फरीदाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से एक फरवरी से कक्षा 10 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने का निर्देश दिया है। स्कूल केवल वहीं विद्यार्थी जा सकेंगे, जिन्होंने पहली डोज ली है। इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को दिशानिर्देश जारी कर दिया गया है। वहीं, बच्चों में शत प्रतिशत टीकाकरण पूरा करने के लिए शुक्रवार को भी कई स्कूलों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। विद्यार्थियों को स्कूल में टीकाकरण के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर जानकारी भी भेजी जा रही है। वहीं, कक्षा पहली से 9वीं के विद्यार्थियों का फिलहाल स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
निजी स्कूल संचालकों की ओर से पिछले कुछ महीनों से स्कूल खोलने की मांग की जा रही थी। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कुछ शर्तों के साथ स्कूल खोलने की स्वीकृति दे दी है। विद्यार्थी अपने माता-पिता से लिखित स्वीकृति लेने बाद ही स्कूल आएंगे। अगर वह चाहते है कि ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहते हैं, तो वह कर सकते हैं। स्कूल की ओर से उन्हें स्कूल आने का दबाव नहीं बनाया जा सकता है। विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर कोई बाध्यता नहीं रहेगी। यह पूरी तरह विद्यार्थी के माता-पिता की सहमति पर ही निर्भर होगी। जिला शिक्षा अधिकारी रितु चौधरी ने बताया कि कोरोना के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए स्कूल को खोला जाएगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। वहीं, रियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस के राज्य प्रधान एसएस गोसाई ने बताया कि स्कूल वहीं विद्यार्थी आ सकते हैं, जिनका कोरोना से बचाव की वैक्सीन की पहली डोज ले रखी है।