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Faridabad News: जान जाए... पर गुजरेंगे रेलवे ट्रैक से ही
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लगातार हादसे होने के बाद भी लोग नहीं कर रहे आदत में बदलाव
सचिन कुमार
फरीदाबाद। रेलवे ट्रैक को नजदीकी रास्ता समझकर पार करने की लापरवाही लगातार जान पर भारी पड़ रही है, इसके बावजूद लोग अपनी आदत में बदलाव नहीं कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में ट्रेनें रुकती हैं, वहीं लोग सबसे ज्यादा जोखिम उठाते नजर आ रहे हैं। रेलवे अधिकारी के अनुसार रोजाना फरीदाबाद के स्टेशन पर करीब 80 से 90 ट्रेनों का ठहराव होता है। स्टेशन पर कुल पांच प्लेटफॉर्म हैं, इसके बावजूद लोग फुटओवर ब्रिज या निर्धारित रास्तों का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे रेलवे ट्रैक पार कर लेते हैं। यही लापरवाही हादसों की बड़ी वजह बन रही है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में रेलवे ट्रैक पार करने के मामलों में 131 लोगों के चालान किए गए थे। इसके बावजूद उसी साल रेलवे ट्रैक पर हुए हादसों में कुल 196 लोग प्रभावित हुए, जिनमें घायल और मृत दोनों शामिल हैं। इससे साफ है कि कार्रवाई के बाद भी लोग सतर्क नहीं हो रहे। वर्ष 2025 में चालान की संख्या बढ़कर 187 तक पहुंच गई, लेकिन हादसों में अपेक्षित कमी नहीं आई। इस दौरान रेलवे ट्रैक से जुड़े 176 हादसों में घायल और मृत दोनों शामिल हैं। अधिकतर मामलों में कारण वही रहा ,निर्धारित रास्तों को छोड़कर ट्रैक पार करना। वर्तमान वर्ष 2026 में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। अब तक 13 लोगों के चालान किए जा चुके हैं और रेलवे ट्रैक पर हुए हादसों में दस लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें भी घायल और मृत दोनों शामिल हैं।
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रेलवे सुरक्षा बल द्वारा समय-समय पर ट्रैक पार करने वालों के चालान किए जा रहे हैं। साथ ही यात्रियों और आम लोगों को लगातार समझाकर सुरक्षित रास्तों के उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है।-स्टेशन अधीक्षक डी. एस. भंडारी
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सचिन कुमार
फरीदाबाद। रेलवे ट्रैक को नजदीकी रास्ता समझकर पार करने की लापरवाही लगातार जान पर भारी पड़ रही है, इसके बावजूद लोग अपनी आदत में बदलाव नहीं कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में ट्रेनें रुकती हैं, वहीं लोग सबसे ज्यादा जोखिम उठाते नजर आ रहे हैं। रेलवे अधिकारी के अनुसार रोजाना फरीदाबाद के स्टेशन पर करीब 80 से 90 ट्रेनों का ठहराव होता है। स्टेशन पर कुल पांच प्लेटफॉर्म हैं, इसके बावजूद लोग फुटओवर ब्रिज या निर्धारित रास्तों का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे रेलवे ट्रैक पार कर लेते हैं। यही लापरवाही हादसों की बड़ी वजह बन रही है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में रेलवे ट्रैक पार करने के मामलों में 131 लोगों के चालान किए गए थे। इसके बावजूद उसी साल रेलवे ट्रैक पर हुए हादसों में कुल 196 लोग प्रभावित हुए, जिनमें घायल और मृत दोनों शामिल हैं। इससे साफ है कि कार्रवाई के बाद भी लोग सतर्क नहीं हो रहे। वर्ष 2025 में चालान की संख्या बढ़कर 187 तक पहुंच गई, लेकिन हादसों में अपेक्षित कमी नहीं आई। इस दौरान रेलवे ट्रैक से जुड़े 176 हादसों में घायल और मृत दोनों शामिल हैं। अधिकतर मामलों में कारण वही रहा ,निर्धारित रास्तों को छोड़कर ट्रैक पार करना। वर्तमान वर्ष 2026 में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। अब तक 13 लोगों के चालान किए जा चुके हैं और रेलवे ट्रैक पर हुए हादसों में दस लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें भी घायल और मृत दोनों शामिल हैं।
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रेलवे सुरक्षा बल द्वारा समय-समय पर ट्रैक पार करने वालों के चालान किए जा रहे हैं। साथ ही यात्रियों और आम लोगों को लगातार समझाकर सुरक्षित रास्तों के उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है।-स्टेशन अधीक्षक डी. एस. भंडारी
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