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गांव जाने के लिए तैयार हों लोग, निगम कटवाएगा टिकट
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फरीदाबाद। खोरी गांव में एक ओर जहां नगर निगम तोड़फोड़ की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ लोगों की मदद के लिए भी आगे आया है। निगम की ओर से मकान खाली करने के लिए ट्रक की सुविधा पहले से उपलब्ध करवाई जा रही है, अब उनको वापस गांव लौटने के लिए ट्रेन और बस का टिकट देने की घोषणा की गई है। इस सुविधा के लिए लोग सूरजकुंड स्थित होटल राजहंस में संपर्क कर सकते हैं।
दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के फरीदाबाद क्षेत्र में बसे गांव खोरी में करीब 10 हजार मकान बने हुए है। सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम और हरियाणा सरकार को वन भूमि पर बने सभी मकानों को तोड़ने के आदेश दिए हैं। छह हफ्तों में निगम को अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करना है। इससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। तोड़फोड़ से पहले गांव को खाली करवाने के लिए निगम की ओर से लगातार मुनादी करवाई जा रही है। पुलिसकर्मी भी लोगों को घर खाली करने के लिए बोल रहे हैं। इस कारण अनेकों लोग दूसरी जगह जा चुके हैं। कार्रवाई के आदेश आने के बाद से ही निगम की ओर से लोगों को ट्रकों की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। लोग इसका भी खूब लाभ ले रहे हैं। वहीं अब निगम ने तोड़फोड़ की कार्रवाई से पहले जो लोग अपने मूल गांवों को लौटना चाहते हैं। उनके लिए बसों और ट्रेनों की टिकट की भी सुविधा देने की घोषणा की है।
पहले दिन ही उपलब्ध करा दिए गए चार ट्रक
लोगों को घर खाली करने के लिए नगर निगम की ओर से चार ट्रक भी उपलब्ध कराए गए हैं। जिससे घर के सामान का एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए अधिकारियों के नंबर भी जारी किए है। नोडल अधिकारी राजेश जून ने बताया कि निगम की ट्रक की सुविधा का लोग लाभ ले रहे है। इसके लिए मोबाइल नंबर 8595386733, 96501283690 और 9013743421 पर संपर्क कर सकते हैं।
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लोग बोले, जमीन बेचकर आए, तो किसके पास जाएं
गांव खोरी में ज्यादातर मजदूर तबके के लोग रहते है। लोगों ने एक-एक पैसा जोड़कर किसी तरह अपने रहने की लिए आशियाना बनाया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें तोड़ने के आदेश दिए। लॉकडाउन की वजह से लोगों का कामकाज भी पिछले करीब डेढ़ साल से ठप है। लोगों को रोजी-रोटी और बच्चों के पालन पोषण के लिए कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है। आशियाना उजड़ने के आदेश से लोगों को भारी धक्का लगा है। लोगों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। सभी लोगों ने टिकट की सुविधा को बेमानी करार दिया है। लोगों ने कहा कि जब गांव की जमीन-जायजात बेचकर यहां आए हैं, तो कैसे गांव में मुंह दिखाने जाएं और किस के पास जाएं, जब वहां कुछ रह ही नहीं गया।
वर्जन-
गांव का घर बेच कर यहां आए थे। बच्चों सहित पूरा परिवार यहां रहता है। अब यहां से वापस कैसे घर लौटें, ये समझ नहीं आ रहा है। खाली हाथ घर वापस लौटेंगे तो लोग भी ताने देंगे। - भारती, स्थानीय निवासी
गांव वापस लौटने के लिए हमारे पास कुछ नहीं है। जो है, वह यहीं कमाया है और यहीं लगा दिया है। अपने मकान को किसी भी कीमत पर उजड़ने नहीं देंगे। - ताराचंद, स्थानीय निवासी
सरकार हमारे घर उजाड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था करे। उसके बाद घर को तोड़ा जाए। जब सरकार हमें रहने के लिए दूसरी जगह नहीं दे देती, यहां से कहीं नहीं जाएगी। ट्रेन टिकट नगर निगम खुद रख ले। - अरुण, स्थानीय निवासी
