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Faridabad News: अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज में हेलिपैड बनने का रास्ता साफ
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एक करोड़ रुपये का बजट जारी, गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर लाने-ले जाने में मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हेलिपैड बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए करीब एक करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। हेलिपैड बनने के बाद गंभीर मरीजों को एयर एंबुलेंस यानि हेलीकॉप्टर के जरिये अस्पताल तक लाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर यहां से दूसरे बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी किया जा सकेगा।
इससे सड़क मार्ग से लंबी दूरी तय करने में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिलेगी। दरअसल, जिले में हेलिपैड बनाने की योजना पहले बीके अस्पताल परिसर में प्रस्तावित थी। अस्पताल परिसर में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण बाद में एनआईटी स्थित दशहरा मैदान में हेलिपैड बनाने पर विचार किया गया था। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम को पत्र भी भेजा गया था, लेकिन नगर निगम की ओर से इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
अब स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल प्रबंधन की मंजूरी के बाद हेलिपैड के लिए अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर को चुना गया है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से मौके का निरीक्षण कर फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार कर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार परिसर में हेलिपैड बनाने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है और यहां इसका निर्माण किया जा सकता है।
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सिविल एविएशन विभाग बनाएगा हेलिपैड
हेलिपैड का निर्माण सिविल एविएशन विभाग की ओर से कराया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। हेलिपैड तैयार होने के बाद एयर एंबुलेंस की लैंडिंग और टेकऑफ की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। जल्द ही टेंडर जारी कर आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
गंभीर मरीजों को मिलेगा समय का लाभ
मेडिकल कॉलेज व बीके अस्पताल में रोजाना कई क्षेत्रों से गंभीर मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सड़क दुर्घटना, गंभीर हृदय रोग, ट्रॉमा, ब्रेन स्ट्रोक और अन्य आपात स्थिति वाले मरीजों में उपचार शुरू करने का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस से मरीज को सीधे मेडिकल कॉलेज लाया जा सकेगा। वहीं, यदि किसी मरीज को उच्च स्तर के उपचार के लिए दिल्ली या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थान में रेफर करना पड़े तो एयरलिफ्ट की सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
अमृता अस्पताल के रूफटॉप हेलीपैड पर पहली बार उतरा था हेलीकॉप्टर
एक माह पहले अमृता अस्पताल के रूफटॉप हेलीपैड पर पहली बार हेलीकॉप्टर उतरा था। कानपुर से एयरलिफ्ट कर लाए गए मरीज को लैंडिंग के तुरंत बाद मेडिकल कॉरिडोर से अस्पताल पहुंचाया गया। मरीज कानपुर से करीब 20 मिनट में फरीदाबाद पहुंच गया था।
अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हेलीपैड बनाने की योजना है। इसके लेकर स्वास्थ्य विभाग के पास एक करोड़ रुपये आ चुके हैं। इसके बनने के बाद गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर लाने और ले जाने में सुविधा होगी।
- डॉ. एमपी सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हेलिपैड बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए करीब एक करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। हेलिपैड बनने के बाद गंभीर मरीजों को एयर एंबुलेंस यानि हेलीकॉप्टर के जरिये अस्पताल तक लाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर यहां से दूसरे बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी किया जा सकेगा।
इससे सड़क मार्ग से लंबी दूरी तय करने में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिलेगी। दरअसल, जिले में हेलिपैड बनाने की योजना पहले बीके अस्पताल परिसर में प्रस्तावित थी। अस्पताल परिसर में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण बाद में एनआईटी स्थित दशहरा मैदान में हेलिपैड बनाने पर विचार किया गया था। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम को पत्र भी भेजा गया था, लेकिन नगर निगम की ओर से इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
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अब स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल प्रबंधन की मंजूरी के बाद हेलिपैड के लिए अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर को चुना गया है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से मौके का निरीक्षण कर फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार कर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार परिसर में हेलिपैड बनाने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है और यहां इसका निर्माण किया जा सकता है।
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सिविल एविएशन विभाग बनाएगा हेलिपैड
हेलिपैड का निर्माण सिविल एविएशन विभाग की ओर से कराया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। हेलिपैड तैयार होने के बाद एयर एंबुलेंस की लैंडिंग और टेकऑफ की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। जल्द ही टेंडर जारी कर आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
गंभीर मरीजों को मिलेगा समय का लाभ
मेडिकल कॉलेज व बीके अस्पताल में रोजाना कई क्षेत्रों से गंभीर मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सड़क दुर्घटना, गंभीर हृदय रोग, ट्रॉमा, ब्रेन स्ट्रोक और अन्य आपात स्थिति वाले मरीजों में उपचार शुरू करने का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस से मरीज को सीधे मेडिकल कॉलेज लाया जा सकेगा। वहीं, यदि किसी मरीज को उच्च स्तर के उपचार के लिए दिल्ली या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थान में रेफर करना पड़े तो एयरलिफ्ट की सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
अमृता अस्पताल के रूफटॉप हेलीपैड पर पहली बार उतरा था हेलीकॉप्टर
एक माह पहले अमृता अस्पताल के रूफटॉप हेलीपैड पर पहली बार हेलीकॉप्टर उतरा था। कानपुर से एयरलिफ्ट कर लाए गए मरीज को लैंडिंग के तुरंत बाद मेडिकल कॉरिडोर से अस्पताल पहुंचाया गया। मरीज कानपुर से करीब 20 मिनट में फरीदाबाद पहुंच गया था।
अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हेलीपैड बनाने की योजना है। इसके लेकर स्वास्थ्य विभाग के पास एक करोड़ रुपये आ चुके हैं। इसके बनने के बाद गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर लाने और ले जाने में सुविधा होगी।
- डॉ. एमपी सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग