{"_id":"69bee90eb21e0cfbd906f4a7","slug":"northern-cab-drivers-on-the-roads-on-safety-and-earnings-issues-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-65565-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: सुरक्षा और कमाई के मुद्दे पर सड़कों पर उतरे कैब चालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: सुरक्षा और कमाई के मुद्दे पर सड़कों पर उतरे कैब चालक
विज्ञापन
आम लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शनिवार को शहर में कैब चालकों की हड़ताल का असर साफ तौर पर देखने को मिला। जिले के कई इलाकों में ड्राइवरों ने काम बंद कर प्रदर्शन किया, जिससे आम लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। चालकों ने ऐलान किया है कि उनकी हड़ताल 23 मार्च तक जारी रहेगी।
हड़ताल का सबसे बड़ा कारण सुरक्षा को बताया जा रहा है। ड्राइवरों का कहना है कि कई बार अपराधी फर्जी मोबाइल नंबर और आईडी से कैब बुक कर लेते हैं और शहर से बाहर सुनसान जगहों पर ले जाकर लूटपाट करते हैं। कई मामलों में चालकों को बंधक बना लिया जाता है, उनके पैसे और कीमती सामान लूट लिए जाते हैं, यहां तक कि कुछ घटनाओं में हत्या तक हो चुकी है। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि कैब बुक करने से पहले यात्रियों की केवाईसी अनिवार्य की जाए।
इसके अलावा, ड्राइवरों ने कमाई को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि करीब 10 किलोमीटर की राइड पर उन्हें 160 से 170 रुपये मिलते हैं, जिसमें से कंपनी अपना हिस्सा काट लेती है। वहीं सीएनजी के बढ़ते दाम और एसी चलाने की मजबूरी के कारण खर्च बढ़ जाता है, जिससे उनके पास कुछ भी बचत नहीं होती। चालकों ने मांग की है कि प्रति किलोमीटर न्यूनतम किराया तय किया जाए और कम से कम 25 किलोमीटर की ट्रिप दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शनिवार को शहर में कैब चालकों की हड़ताल का असर साफ तौर पर देखने को मिला। जिले के कई इलाकों में ड्राइवरों ने काम बंद कर प्रदर्शन किया, जिससे आम लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। चालकों ने ऐलान किया है कि उनकी हड़ताल 23 मार्च तक जारी रहेगी।
हड़ताल का सबसे बड़ा कारण सुरक्षा को बताया जा रहा है। ड्राइवरों का कहना है कि कई बार अपराधी फर्जी मोबाइल नंबर और आईडी से कैब बुक कर लेते हैं और शहर से बाहर सुनसान जगहों पर ले जाकर लूटपाट करते हैं। कई मामलों में चालकों को बंधक बना लिया जाता है, उनके पैसे और कीमती सामान लूट लिए जाते हैं, यहां तक कि कुछ घटनाओं में हत्या तक हो चुकी है। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि कैब बुक करने से पहले यात्रियों की केवाईसी अनिवार्य की जाए।
विज्ञापन
इसके अलावा, ड्राइवरों ने कमाई को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि करीब 10 किलोमीटर की राइड पर उन्हें 160 से 170 रुपये मिलते हैं, जिसमें से कंपनी अपना हिस्सा काट लेती है। वहीं सीएनजी के बढ़ते दाम और एसी चलाने की मजबूरी के कारण खर्च बढ़ जाता है, जिससे उनके पास कुछ भी बचत नहीं होती। चालकों ने मांग की है कि प्रति किलोमीटर न्यूनतम किराया तय किया जाए और कम से कम 25 किलोमीटर की ट्रिप दी जाए।
विज्ञापन