेंसियों को आदेश देकर कहा है कि वह धूल से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करें। इसको देखते हुए नगर निगम ने किराए पर सड़क साफ करने की दो मशीन ली हैं, जो रात के समय सड़कों से धूल हटाने का काम करती है। ईपीसीए के नियमों की पालना करते हुए निगम के अतिरिक्त आयुक्त विक्रम ने अधीक्षण अभियंता को आदेश दिए थे कि वे सड़कों से धूल हटवा कर हर हफ्ते रिपोर्ट दें। मगर धूल कागजों में ही हट रही है।
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