पत्नी के साथ जान भी गई: पुलिस से गुहार लगाता रहा मजबूर पति, बचा लो मेरी घरवाली; वर्दी के आगे हार लगा ली फांसी
मृतक के पिता धर्मवीर ने आरोप लगाया हैं कि पुलिस उनकी बहू की किडनैपिंग की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे, तो पुलिस ने रिपोर्ट लिखने से साफ इनकार कर दिया। इन सब घटनाओं से मानसिक रूप से टूट चुके सुमेश ने अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
विस्तार
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित गांव मोहना में रहने वाले युवक ने आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि युवक ने पत्नी के अपहरण की आशंका जताई थी जिस पर पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के नाम पर उनके बेटे को प्रताड़ित किया और 20 हजार रुपये रिश्वत भी मांग की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पहचान गांव मोहना निवासी सुमेश के रूप में हुई है।
'अगर अपनी भाभी को ले जा सकते हो, तो ले जाओ'
परिजनों के अनुसार सुमेश की पत्नी खुशबू 22 जून को दोपहर करीब 1 बजे गांव मोहना से पलवल बस स्टैंड के लिए निकली थी। उसने परिजनों को बताया था कि वह अपनी बुआ की बेटी के साथ अपने मायके नवादा, बिहार जा रही है, लेकिन अगले दिन 23 जून तक जब वह अपने मायके नहीं पहुंची, तो परिवार चिंतित हो गया। उसी दिन एक अनजान मोबाइल नंबर से मृतक की बहन आशा के सोशल मीडिया पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा गया कि तुम्हारी भाभी उनके पास है। इसके साथ ही उस व्यक्ति ने पैसों की मांग करते हुए एक स्कैनर कोड भेजा और बार-बार रिकॉर्डिंग के माध्यम से पैसे भेजने का दबाव बनाया। परिवार की ओर से पैसे देने से इनकार करने पर उन्हें धमकी दी गई कि अगर अपनी भाभी को ले जा सकते हो, तो ले जाओ। परिजनों ने लोकेशन पूछी, मगर जवाब नहीं मिला।
पति से थाने में हुई मारपीट
इसके बाद परिजन 23 जून को थाना छांयसा पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि वहां पर पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की। शिकायत न केवल नजरअंदाज की गई, बल्कि पीड़ित सुमेश को एक से डेढ़ घंटे तक थाने में बैठाकर पूछताछ की गई उसके फिंगरप्रिंट लिए गए, पैरों के निशान लिए गए और यहां तक कि उसके साथ मारपीट भी गई। मृतक के भाई सरताज का आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
पंखे पर लटक कर कर ली आत्महत्या
मृतक के पिता धर्मवीर ने आरोप लगाया हैं कि पुलिस उनकी बहू की किडनैपिंग की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे, तो पुलिस ने रिपोर्ट लिखने से साफ इनकार कर दिया। इन सब घटनाओं से मानसिक रूप से टूट चुके सुमेश ने अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।