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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Effigies of Ravan Meghnad and Kumbhkaran cost from one to 20 thousand rupees in the market

Dussehra: बाजार में एक से 20 हजार रुपये तक के रावण, मेघनाद और कुंभकरण; रात होते ही मंडराने लगता है इन पर खतरा

Sun, 15 Oct 2023 06:41 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 15 Oct 2023 06:41 PM IST
सार

सचिन कुमार ने बताया कि एक सीजन में करीब दो से ढाई लाख रुपये ये लोग कमा लेते हैं। कानपुर से आसपास एवं रिश्तेदारी के कई परिवार यहां पर आते हैं, जो सड़क पर ही रहना-खाना और पीना करते हैं। 

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Effigies of Ravan Meghnad and Kumbhkaran cost from one to 20 thousand rupees in the market
बाजार में एक से 20 हजार रुपये तक के रावण, मेघनाद और कुंभकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नवरात्रों की शुरुआत के साथ ही दशहरा पर्व की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। 24 अक्तूबर को दशहरा पर्व के आयोजन से पूर्व फरीदाबाद के मुख्य चौराहों पर आपको कारीगर मिल जाएंगे, जो अपनी सुंदर कलाकृति के बल पर रावण, मेघनाथ एवं कुंभकरण के पुतले बनाते हैं। इसमें मुख्य रूप से बांस-बल्ली का प्रयोग किया जाता है, जो ये लोग पलवल से लाते हैं। 

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इसके अलावा अखबार एवं रंगीन पेपर मार्केट से खरीदते हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर से आए ये लोग एक महीने पहले से ही फरीदाबाद में अपना बसेरा डाल लेते हैं और यहां पर मुख्य बाजार में नीलम चौक पर अपनी कारीगरी शुरू कर देते हैं। अगर, आपको ऑर्डर पर रावण, कुंभकरण एवं मेघनाद बनवाने हों तो ये तैयार कर देते हैं। तीन फीट से लेकर 20 फुट ऊंचाई तक के पुतले ये लोग बनाते हैं और अगर आपको इससे भी बड़ा पुतला चाहिए, तो वह भी बना दिया जाता है। 

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इनके द्वारा बनाए गए पुतलों की कीमत एक हजार से लेकर 20 हजार तक होती है और इसमें आपको अलग-अलग प्रकार के साइज में पुतले मिल जाएंगे। कानपुर से सचिन कुमार अपनी पत्नी मधु एवं दो बच्चों के लगभग एक माह पूर्व फरीदाबाद पहुंचे हैं। यह उनका पुश्तैनी काम है। उनका परिवार पीड़ियों से यह काम करता आ रहा है। काली माता की झांकियों के समय मां काली की तस्वीर बनाते हैं, जो मिट्टी द्वारा बनाई जाती है। इसके अलावा गणेश पूजन के अवसर पर गणेश जी की बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं बनाते हैं, जिसमें मुख्य रूप से चूने का प्रयोग किया जाता है।

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एक सीजन में दो से ढाई रुपये की होती है आमदनी
सचिन कुमार ने बताया कि एक सीजन में करीब दो से ढाई लाख रुपये ये लोग कमा लेते हैं। कानपुर से आसपास एवं रिश्तेदारी के कई परिवार यहां पर आते हैं, जो सड़क पर ही रहना-खाना और पीना करते हैं। कानपुर से आई ऊषा ने बताया कि वो नीलम चौक पर ही अपनी चारपाई डालकर खुले में सोते हैं और नहाना-धोने के लिए सुलभ शौचालय का इस्तेमाल करते हैं, जबकि उनके बच्चे नीलम चौक पर लगे फव्वारे में नहा लेते हैं।

रात में चुरा लिया पुतला
कानपुर से आए कारीगर राजीव ने बताया कि बीती रात उनके एक पुतले को किसी ने चुरा लिया, जबकि दो के सिर चुरा लिए। जिसमें उनका कम से कम पांच हजार रुपये का नुकसान हो गया। हालांकि दिन के समय नीलम चौक पर पुलिस रहती है, रात के समय कोई नहीं रहता, तभी इस वारदात को अंजाम दिया गया।

पिछले तीन साल से कानपुर से फरीदाबाद आ रहे हैं कई परिवार
कानपुर निवासी सचिन बीवी, बच्चे, साली ऊषा एवं उसके पति राजीव, क्रांति एवं उसका पति सुरेश तथा पिन्टू अपनी पत्नी किरण व बच्चों के साथ यहां पर आए हैं। वह पिछले तीन साल से फरीदाबाद में आ रहे हैं। एक महीना पूर्व यह लोग आ जाते हैं और इस काम में इनका पूरा परिवार हाथ बंटाता है।

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