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Faridabad News: सार्वजनिक परिवहन की कमी से जूझ रहे औद्योगिक कर्मचारी
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फैक्टरी तक पहुंचना बना रोज का संघर्ष, ऑटो और निजी वाहनाें का सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के सेक्टर-24, 25, 55, 58, 59 सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए रोजाना फैक्टरी तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन गया है। कर्मचारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे हर महीने यात्रा पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
लोगों ने बताया कि सुबह और शाम शिफ्ट बदलने के समय सबसे अधिक परेशानी होती है। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नियमित बस सेवा नहीं होने के कारण उन्हें काफी देर तक ऑटो या ई-रिक्शा का इंतजार करना पड़ता है। कई बार वाहन नहीं मिलने पर पैदल ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय पर फैक्टरी पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
लोगों ने बताया कि रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ता है। देर रात सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं होने से ऑटो चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। वहीं, बारिश के दौरान वाहन कम होने का फायदा उठाकर सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक किराया लिया जाता है। मजबूरी में कर्मचारियों को ज्यादा भुगतान करना पड़ता है, क्योंकि उनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं होता।
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डयूटी इंस्पेक्टर जयपाल राठी ने बताया कि सिटी बस सेवाओं को लगातार सुधारते हुए औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों की सुविधा के लिए रूटों पर बेहतर व्यवस्था की जा रही है।
रात की शिफ्ट के बाद आने-जाने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। - मुकेश
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नियमित बस सेवा जरूरी है। - रवि
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के सेक्टर-24, 25, 55, 58, 59 सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए रोजाना फैक्टरी तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन गया है। कर्मचारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे हर महीने यात्रा पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
लोगों ने बताया कि सुबह और शाम शिफ्ट बदलने के समय सबसे अधिक परेशानी होती है। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नियमित बस सेवा नहीं होने के कारण उन्हें काफी देर तक ऑटो या ई-रिक्शा का इंतजार करना पड़ता है। कई बार वाहन नहीं मिलने पर पैदल ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय पर फैक्टरी पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
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लोगों ने बताया कि रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ता है। देर रात सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं होने से ऑटो चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। वहीं, बारिश के दौरान वाहन कम होने का फायदा उठाकर सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक किराया लिया जाता है। मजबूरी में कर्मचारियों को ज्यादा भुगतान करना पड़ता है, क्योंकि उनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं होता।
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डयूटी इंस्पेक्टर जयपाल राठी ने बताया कि सिटी बस सेवाओं को लगातार सुधारते हुए औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों की सुविधा के लिए रूटों पर बेहतर व्यवस्था की जा रही है।
रात की शिफ्ट के बाद आने-जाने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। - मुकेश
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नियमित बस सेवा जरूरी है। - रवि