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ठगी की 1548 वारदात में शामिल गैंग का पर्दाफाश
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फरीदाबाद। देशभर में साइबर ठगी की 1548 वारदात में शामिल आठ ठगों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक महिला व तीन विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों से दोस्ती करते थे। इनके फर्जी खातों में करीब 25 करोड़ रुपये का लेनदेन पाया गया है।
डीसीपी मुख्यालय नीतीश अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया कि आरोपियों में नाइजीरियाई नागरिक गैब्रियल व किंग्सले तथा घाना निवासी गॉडविन का नाम शामिल है। आरोपी फिलहाल दिल्ली में रह रहे थे। गॉडविन का वीजा फरवरी 2021 तथा किंग्सले का दस महीने पहले एक्सपायर हो चुका था। ऐेसे में दोनों अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। अन्य आरोपियों में मूलत: मणिपुर निवासी महिला युर्थिंग्ला वारोंग उर्फ मम्मी, मुंबई निवासी हरीश, फिरोज अंसारी, नोएडा निवासी राजकुमार उर्फ राजू , सफरुद्दीन और दिल्ली निवासी सुशील तिवारी शामिल हैं।
आरोपियों ने दिसंबर 2021 में फरीदाबाद निवासी रामकिशोर के साथ 7.39 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत की अगुवाई में गठित टीम ने 26 मार्च 2022 को घाना निवासी गॉडविन को गिरफ्तार कर 11 दिन के रिमांड पर लिया था। उसकी निशानदेही पर दो अप्रैल को गैब्रियल तथा हरीश उर्फ फिरोज अंसारी को गिरफ्तार कर चार दिन के रिमांड पर लिया। सात अप्रैल को गॉडविन, गैब्रियल तथा हरीश का रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया गया। युर्थिंगला वारोंग तथा किंग्सले को 15 अप्रैल को गिरफ्तार कर 3 दिन के रिमांड पर लिया गया। आरोपी राजकुमार को 18 अप्रैल तथा सफरूदीन को 20 अप्रैल को दिल्ली से गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के बाद 23 अप्रैल को दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
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बरामद सामान
आरोपियों से 40 मोबाइल, 37 सिम कार्ड, 3 पासपोर्ट, 40 पासबुक, 49 चेकबुक, 50 एटीएम कार्ड, 11 आधार कार्ड, 6 पैनकार्ड, दो पेन ड्राइव, आधार कार्ड में पता बदलने के काम में प्रयुक्त कंप्यूटर व प्रिंटर तथा 1.39 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने पूरे देश में साइबर क्राइम की 1548 वारदात को अंजाम दिया है।
सबसे ज्यादा यूपी में ठगी
पुलिस के अनुसार 1548 वारदात में उत्तर प्रदेश में 441, राजस्थान में 150, तेलंगाना में 149, दिल्ली में 147, महाराष्ट्र में 101 व हरियाणा में 30 सहित बाकी अन्य राज्यों में अंजाम दी गई हैं। साइबर टीम ने संबंधित पुलिस थानों को सूचित किया है।
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डीसीपी मुख्यालय नीतीश अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया कि आरोपियों में नाइजीरियाई नागरिक गैब्रियल व किंग्सले तथा घाना निवासी गॉडविन का नाम शामिल है। आरोपी फिलहाल दिल्ली में रह रहे थे। गॉडविन का वीजा फरवरी 2021 तथा किंग्सले का दस महीने पहले एक्सपायर हो चुका था। ऐेसे में दोनों अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। अन्य आरोपियों में मूलत: मणिपुर निवासी महिला युर्थिंग्ला वारोंग उर्फ मम्मी, मुंबई निवासी हरीश, फिरोज अंसारी, नोएडा निवासी राजकुमार उर्फ राजू , सफरुद्दीन और दिल्ली निवासी सुशील तिवारी शामिल हैं।
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आरोपियों ने दिसंबर 2021 में फरीदाबाद निवासी रामकिशोर के साथ 7.39 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत की अगुवाई में गठित टीम ने 26 मार्च 2022 को घाना निवासी गॉडविन को गिरफ्तार कर 11 दिन के रिमांड पर लिया था। उसकी निशानदेही पर दो अप्रैल को गैब्रियल तथा हरीश उर्फ फिरोज अंसारी को गिरफ्तार कर चार दिन के रिमांड पर लिया। सात अप्रैल को गॉडविन, गैब्रियल तथा हरीश का रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया गया। युर्थिंगला वारोंग तथा किंग्सले को 15 अप्रैल को गिरफ्तार कर 3 दिन के रिमांड पर लिया गया। आरोपी राजकुमार को 18 अप्रैल तथा सफरूदीन को 20 अप्रैल को दिल्ली से गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के बाद 23 अप्रैल को दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
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बरामद सामान
आरोपियों से 40 मोबाइल, 37 सिम कार्ड, 3 पासपोर्ट, 40 पासबुक, 49 चेकबुक, 50 एटीएम कार्ड, 11 आधार कार्ड, 6 पैनकार्ड, दो पेन ड्राइव, आधार कार्ड में पता बदलने के काम में प्रयुक्त कंप्यूटर व प्रिंटर तथा 1.39 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने पूरे देश में साइबर क्राइम की 1548 वारदात को अंजाम दिया है।
सबसे ज्यादा यूपी में ठगी
पुलिस के अनुसार 1548 वारदात में उत्तर प्रदेश में 441, राजस्थान में 150, तेलंगाना में 149, दिल्ली में 147, महाराष्ट्र में 101 व हरियाणा में 30 सहित बाकी अन्य राज्यों में अंजाम दी गई हैं। साइबर टीम ने संबंधित पुलिस थानों को सूचित किया है।