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Faridabad News: आधार कार्ड में नाम-पता असली, फोटो फर्जी
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एनडीपीएस अधिनियम के मामले में आरोपी की कराई जमानत
असली दस्तावेज धारक के अदालत पहुंचने पर फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा
सचिन कुमार
फरीदाबाद। आधार कार्ड में नाम, पिता का नाम और पता एक व्यक्ति का था लेकिन फोटो किसी दूसरे की लगाकर एनडीपीएस अधिनियम के मामले में आरोपी की जमानत करा दी गई। असली दस्तावेज धारक के अदालत पहुंचने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
जमानत के दौरान उसके नाम से आधार कार्ड के साथ कार की आरसी भी लगाई गई थी। अदालत के आदेश पर थाना सेंट्रल पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामला एनडीपीएस-4-2023, राज्य बनाम भूरे लाल यादव व अन्य से संबंधित है। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत में मामले की सुनवाई चल रही है। आरोपी भूरे लाल यादव को अदालत ने 16 जुलाई 2026 को भगोड़ा घोषित किया था। सुनवाई के दौरान गांधी नगर, कुरैशीपुर निवासी अजीत सिंह अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि उन्होंने भूरे लाल यादव की जमानत में कभी जमानती नहीं दी और न ही इस मामले में पहले अदालत में पेश हुए। उनके मुताबिक, किसी अन्य व्यक्ति ने 20 मई 2023 को उनके नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आरोपी की जमानत में जमानती के तौर पर खुद को पेश किया था।
अजीत सिंह ने अदालत की फाइल में जमानत के लिए लगाए गए आधार कार्ड को देखा तो उसमें उनका नाम, पिता का नाम और पता दर्ज था लेकिन फोटो किसी दूसरे व्यक्ति की लगी थी। उनके मुताबिक, उसी व्यक्ति ने उनके नाम का इस्तेमाल कर अदालत में खुद को जमानती के रूप में पेश किया। जमानत के दस्तावेजों में अजीत सिंह की कार का पंजीकरण प्रमाणपत्र भी लगाया गया था। अजीत ने अदालत को बताया कि वह कार पहले ही गुरुग्राम के बादशाहपुर रोड स्थित कार बाजार के डीलर निशांत शर्मा को बेच चुके हैं। कार बेचते समय उससे संबंधित दस्तावेज भी खरीदार को सौंप दिए थे।
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असली पहचान के दस्तावेज अदालत में दिए
अजीत सिंह ने अपनी पहचान स्पष्ट करने के लिए अदालत में अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की प्रतियां पेश की थीं। उन्होंने बताया कि जमानत में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज उनके नाम के थे लेकिन उनका इस्तेमाल उन्होंने नहीं किया था। अदालत ने अजीत सिंह के बयान और उनके द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों को देखने के बाद प्रथम दृष्टया माना कि किसी अन्य व्यक्ति ने अजीत सिंह बनकर 20 मई 2023 को भूरे लाल यादव की जमानत में जमानती के तौर पर दस्तावेज पेश किए। अदालत ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए आदेश की प्रति, अजीत सिंह का बयान, उनके द्वारा पेश किए गए दस्तावेज और जमानत बंधपत्र समेत संबंधित कागजात थाना सेंट्रल भेजने के निर्देश दिए। अदालत का आदेश मिलने के बाद थाना सेंट्रल पुलिस ने 28 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की है।
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असली दस्तावेज धारक के अदालत पहुंचने पर फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा
सचिन कुमार
फरीदाबाद। आधार कार्ड में नाम, पिता का नाम और पता एक व्यक्ति का था लेकिन फोटो किसी दूसरे की लगाकर एनडीपीएस अधिनियम के मामले में आरोपी की जमानत करा दी गई। असली दस्तावेज धारक के अदालत पहुंचने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
जमानत के दौरान उसके नाम से आधार कार्ड के साथ कार की आरसी भी लगाई गई थी। अदालत के आदेश पर थाना सेंट्रल पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामला एनडीपीएस-4-2023, राज्य बनाम भूरे लाल यादव व अन्य से संबंधित है। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत में मामले की सुनवाई चल रही है। आरोपी भूरे लाल यादव को अदालत ने 16 जुलाई 2026 को भगोड़ा घोषित किया था। सुनवाई के दौरान गांधी नगर, कुरैशीपुर निवासी अजीत सिंह अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि उन्होंने भूरे लाल यादव की जमानत में कभी जमानती नहीं दी और न ही इस मामले में पहले अदालत में पेश हुए। उनके मुताबिक, किसी अन्य व्यक्ति ने 20 मई 2023 को उनके नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आरोपी की जमानत में जमानती के तौर पर खुद को पेश किया था।
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अजीत सिंह ने अदालत की फाइल में जमानत के लिए लगाए गए आधार कार्ड को देखा तो उसमें उनका नाम, पिता का नाम और पता दर्ज था लेकिन फोटो किसी दूसरे व्यक्ति की लगी थी। उनके मुताबिक, उसी व्यक्ति ने उनके नाम का इस्तेमाल कर अदालत में खुद को जमानती के रूप में पेश किया। जमानत के दस्तावेजों में अजीत सिंह की कार का पंजीकरण प्रमाणपत्र भी लगाया गया था। अजीत ने अदालत को बताया कि वह कार पहले ही गुरुग्राम के बादशाहपुर रोड स्थित कार बाजार के डीलर निशांत शर्मा को बेच चुके हैं। कार बेचते समय उससे संबंधित दस्तावेज भी खरीदार को सौंप दिए थे।
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असली पहचान के दस्तावेज अदालत में दिए
अजीत सिंह ने अपनी पहचान स्पष्ट करने के लिए अदालत में अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की प्रतियां पेश की थीं। उन्होंने बताया कि जमानत में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज उनके नाम के थे लेकिन उनका इस्तेमाल उन्होंने नहीं किया था। अदालत ने अजीत सिंह के बयान और उनके द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों को देखने के बाद प्रथम दृष्टया माना कि किसी अन्य व्यक्ति ने अजीत सिंह बनकर 20 मई 2023 को भूरे लाल यादव की जमानत में जमानती के तौर पर दस्तावेज पेश किए। अदालत ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए आदेश की प्रति, अजीत सिंह का बयान, उनके द्वारा पेश किए गए दस्तावेज और जमानत बंधपत्र समेत संबंधित कागजात थाना सेंट्रल भेजने के निर्देश दिए। अदालत का आदेश मिलने के बाद थाना सेंट्रल पुलिस ने 28 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की है।