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Faridabad News: फरीदाबाद में कालिंदी कुंज रोड का होगा चौड़ीकरण, 1603 पेड़ काटने का प्रस्ताव
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लगभग 20 किलोमीटर लंबी सड़क का होगा निर्माण, दो लेन से बढ़ाकर चार लेन किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद में आगरा नहर पुल से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तक बनने वाली कालिंदी कुंज की सड़क को दो लेन से बढ़ाकर चार लेन किया जाएगा। इस परियोजना के तहत लगभग 20 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होगा। इसके लिए 1,603 पेड़ काटने की आवश्यकता होगी।
इसी कारण यूपी सिंचाई विभाग ने वन विभाग से एनओसी मांगी है। एनओसी मिलने के बाद ही विभाग इस सड़क के निर्माण के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकेगा। फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एफएमडीए) ने इस चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया था। शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए यह कदम जरूरी माना जा रहा है।
सड़क चौड़ीकरण की जिम्मेदारी यूपी सिंचाई विभाग को इसलिए दी गई है क्योंकि आगरा नहर किनारे की जमीन पर उसी का अधिकार है। विभाग निर्माण कार्य को आगे बढ़ाएगा। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना पूरी होने से ट्रैफिक दबाव कम होगा और फरीदाबाद से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तक आवागमन सुगम हो जाएगा।
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हालांकि बड़ी संख्या में पेड़ काटने के फैसले पर पर्यावरणीय चिंता भी सामने आ रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस क्षेत्र में हरियाली और वायु गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद ही काम की प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी। यह परियोजना न केवल ट्रैफिक समस्या का समाधान करेगी बल्कि दिल्ली-एनसीआर के साथ फरीदाबाद की कनेक्टिविटी को भी मजबूत बनाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद में आगरा नहर पुल से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तक बनने वाली कालिंदी कुंज की सड़क को दो लेन से बढ़ाकर चार लेन किया जाएगा। इस परियोजना के तहत लगभग 20 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होगा। इसके लिए 1,603 पेड़ काटने की आवश्यकता होगी।
इसी कारण यूपी सिंचाई विभाग ने वन विभाग से एनओसी मांगी है। एनओसी मिलने के बाद ही विभाग इस सड़क के निर्माण के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकेगा। फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एफएमडीए) ने इस चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया था। शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए यह कदम जरूरी माना जा रहा है।
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सड़क चौड़ीकरण की जिम्मेदारी यूपी सिंचाई विभाग को इसलिए दी गई है क्योंकि आगरा नहर किनारे की जमीन पर उसी का अधिकार है। विभाग निर्माण कार्य को आगे बढ़ाएगा। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना पूरी होने से ट्रैफिक दबाव कम होगा और फरीदाबाद से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तक आवागमन सुगम हो जाएगा।
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हालांकि बड़ी संख्या में पेड़ काटने के फैसले पर पर्यावरणीय चिंता भी सामने आ रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस क्षेत्र में हरियाली और वायु गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद ही काम की प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी। यह परियोजना न केवल ट्रैफिक समस्या का समाधान करेगी बल्कि दिल्ली-एनसीआर के साथ फरीदाबाद की कनेक्टिविटी को भी मजबूत बनाएगी।