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Faridabad News: एडोर स्मार्ट सिटी परियोजना में हिस्सेदारी हड़पने के मामले में कंपनी व साझेदारों पर प्राथमिकी दर्ज
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समझौते के बावजूद 25 प्रतिशत हिस्सेदारी नहीं देने, खाते नहीं दिखाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गांव खेड़ीकलां निवासी एक जमीन मालिक की शिकायत पर एडोर स्मार्ट सिटी-1 परियोजना से जुड़े एक मामले में कंपनी, उसके साझेदार और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग, आपराधिक साजिश और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सहयोग समझौते के तहत बिक्री राशि में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का वादा किया गया था, लेकिन परियोजना के अधिकांश प्लॉट बेचने के बावजूद उसका हिस्सा नहीं दिया गया।
गांव खेड़ीकलां निवासी हरि चंद ने 23 जून को पुलिस आयुक्त को शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में गांव नचौली स्थित करीब 65 कनाल 8 मरला (लगभग 8.175 एकड़) भूमि खरीदने के बाद 23 दिसंबर 2021 को एम/एस एडोर प्रॉपबिल्ड एलएलपी और उसके साझेदार जितैश कुमार गुप्ता सहित अन्य के साथ सहयोग समझौता किया था। समझौते के अनुसार परियोजना में विकसित होने वाली इकाइयों और प्लॉटों की बिक्री से प्राप्त राशि में 25 प्रतिशत हिस्सा शिकायतकर्ता को मिलना था, जबकि 75 प्रतिशत हिस्सा डेवलपर को मिलना था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंपनी ने बाद में एडोर स्मार्ट सिटी-1 परियोजना शुरू कर 168 प्लॉट विकसित किए। प्रारंभिक बिक्री दर के आधार पर परियोजना से लगभग 64 करोड़ रुपये प्राप्त होने थे, जिसमें शिकायतकर्ता का हिस्सा करीब 15.99 करोड़ रुपये बनता था। आरोप है कि उसे केवल 28 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि बार-बार मांग करने पर कंपनी यह कहकर टालती रही कि खरीदारों से पूरी राशि प्राप्त नहीं हुई है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि उसे खातों, बैंक स्टेटमेंट और बिक्री रिकॉर्ड का निरीक्षण नहीं करने दिया गया।
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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाद में अधिकांश प्लॉट बेच दिए गए, कई प्लॉट कम कीमत दर्शाकर आवंटित किए गए और शेष राशि नकद में लेकर उसका रिकॉर्ड नहीं रखा गया, जिससे शिकायतकर्ता की हिस्सेदारी कम हो सके। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। ईओडब्ल्यू (सेंट्रल) की जांच के बाद थाना सेंट्रल में 14 जुलाई को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 406, 420, 506 और 120बी में प्राथमिकी दर्ज की गया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मामले की आगे की जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गांव खेड़ीकलां निवासी एक जमीन मालिक की शिकायत पर एडोर स्मार्ट सिटी-1 परियोजना से जुड़े एक मामले में कंपनी, उसके साझेदार और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग, आपराधिक साजिश और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सहयोग समझौते के तहत बिक्री राशि में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का वादा किया गया था, लेकिन परियोजना के अधिकांश प्लॉट बेचने के बावजूद उसका हिस्सा नहीं दिया गया।
गांव खेड़ीकलां निवासी हरि चंद ने 23 जून को पुलिस आयुक्त को शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में गांव नचौली स्थित करीब 65 कनाल 8 मरला (लगभग 8.175 एकड़) भूमि खरीदने के बाद 23 दिसंबर 2021 को एम/एस एडोर प्रॉपबिल्ड एलएलपी और उसके साझेदार जितैश कुमार गुप्ता सहित अन्य के साथ सहयोग समझौता किया था। समझौते के अनुसार परियोजना में विकसित होने वाली इकाइयों और प्लॉटों की बिक्री से प्राप्त राशि में 25 प्रतिशत हिस्सा शिकायतकर्ता को मिलना था, जबकि 75 प्रतिशत हिस्सा डेवलपर को मिलना था।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंपनी ने बाद में एडोर स्मार्ट सिटी-1 परियोजना शुरू कर 168 प्लॉट विकसित किए। प्रारंभिक बिक्री दर के आधार पर परियोजना से लगभग 64 करोड़ रुपये प्राप्त होने थे, जिसमें शिकायतकर्ता का हिस्सा करीब 15.99 करोड़ रुपये बनता था। आरोप है कि उसे केवल 28 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि बार-बार मांग करने पर कंपनी यह कहकर टालती रही कि खरीदारों से पूरी राशि प्राप्त नहीं हुई है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि उसे खातों, बैंक स्टेटमेंट और बिक्री रिकॉर्ड का निरीक्षण नहीं करने दिया गया।
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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाद में अधिकांश प्लॉट बेच दिए गए, कई प्लॉट कम कीमत दर्शाकर आवंटित किए गए और शेष राशि नकद में लेकर उसका रिकॉर्ड नहीं रखा गया, जिससे शिकायतकर्ता की हिस्सेदारी कम हो सके। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। ईओडब्ल्यू (सेंट्रल) की जांच के बाद थाना सेंट्रल में 14 जुलाई को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 406, 420, 506 और 120बी में प्राथमिकी दर्ज की गया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मामले की आगे की जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।