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Faridabad News: जच्चा-बच्चा वार्ड की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन गंभीर नहीं

Wed, 13 Sep 2023 11:20 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद Updated Wed, 13 Sep 2023 11:20 PM IST
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Management is not serious about the safety of mother-child ward
- दोपहर के समय भी नहीं होती किसी प्रकार की रोक टोक
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हेमलता रावत
बल्लभगढ़। बीके अस्पताल से मंगलवार को नवजात चोरी होने के बावजूद भी सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे चल रही है। दिन हो या रात पहली मंजिल पर बने जच्चा बच्चा वार्ड में किसी भी व्यक्ति की जांच नहीं की जा रही है। वहीं, जच्चा बच्चा वार्ड में महिलाओं के साथ सिर्फ महिला को रुकने की अनुमति होती है लेकिन, बुधवार को वार्ड के अंदर काफी पुरुष देखे गए।
बीके अस्पताल में हर रोज हजारों की संख्या में मरीज उपचार करवाने के लिए आते है। जिसमें बच्चे व गर्भवती महिलाएं भी शामिल है। मरीजों व कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए 28 सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की हुई है, जिसमें से 9 महिलाएं हैं। महिला गार्ड की ड्यूटी पहली मंजिल पर जच्चा बच्चा वार्ड व शिशु वार्ड में लगाई जाती है। दोपहर को एक बजे टीम इमरजेंसी से सीढ़ियों के रास्ते पहली मंजिल पर पहुंची। जहां पर मुख्य द्वार पर कोई भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं होने से सभी लोग अपनी मर्जी से आ जा रहे थे। उसके बाद टीम ने देखा की वार्ड के गैलरी में सफाई कर्मी सफाई कर रही थी।
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वहीं, प्रसूति वार्ड के मुख्य द्वार पर मौजूद महिला गार्ड से पूछा तो उसने बताया कि नवजात चोरी होने की घटना के बाद पहली मंजिल पर दो पुरुषों गार्डों को लगाया गया। लेकिन वह ड्यूटी को छोड़ कर कहां गए। इसके बारे में उनको कोई जानकारी नहीं। गार्ड नहीं होने की वजह से कोई भी बिना रोकटोक अंदर आ जा रहा था। गार्ड नहीं होने के बाद टीम ने जच्चा बच्चा वार्ड के अंदर पहुंची जहां महिलाओं के साथ पुरुष भी मौजूद थे। नियम के अनुसार मिलने के समय ही पुरुष वार्ड के अंदर रहे सकते है, लेकिन इतनी बड़ी घटना होने के बाद बावजूद भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं देखने को मिले। करीब एक घंटा वार्ड में बिना रोक टोक घूमने के बाद भी सुरक्षा कर्मी को कोई अता पता नहीं चला। सूत्रों ने बताया कि ड्यूटी बदलने का समय होने की वजह से गार्ड पहले चले जाते है।
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मिलने का समय नहीं होता फॉलो
अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिलने का समय हमेशा तय होता है। बीके अस्पताल में भी सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक। वहीं शाम को साढ़े 5 बजे से साढ़े 6 बजे तक मरीज के परिजन आकर मिल सकते है। अस्पताल में इस समय को कोई फॉलो नहीं करता है। जिससे कोई भी मरीज से बिना किसी रोक टोक के मिल लेता है।


सुरक्षा को लेकर महानिदेशक को लिखा पत्र
प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने बताया कि मंगलवार की घटना के बाद उन्होंने महानिदेशक को पत्र लिखकर अवगत करवाया है कि कुछ साइन बोर्ड को लगाया जाए। जिसमें साफ तौर पर लिखा हो कि कोई भी परिजन अपने बच्चे को किसी अनजान व्यक्ति के हाथों में ना सौंपे। इसके अलावा अगर कोई अनजान व्यक्ति आपको बार बार परेशान कर रहा है तो उसकी सूचना गार्ड को दे। उन्होंने पंचिंग सिस्टम को शुरू करने के लिए कहा है क्योंकि पंचिंग के जरिए परिजन की पूरी जानकारी मिल जाएगी। अभी बीके अस्पताल में जो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, उसमें लोगों की फोटो साफ नजर नहीं आती है। इसलिए इन कैमरों को बदलकर अच्छी गुणवत्ता के लगाए जाए ताकि भविष्य में आरोपियों को पकड़ने में आसानी हो सके।
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