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Faridabad News: ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोबोटिक मशीन से होंगे ऑपरेशन
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोबोटिक ऑपरेशन किए जाएंगे। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से रोबोट मशीन खरीद के लिए टेंडर कर दिए गए है, जो जल्द खुलेंगे। खास बात यह कि यह रोबोटिक मशीन इंडियन मेड होगी। इसे मेक इन इंडिया अभियान के तहत खरीदा जाएगा। इससे जिले के करीब साढ़े लाख ईएसआई कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा।
ईएसआईसी की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके तहत विश्व बैंक केंद्र सरकार को करीब एक हजार करोड़ रुपये का बजट दे रहा है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधकों से भी उन्हें उपकरण मुहैया कराने के प्रस्ताव मांगे हैं। इस पर अस्पताल प्रबंधन की तरफ से रोबोटिक सर्जरी के उपकरण का प्रस्ताव भेजा है। एनआईटी-3 ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोबोटिक ऑपरेशन शुरू होने से करीब साढे छह लाख ईएसआई कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा। सबसे बड़ी सहूलियत ऑपरेशन के लिए वेटिंग लिस्ट में शामिल मरीजों को मिलेगी। इससे मरीजों की वेटिंग लिस्ट काफी कम हो जाएगी। डॉक्टरों ने बताया कि हाथ से ऑपरेशन के दौरान कई बार चूक की गुंजाइश रहती है। ऐसे में दूसरी नस या कोशिकाएं कट जाती हैं। रोबोट की मदद से ऑपरेशन करने पर अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन या एमआरआई मशीन से ऑपरेशन वाले अंग को चिह्नित कर कंप्यूटर में उसके हिसाब से कमांड देकर सर्जरी की जाएगी। इसमें चूक की कोई गुंजाइश नहीं होगी। रक्त स्त्राव कम होगा। रोबाेटिक ऑपरेशन से सबसे ज्यादा छोटी आंत व बड़ी आंत की सर्जरी, अपेंडिक्स, गाल ब्लैडर की पथरी व कैंसर की सर्जरी, गुर्दे की सर्जरी, पेट का कैंसर से ऑपरेशन में सहूलियत मिलेगी।
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वर्जन
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में मरीजों को विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत रोबोटिक ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी है।
- डॉ. अनिल पांडे, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
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फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोबोटिक ऑपरेशन किए जाएंगे। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से रोबोट मशीन खरीद के लिए टेंडर कर दिए गए है, जो जल्द खुलेंगे। खास बात यह कि यह रोबोटिक मशीन इंडियन मेड होगी। इसे मेक इन इंडिया अभियान के तहत खरीदा जाएगा। इससे जिले के करीब साढ़े लाख ईएसआई कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा।
ईएसआईसी की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके तहत विश्व बैंक केंद्र सरकार को करीब एक हजार करोड़ रुपये का बजट दे रहा है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधकों से भी उन्हें उपकरण मुहैया कराने के प्रस्ताव मांगे हैं। इस पर अस्पताल प्रबंधन की तरफ से रोबोटिक सर्जरी के उपकरण का प्रस्ताव भेजा है। एनआईटी-3 ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोबोटिक ऑपरेशन शुरू होने से करीब साढे छह लाख ईएसआई कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा। सबसे बड़ी सहूलियत ऑपरेशन के लिए वेटिंग लिस्ट में शामिल मरीजों को मिलेगी। इससे मरीजों की वेटिंग लिस्ट काफी कम हो जाएगी। डॉक्टरों ने बताया कि हाथ से ऑपरेशन के दौरान कई बार चूक की गुंजाइश रहती है। ऐसे में दूसरी नस या कोशिकाएं कट जाती हैं। रोबोट की मदद से ऑपरेशन करने पर अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन या एमआरआई मशीन से ऑपरेशन वाले अंग को चिह्नित कर कंप्यूटर में उसके हिसाब से कमांड देकर सर्जरी की जाएगी। इसमें चूक की कोई गुंजाइश नहीं होगी। रक्त स्त्राव कम होगा। रोबाेटिक ऑपरेशन से सबसे ज्यादा छोटी आंत व बड़ी आंत की सर्जरी, अपेंडिक्स, गाल ब्लैडर की पथरी व कैंसर की सर्जरी, गुर्दे की सर्जरी, पेट का कैंसर से ऑपरेशन में सहूलियत मिलेगी।
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वर्जन
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में मरीजों को विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत रोबोटिक ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी है।
- डॉ. अनिल पांडे, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल