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स्टेशन की सुरक्षा भूले, मैडम की मेहमान नवाजी में जुटे जीआरपी जवान
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 11 May 2016 09:44 AM IST
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साहब की बीबी को अगर ट्रेन से सफर करना है तो पूरा अमला प्लेटफार्म पर पहुंच जाता है। मैडम की मेहमान नवाजी में अलग से कुर्सियां लगा दी जाती हैं। आसपास एक दो नहीं बल्कि पूरा विभाग खड़ा नजर आता है। लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर ऐसी मुस्तैदी नहीं दिखाई देती।
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अगर मुस्तैदी दिखाई भी देती है तो होली, दीवाली, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर। ये कहानी है फरीदाबाद जीआरपी की। दरअसल मंगलवार को जीआरपी के एक उच्चाधिकारी की पत्नी को पश्चिम एक्सप्रेस से अंबाला जाना था। वह ओल्ड स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंच गई।
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लेकिन वहां लगे बेंच पर बैठने के बजाय उनके लिए अलग से कुर्सी की व्यवस्था की गई। यानी प्लेटफार्म पर प्लास्टिक की कुर्सियां लगाई गई। एसएचओ से लेकर 12 से अधिक मुलाजिम सामने खड़े रहे ताकि मैडम को कोई असुविधा न हो। जीआरपी का यह अमला मैडम को ट्रेन में बैठाने तक मौजूद रहा। ट्रेन अंबाला की ओर रवाना हुई कि जीआरपीकर्मी भी गायब हो गए। फिर यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जवान नजर नहीं आया।
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यात्रियों की सुरक्षा में नहीं दिखती ऐसी मुश्तैदी
प्रतिदिन हजारों की संख्या में दैनिक यात्री शटल गाड़ियों में सफर करते हैं। कई शरारती तत्व महिला बोगी में बेरोक-टोक सफर करते हैं। महिला यात्रियों से कई बार बदसलूकी भी हो जाती है लेकिन जीआरपी की ऐसी मुश्तैदी वहां नहीं दिखाई देती। कई बार तो सूचना देने के बाद भी जीआरपी कर्मी समय पर नहीं पहुंचते।