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Faridabad News: अधूरे निर्माण कार्यों से कोहरे में हादसे की आशंका
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शहर की कई प्रमुख सड़कों पर हालात खराब, पैदल राहगीरों को भी हमेशा लगा रहा है डर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद में सर्दी के मौसम के साथ बढ़ता कोहरा यातायात की रफ्तार रोकने के साथ शहर की बदहाल सड़कों पर हादसों का कारण बन रहा है। जगह-जगह गड्ढे, अधूरे सड़क व फुटपाथ के काम और सड़क से नीचे धंसे मैनहोल के ढक्कन कोहरे में दिखाई नहीं देते जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर हालात इतने खराब हैं कि रोजाना यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को हमेशा हादसे का डर लगा रहता है।
आपको बताते चलें कि सारन रोड और प्याली रोड पर कुछ दिन पहले सड़क निर्माण का कार्य कराया गया था लेकिन यह काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया। सड़क के दोनों किनारों पर खाली स्थान छोड़ दिए गए हैं जो सड़क की सतह से करीब एक फीट नीचे हैं। दिन में तो वाहन चालक किसी तरह इन जगहों से बचकर निकल जाते हैं लेकिन सुबह-शाम घने कोहरे के समय यह खाली जगह सीधे हादसे को न्योता दे रही है। वहीं दो पहिया वाहन चालक सड़क के किनारे ही चलते हैं अगर उनका थोड़ा भी बैलेंस बिगड़ा तो बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार बाइक या स्कूटी का पहिया सड़क से नीचे उतर जाता है जिससे वाहन असंतुलित हो जाता है। कोहरे में जब दृश्यता कम हो जाएगी तो यहां हादसा होने का खतरा काफी अधिक बढ़ जाएगा। इसके बाद भी जिम्मेदार इसपर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सेक्टर-17/14 की डिवाइडिंग रोड पर पार्क की दीवार तोड़ने के बाद मलबा सड़क से पूरी तरह नहीं हटाया गया। सड़क के किनारों पर पड़ा यह मलबा भी कोहरे में दिखाई नहीं देता। वाहन चालक सड़क पर पड़े मलबे के कारण हादसे का शिकार हो सकते हैं अगर धुंध बढ़ी तो सड़क ठीक से दिखाई नहीं देगी और हादसों की आशंका और अधिक बढ़ जाएगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार उन्होंने इसको लेकर कर्मचारियों से कहा है लेकिन कोई इस मामले पर गंभीरता से काम नहीं करवा रहा है।
वहीं शहर के कई इलाकों में फुटपाथ निर्माण का काम भी अधूरा पड़ा है। कहीं ईंटें उखड़ी हुई हैं तो कहीं गड्ढे खुले पड़े हैं। ऐसे में पैदल चलने वालों को मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ता है। कोहरे के समय जब वाहन चालक सामने से आते राहगीरों को समय पर नहीं देख पाते तब दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सुबह की सैर पर निकलने वालों को हादसों का अधिक डर रहता है।
कुछ दिन पहले ओल्ड फरीदाबाद रेलवे रोड पर सीवर की सफाई कराई गई थी। इसके बाद कई स्थानों पर मैनहोल के ढक्कन सड़क से काफी नीचे रह गए हैं। ये ढक्कन अब गड्ढे से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। सड़क निर्माण के दौरान मैनहोल को नीचे दबा दिया गया था लेकिन दोबारा खोलने के बाद उन्हें सही स्तर पर नहीं लाया गया। अब कोहरे में ये गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन सीधे इनमें फंस सकते हैं।
स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों का कहना है कि रात के समय कई वाहन इन मैनहोल में फंस चुके हैं। लेकिन इसपर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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प्राधिकरण की तरफ से हो रहे सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश जारी है। अगर किसी ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ा है तो जांच कर उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - केएस पठानिया, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद में सर्दी के मौसम के साथ बढ़ता कोहरा यातायात की रफ्तार रोकने के साथ शहर की बदहाल सड़कों पर हादसों का कारण बन रहा है। जगह-जगह गड्ढे, अधूरे सड़क व फुटपाथ के काम और सड़क से नीचे धंसे मैनहोल के ढक्कन कोहरे में दिखाई नहीं देते जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर हालात इतने खराब हैं कि रोजाना यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को हमेशा हादसे का डर लगा रहता है।
आपको बताते चलें कि सारन रोड और प्याली रोड पर कुछ दिन पहले सड़क निर्माण का कार्य कराया गया था लेकिन यह काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया। सड़क के दोनों किनारों पर खाली स्थान छोड़ दिए गए हैं जो सड़क की सतह से करीब एक फीट नीचे हैं। दिन में तो वाहन चालक किसी तरह इन जगहों से बचकर निकल जाते हैं लेकिन सुबह-शाम घने कोहरे के समय यह खाली जगह सीधे हादसे को न्योता दे रही है। वहीं दो पहिया वाहन चालक सड़क के किनारे ही चलते हैं अगर उनका थोड़ा भी बैलेंस बिगड़ा तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार बाइक या स्कूटी का पहिया सड़क से नीचे उतर जाता है जिससे वाहन असंतुलित हो जाता है। कोहरे में जब दृश्यता कम हो जाएगी तो यहां हादसा होने का खतरा काफी अधिक बढ़ जाएगा। इसके बाद भी जिम्मेदार इसपर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सेक्टर-17/14 की डिवाइडिंग रोड पर पार्क की दीवार तोड़ने के बाद मलबा सड़क से पूरी तरह नहीं हटाया गया। सड़क के किनारों पर पड़ा यह मलबा भी कोहरे में दिखाई नहीं देता। वाहन चालक सड़क पर पड़े मलबे के कारण हादसे का शिकार हो सकते हैं अगर धुंध बढ़ी तो सड़क ठीक से दिखाई नहीं देगी और हादसों की आशंका और अधिक बढ़ जाएगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार उन्होंने इसको लेकर कर्मचारियों से कहा है लेकिन कोई इस मामले पर गंभीरता से काम नहीं करवा रहा है।
वहीं शहर के कई इलाकों में फुटपाथ निर्माण का काम भी अधूरा पड़ा है। कहीं ईंटें उखड़ी हुई हैं तो कहीं गड्ढे खुले पड़े हैं। ऐसे में पैदल चलने वालों को मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ता है। कोहरे के समय जब वाहन चालक सामने से आते राहगीरों को समय पर नहीं देख पाते तब दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सुबह की सैर पर निकलने वालों को हादसों का अधिक डर रहता है।
कुछ दिन पहले ओल्ड फरीदाबाद रेलवे रोड पर सीवर की सफाई कराई गई थी। इसके बाद कई स्थानों पर मैनहोल के ढक्कन सड़क से काफी नीचे रह गए हैं। ये ढक्कन अब गड्ढे से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। सड़क निर्माण के दौरान मैनहोल को नीचे दबा दिया गया था लेकिन दोबारा खोलने के बाद उन्हें सही स्तर पर नहीं लाया गया। अब कोहरे में ये गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन सीधे इनमें फंस सकते हैं।
स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों का कहना है कि रात के समय कई वाहन इन मैनहोल में फंस चुके हैं। लेकिन इसपर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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प्राधिकरण की तरफ से हो रहे सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश जारी है। अगर किसी ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ा है तो जांच कर उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - केएस पठानिया, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए