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ट्रैक्टर मार्च के बाद नहीं मिला मुआवजा तो जाम करेंगे केजीपी
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बल्लभगढ़। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) में भूमि अधिग्रहण के बाद बढ़ा हुआ मुआवजा न मिलने से आक्रोशित किसानों ने रविवार को गांव मोहना में महापंचायत की। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे किसान संघर्ष समिति के तहत आयोजित महापंचायत में 24 गांवों के किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान 26 जनवरी को जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में ट्रैक्टर मार्च निकालने की रणनीति बनाई। तय किया गया कि इसके बाद भी मुआवजा नहीं मिला, तो पांच फरवरी को केजीपी जाम करेंगे।
किसान वक्ताओं ने बैठक में ट्रैक्टर मार्च को लेकर सहमति जताई। मार्च का रूट तैयार करने के साथ ही नेतृत्व पूर्व फौजियों को सौंपा गया। इनमें विनोद सोलंकी, किरण पाल भाटी, बंसीलाल, सतपाल फौजी व हरवीर को जिम्मेदारी दी गई है। पंचायत में मौजूद किसान नेताओं को अपने-अपने गांव से ट्रैक्टर लेकर आने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। करीब चार घंटे की महापंचायत के बाद किसान नेताओं ने तय किया कि सोमवार को किसान नेताओं की प्रशासन के साथ बैठक है। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों को दस दिन का समय दिया जाएगा। यदि प्रशासन 5 फरवरी तक मुआवजा दिलाने में असमर्थ रहता है, तो एक बैठक कर केजीपी को जाम करेंगे। इस मौके पर राजेश भाटी, सुरेंद्र तवर, महेंद्र शर्मा, देवरत्न, अम्मीलाल, वेदपाल, जोगिंद्र भड़ाना, पूर्व सरपंच सुभाष आदि उपस्थित रहे।
शांतिपूर्ण होगा मार्च
समिति के प्रधान राजेश भाटी ने बताया कि 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा। एक कतार में किसान अपने ट्रैक्टर से मार्च करेंगे। ट्रैक्टरों पर तिरंगा झंडा लगा होगा। इस दौरान यातायात प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
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यह रहेगा रूट
किसान अपने-अपने ट्रैक्टर के साथ केजीपी के नीचे एकत्र होंगे। वहां से आईएमटी चंदावली के रास्ते बाईपास से सेक्टर-12 को जाने वाले मार्ग से होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग से बल्लभगढ़-गुरुग्राम कैनाल से निकलते हुए बाई पास पहुंचेंगे।
यह है मामला
एनएचएआई ने वर्ष 2008 में जिले के 9 गांवों मोहना, हीरापुर, छांयसा, मौजपुर, अटाली, अरुआ, चांदपुर, फज्जुपुर खादर, शाहजहांपुर के किसानों की 444 एकड़ जमीन 16 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से अधिगृहीत की थी। अतिरिक्त मुआवजे के लिए किसानों ने उच्च न्यायालय में अपील की। कोर्ट ने किसानों के हक में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त को मामला सुलझाने के लिए कहा। तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त ने 2018 में मुआवजा बढ़ा कर 68 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दिया, लेकिन यह मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है।
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किसान वक्ताओं ने बैठक में ट्रैक्टर मार्च को लेकर सहमति जताई। मार्च का रूट तैयार करने के साथ ही नेतृत्व पूर्व फौजियों को सौंपा गया। इनमें विनोद सोलंकी, किरण पाल भाटी, बंसीलाल, सतपाल फौजी व हरवीर को जिम्मेदारी दी गई है। पंचायत में मौजूद किसान नेताओं को अपने-अपने गांव से ट्रैक्टर लेकर आने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। करीब चार घंटे की महापंचायत के बाद किसान नेताओं ने तय किया कि सोमवार को किसान नेताओं की प्रशासन के साथ बैठक है। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों को दस दिन का समय दिया जाएगा। यदि प्रशासन 5 फरवरी तक मुआवजा दिलाने में असमर्थ रहता है, तो एक बैठक कर केजीपी को जाम करेंगे। इस मौके पर राजेश भाटी, सुरेंद्र तवर, महेंद्र शर्मा, देवरत्न, अम्मीलाल, वेदपाल, जोगिंद्र भड़ाना, पूर्व सरपंच सुभाष आदि उपस्थित रहे।
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शांतिपूर्ण होगा मार्च
समिति के प्रधान राजेश भाटी ने बताया कि 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा। एक कतार में किसान अपने ट्रैक्टर से मार्च करेंगे। ट्रैक्टरों पर तिरंगा झंडा लगा होगा। इस दौरान यातायात प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
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यह रहेगा रूट
किसान अपने-अपने ट्रैक्टर के साथ केजीपी के नीचे एकत्र होंगे। वहां से आईएमटी चंदावली के रास्ते बाईपास से सेक्टर-12 को जाने वाले मार्ग से होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग से बल्लभगढ़-गुरुग्राम कैनाल से निकलते हुए बाई पास पहुंचेंगे।
यह है मामला
एनएचएआई ने वर्ष 2008 में जिले के 9 गांवों मोहना, हीरापुर, छांयसा, मौजपुर, अटाली, अरुआ, चांदपुर, फज्जुपुर खादर, शाहजहांपुर के किसानों की 444 एकड़ जमीन 16 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से अधिगृहीत की थी। अतिरिक्त मुआवजे के लिए किसानों ने उच्च न्यायालय में अपील की। कोर्ट ने किसानों के हक में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त को मामला सुलझाने के लिए कहा। तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त ने 2018 में मुआवजा बढ़ा कर 68 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दिया, लेकिन यह मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है।