खोरी के लोग अपने मूल गांव वापस लौटना चाहें, तो निगम उनकी पूरी मदद करेगा। उनको ट्रेन और बस की टिकट भी करवा दिया जाएगा। इस संबंध में जानकारी के लिए सूरजकुंड स्थित होटल राजहंस में संपर्क कर सकते हैं। - डॉ. गरिमा मित्तल, निगमायुक्त
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दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के फरीदाबाद क्षेत्र में बसे गांव खोरी में करीब 10 हजार मकान बने हुए है। सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम और हरियाणा सरकार को वन भूमि पर बने सभी मकानों को तोड़ने के आदेश दिए हैं। छह हफ्तों में निगम को अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करना है। इससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। तोड़फोड़ से पहले गांव को खाली करवाने के लिए निगम की ओर से लगातार मुनादी करवाई जा रही है। पुलिसकर्मी भी लोगों को घर खाली करने के लिए बोल रहे हैं। इस कारण अनेकों लोग दूसरी जगह जा चुके हैं। कार्रवाई के आदेश आने के बाद से ही निगम की ओर से लोगों को ट्रकों की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। लोग इसका भी खूब लाभ ले रहे हैं। वहीं अब निगम ने तोड़फोड़ की कार्रवाई से पहले जो लोग अपने मूल गांवों को लौटना चाहते हैं। उनके लिए बसों और ट्रेनों की टिकट की भी सुविधा देने की घोषणा की है।
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पहले दिन ही उपलब्ध करा दिए गए चार ट्रक
लोगों को घर खाली करने के लिए नगर निगम की ओर से चार ट्रक भी उपलब्ध कराए गए हैं। जिससे घर के सामान का एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए अधिकारियों के नंबर भी जारी किए है। नोडल अधिकारी राजेश जून ने बताया कि निगम की ट्रक की सुविधा का लोग लाभ ले रहे है। इसके लिए मोबाइल नंबर 8595386733, 96501283690 और 9013743421 पर संपर्क कर सकते हैं।
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लोग बोले, जमीन बेचकर आए, तो किसके पास जाएं
गांव खोरी में ज्यादातर मजदूर तबके के लोग रहते है। लोगों ने एक-एक पैसा जोड़कर किसी तरह अपने रहने की लिए आशियाना बनाया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें तोड़ने के आदेश दिए। लॉकडाउन की वजह से लोगों का कामकाज भी पिछले करीब डेढ़ साल से ठप है। लोगों को रोजी-रोटी और बच्चों के पालन पोषण के लिए कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है। आशियाना उजड़ने के आदेश से लोगों को भारी धक्का लगा है। लोगों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। सभी लोगों ने टिकट की सुविधा को बेमानी करार दिया है। लोगों ने कहा कि जब गांव की जमीन-जायजात बेचकर यहां आए हैं, तो कैसे गांव में मुंह दिखाने जाएं और किस के पास जाएं, जब वहां कुछ रह ही नहीं गया।
वर्जन-
गांव का घर बेच कर यहां आए थे। बच्चों सहित पूरा परिवार यहां रहता है। अब यहां से वापस कैसे घर लौटें, ये समझ नहीं आ रहा है। खाली हाथ घर वापस लौटेंगे तो लोग भी ताने देंगे। - भारती, स्थानीय निवासी
गांव वापस लौटने के लिए हमारे पास कुछ नहीं है। जो है, वह यहीं कमाया है और यहीं लगा दिया है। अपने मकान को किसी भी कीमत पर उजड़ने नहीं देंगे। - ताराचंद, स्थानीय निवासी
सरकार हमारे घर उजाड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था करे। उसके बाद घर को तोड़ा जाए। जब सरकार हमें रहने के लिए दूसरी जगह नहीं दे देती, यहां से कहीं नहीं जाएगी। ट्रेन टिकट नगर निगम खुद रख ले। - अरुण, स्थानीय निवासी
खोरी के लोग अपने मूल गांव वापस लौटना चाहें, तो निगम उनकी पूरी मदद करेगा। उनको ट्रेन और बस की टिकट भी करवा दिया जाएगा। इस संबंध में जानकारी के लिए सूरजकुंड स्थित होटल राजहंस में संपर्क कर सकते हैं। - डॉ. गरिमा मित्तल, निगमायुक्त